बिहार के सरकारी स्कूलों के सभी विद्यार्थियों के लिए बैंक खाता खोलना अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने 31 दिसंबर 2026 तक इस प्रक्रिया को पूरा करने का आदेश दिया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 6:09 · 3 मिनट का पाठ
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बिहार के शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया शुरू की है। शिक्षा विभाग द्वारा गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को ऐसे निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक बच्चे का सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक में व्यक्तिगत या संयुक्त बैंक खाता होना चाहिए।
इस अभिनव पहल के हिस्से के रूप में, शिक्षा विभाग ने राज्य भर के सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों के जन्म प्रमाण पत्रों को स्कूल के रिकॉर्ड में रखना अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) द्वारा इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और जिला कार्यक्रम अधिकारियों (DPOs) को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
विभाग द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा 2014 से अपने वित्तीय समावेशन (financial inclusion) अभियान के तहत प्रत्येक व्यक्ति के लिए सरकारी बैंकों में खाता खोलने पर जोर दिया गया है। बैंक खाता खोलने के लिए जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है, और यही दस्तावेज़ स्कूल में प्रवेश पाने के लिए भी अनिवार्य है। इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक पंजीकृत बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र को अपने आधिकारिक रिकॉर्ड में बनाए रखें।
सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने नजदीकी सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं के प्रबंधकों से संपर्क करें और अपने स्कूल में पंजीकृत सभी बच्चों के बैंक खाते खुलवाना सुनिश्चित करें। इस प्रक्रिया में विशेष रूप से उन बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी जो छात्रवृत्ति के लाभ पाने के पात्र हैं।
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि बच्चों के नाम पर बैंक खाते होंगे, तो सरकार के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से धनराशि सीधे स्थानांतरित करना अधिक आसान होगा।
जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए प्रधानाध्यापकों को अपने संबंधित क्षेत्रों के ग्राम पंचायत के मुखिया से संपर्क करने का भी निर्देश दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म प्रमाण पत्र मुखिया या पंचायत सचिव द्वारा दिए जाते हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में संबंधित नगरपालिका या नगर निकाय द्वारा ये प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं।
शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जन्म प्रमाण पत्रों का रिकॉर्ड रखने और बैंक खाते खोलने, ये दोनों कार्य एक विशेष अभियान के माध्यम से 31 दिसंबर 2026 तक पूरे कर लिए जाएं।
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