राज्य में बिजली की बढ़ती मांग के बीच निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार की व्यापक योजना
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में 29,822 मेगावाट की ऐतिहासिक मांग और भविष्य की बिजली योजना पर समीक्षा हुई
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
20 अक्टूबर 2026, रात 8:30 · अपडेट सुबह 11:55 · 3 मिनट का पाठ
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राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली मांग और आपूर्ति की स्थिति की व्यापक समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में ऊर्जा मंत्री श्री ऋषिकेश पटेल, राज्य मंत्री श्री कौशिकभाई वेकरिया और मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार दास सहित उच्च अधिकारी उपस्थित थे। किसानों, उद्योगों और आम नागरिकों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे, इसके लिए सरकार द्वारा उठाए गए तत्काल कदमों और भविष्य की योजना पर बैठक में विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में प्रस्तुत विवरण के अनुसार, गत 16.10.2026 को राज्य में अब तक की सर्वाधिक 29,822 मेगावाट बिजली मांग दर्ज की गई थी, जो पिछले वर्ष के अक्टूबर महीने की 21,822 मेगावाट की तुलना में 36.6% अधिक है। इसी दिन दैनिक बिजली खपत 574 मिलियन यूनिट रही, जो पिछले वर्ष के अक्टूबर के 457 मिलियन यूनिट से 27% अधिक है। राज्य में कुल बिजली खपत में से PGVCL में 30%, DGVCL में 22%, UGVCL में 22%, MGVCL में 10% और अन्य डिस्कॉम में 16% खपत दर्ज की गई है। कमजोर मानसून, उच्च तापमान और कृषि तथा त्योहारों की औद्योगिक मांग के कारण सितंबर और अक्टूबर में बिजली मांग लगभग 12% (4,000 मेगावाट) बढ़ी है। कृषि लोड भी बढ़कर दैनिक अधिकतम 12,000 मेगावाट रहा है।
शाम 5 बजे से रात 11 बजे के दौरान सोलर उत्पादन शून्य रहने के कारण कोयला और गैस आधारित संयंत्रों से आपूर्ति बनाए रखी जा रही है। कोयला आपूर्ति के लिए केंद्रीय मंत्रालय ने नवंबर तक प्रतिदिन 10 से 11 रेक और उसके बाद 13 से 14 रेक देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा केंद्र सरकार से NTPC के फरक्का संयंत्र से 329 मेगावाट, असम के हिस्से से 551 मेगावाट उपलब्ध कराए गए हैं, साथ ही बाढ़-I और दादरी-I के 716 मेगावाट के अनुबंध मार्च 2028 तक बढ़ा दिए गए हैं।
भविष्य की योजना के बारे में ऊर्जा अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि, पीक आवर्स के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के तहत वर्तमान में 192 मेगावाट कार्यरत है और 2,742 मेगावाट के अनुबंध पूरे हो चुके हैं। 2028-29 से सेंट्रल थर्मल से 1300+ मेगावाट और हाइड्रो से 1200+ मेगावाट मिलेंगे। SHAKTI स्कीम के तहत 4,000 मेगावाट के टेंडर जल्द ही जारी होंगे तथा NPCIL के साथ 4,200 मेगावाट के न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के लिए MoU किए गए हैं। उकाई में 800 मेगावाट का थर्मल प्लांट निर्माणाधीन है और सिनोर, वणकबोरी तथा गांधीनगर में नई परियोजनाओं की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने इस कार्य को और गति देने के निर्देश दिए।
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