कर्नाटक हाईकोर्ट ने चुनावी विज्ञापनों के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मानहानि का मामला खारिज किया
अदालत ने '40 प्रतिशत कमीशन सरकार' के अभियान के खिलाफ भाजपा की शिकायत को खारिज किया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 3:10 · 4 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC), डी.के. शिवकुमार और सिद्धरामैया के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि याचिका को खारिज कर दिया है। भाजपा ने यह मामला 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रकाशित विज्ञापनों के खिलाफ दायर किया था, जिनमें तत्कालीन भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे और उसे "40 प्रतिशत कमीशन सरकार" के रूप में संबोधित किया गया था।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम भी शामिल था, लेकिन हाईकोर्ट ने फरवरी महीने में ही उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही को खारिज कर दिया था। कांग्रेस ने 2023 के चुनाव के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ "40 प्रतिशत कमीशन सरकार" अभियान को मुख्य मुद्दा बनाया था। यह अभियान समाचार पत्रों के विज्ञापनों और बैनरों के माध्यम से चलाया गया था।
इन विज्ञापनों में दावा किया गया था कि सार्वजनिक खरीद, अनुबंध कार्यों के आवंटन और कोविड-19 से संबंधित सामग्री की आपूर्ति सहित अन्य गतिविधियों में 40 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा था। इसके अलावा, यह आरोप लगाया गया था कि भाजपा सरकार ने भ्रष्ट तरीकों से कर्नाटक के लोगों के ₹1,500 करोड़ लूटे हैं। विज्ञापनों में सरकारी पद पाने के लिए "स्कोर कार्ड" और "रेट कार्ड" पेश करने का भी आरोप था, जिसका संदर्भ नियुक्तियों और तबादलों के लिए दिए जाने वाले रिश्वत के पैसों से था।
भाजपा ने अपनी शिकायत में कहा था कि राहुल गांधी ने भी सार्वजनिक भाषणों के दौरान इसी तरह के आरोप लगाए थे। इसके अलावा, भाजपा ने "डबल इंजन गवर्नमेंट" के बजाय "ट्रबल इंजन गवर्नमेंट" शब्द के प्रयोग पर भी आपत्ति जताई थी। भाजपा का दावा था कि यह शब्दावली पार्टी के नाम और प्रतिष्ठा को धूमिल करने तथा चुनावी प्रभाव डालने के लिए इस्तेमाल की गई थी।
राज्य भाजपा इकाई ने मई 2023 में कांग्रेस, उसकी कर्नाटक इकाई और पार्टी नेताओं के खिलाफ एक निजी शिकायत दर्ज कराई थी। ट्रायल कोर्ट ने 2023 में इस मामले का संज्ञान लिया था और उसके बाद 2024 में आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया था। भाजपा ने तर्क दिया था कि स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित "भ्रष्टाचार रेट कार्ड" के विज्ञापनों से पार्टी की छवि खराब हुई है और सरकारी विभागों में नियुक्ति तथा तबादले के लिए रेट और कमीशन के दावे गलत हैं और आरोपियों की "कल्पना" पर आधारित हैं।
दूसरी ओर, KPCC, शिवकुमार और सिद्धरामैया ने हाईकोर्ट में इस मामले को खारिज करने की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया कि यह शिकायत उन्हें परेशान करने के लिए की गई है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि विज्ञापनों में भ्रष्टाचार के आरोप तत्कालीन मुख्यमंत्री और भाजपा कैबिनेट के सदस्यों पर लगाए गए थे, न कि भाजपा राजनीतिक दल पर। इसके अलावा, उन्होंने तर्क दिया कि भाजपा के पास यह मामला दायर करने की कानूनी योग्यता नहीं है, क्योंकि पार्टी वह व्यक्ति या संस्था नहीं है जो कथित मानहानि से सीधे प्रभावित हुई हो।
हाईकोर्ट ने इससे पहले जुलाई महीने में शिवकुमार के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी थी और बाद में यह राहत KPCC को भी दी गई थी। राहुल गांधी के मामले में जनवरी में ट्रायल पर रोक लगा दी गई थी और फरवरी में मामला खारिज कर दिया गया था। अदालत के आदेश की विस्तृत प्रति अभी मिलना बाकी है।
गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો
सुअरों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने वीर्य उत्पादन के नए मानक जारी किए
पूर्वोत्तर भारत में आनुवंशिक सुधार और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए