टेलीकॉम सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के लिए TRAI द्वारा दिशा-निर्देश प्रस्तावित
टेलीकॉम नेटवर्क और सेवाओं में जिम्मेदार AI के उपयोग के लिए TRAI ने ड्राफ्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
30 अक्टूबर 2026, रात 11:21 · अपडेट रात 8:27 · 3 मिनट का पाठ
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भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने ड्राफ्ट दिशा-निर्देश बाहर किए हैं। The Economic Times के रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्तावित ढांचा टेलीकॉम नेटवर्क और सेवाओं में AI के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए तैयार किया गया है। TRAI ने इस दिशा-निर्देश के बारे में सार्वजनिक अभिप्राय और हितधारकों के प्रतिसाद मंगाए हैं, जिसका अंतिम समय २७ नवंबर, २०२६ रखा गया है।
यह प्रस्तावित ढांचा केंद्र सरकार की 'इंडिया AI गवर्नेंस गाइडलाइंस' के साथ सुसंगत रहे उस तरह से तैयार किया गया है। इस दिशा-निर्देश का मुख्य उद्देश्य टेलीकॉम क्षेत्र में AI के उपयोग के दौरान जवाबदेही, पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना है। टेलीकॉम कंपनियों द्वारा AI तकनीक का उपयोग कैसे किया जाए और उससे होने वाले प्रभावों का संचालन कैसे हो, इसके लिए यह दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Business Standard के रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टेलीकॉम सेवा प्रदाता पहले से ही अपने सिस्टम में बड़े पैमाने पर AI का उपयोग कर रहे हैं। इसमें रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां मुख्य रूप से ग्राहकों की पहचान करने के लिए और धोखाधड़ी रोकने के लिए (फ्रॉड प्रिवेंशन) अपने कामकाज में AI तकनीक का व्यापक उपयोग कर रही हैं।
TRAI द्वारा बाहर की गई यह ड्राफ्ट दिशा-निर्देश का हेतू टेलीकॉम नेटवर्क और सेवाओं में AI के जिम्मेदार कार्यान्वयन के लिए एक व्यवस्थित ढांचा पूरा प्रदान करना है। इस प्रक्रिया में टेलीकॉम क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों को उनकी रजुआत और सुझाव देने का अवसर दिया गया है। २७ नवंबर, २०२६ तक मिले प्रतिसाद के आधार पर इस दिशा-निर्देश में जरूरी फेरबदल किए जा सकते हैं।
टेलीकॉम क्षेत्र में AI का बढ़ता हुआ उपयोग एक महत्वपूर्ण मोड़ है। कंपनियां ग्राहक सुरक्षा और सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए इस तकनीक का सहारा ले रही हैं। हालांकि, इसके साथ जुड़े जोखिमों और जवाबदेही के प्रश्नों को ध्यान में रखकर TRAI अब एक नियमनकारी ढांचा खड़ा करने का प्रयास कर रही है, जिससे तकनीक का उपयोग सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से हो सके।
इस दिशा-निर्देश द्वारा टेलीकॉम कंपनियों के लिए जवाबदेही के नियम तय किए जाएंगे, जिससे ग्राहकों के डेटा और सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो, यह सुनिश्चित किया जा सके। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के साथ सुसंगतता बनाए रखने से पूरे देश में AI के उपयोग में एकरूपता आएगी, जो टेलीकॉम सेवाओं के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
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