मुख्य लेखों पर जाएँ
आवतीकालAIटेकविज्ञानराजनीति
आवतीकाल/ विज्ञान
कैपिटल क्रांति समाचार
आवतीकालAIटेकविज्ञानराजनीति
खोजेंकौन लिखता हैकैपिटल क्रांति समाचारसंपादक का पन्ना

रूप

ગુજરાતીEnglishहिन्दी

माइक्रो-CT स्कैनिंग: ऐतिहासिक कलाकृतियों को तोड़े बिना उनके रहस्यों को उजागर करती आधुनिक 'एक्स-रे' दृष्टि

443 वर्ष पुराने ताले से लेकर अंतरिक्ष की चट्टानों तक, माइक्रो-CT तकनीक कैसे किसी वस्तु को नुकसान पहुँचाए बिना उसकी भीतरी दुनिया के दरवाजे खोलती है।

आवतीकाल AI डेस्क6 नवंबर 2026 · 6 मिनट का पाठ
नासा के वैज्ञानिक एक्स-रे माइक्रो-सीटी स्कैनिंग उपकरण के भीतर नमूने की जाँच कर रहे हैं।
नासा के वैज्ञानिक एक्स-रे माइक्रो-सीटी स्कैनिंग उपकरण के भीतर नमूने की जाँच कर रहे हैं।
WhatsApp पर भेजें

पुरातत्वशास्त्र और विज्ञान के संगम पर एक ऐसी तकनीक उभरी है जो इतिहास के बंद दरवाजों को भौतिक रूप से खोले बिना ही उसके अंदर झांकने की शक्ति देती है। हाल ही में वेल्स के तट से मिले १५८३ के एक जहाज़ के मलबे से शोधकर्ताओं को पीतल का एक प्राचीन कॉम्बिनेशन लॉक (combination lock) मिला था। यह ताला पिछले ४४३ वर्षों से समुद्र के भीतर दबा हुआ था और इसके आंतरिक भाग जंग तथा समय के कारण जाम हो गए थे। यदि इस ताले को जबरन खोलने का प्रयास किया गया होता, तो यह हमेशा के लिए नष्ट हो गया होता। परंतु, माइक्रो-सीटी (micro-CT) स्कैनिंग की मदद से वैज्ञानिक इस ताले को छुए बिना ही इसकी अंदरूनी संरचना देख सके और इसका चार अक्षरों का गुप्त कोड भी सुलझा सके।

यह सफलता केवल एक ताले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि कैसे आधुनिक विज्ञान अतीत के रहस्यों को सुरक्षित तरीके से उजागर कर सकता है। कंप्यूटेड टोमोग्राफी (Computed Tomography) या सीटी स्कैन, जिसे पहले कंप्यूटेड एक्सियल टोमोग्राफी (CAT scan) के रूप में जाना जाता था, वह मूल रूप से चिकित्सा निदान के लिए विकसित की गई पद्धति है। इस तकनीक का उपयोग करके शरीर के आंतरिक भागों की विस्तृत छवियां प्राप्त की जाती हैं। १९७० के दशक में इसके विकास के बाद, सीटी स्कैनिंग एक अत्यंत बहुमुखी इमेजिंग तकनीक साबित हुई है। ब्रिटिश इलेक्ट्रिकल इंजीनियर गॉडफ्रे हॉन्सफिल्ड और दक्षिण अफ्रीका के अमेरिकी भौतिक विज्ञानी एलन मैकलेओड कॉर्मेक को इस क्रांतिकारी खोज के लिए १९७९ में फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।

सीटी स्कैन कैसे काम करता है?यह प्रक्रिया वस्तु को नुकसान पहुंचाए बिना उसकी अंदरूनी छवि बनाती है.
  1. एक्स-रे प्रक्षेपणएक घूमती ट्यूब वस्तु पर विभिन्न कोणों से एक्स-रे किरणें फेंकती है.
  2. शोषण मापनवस्तु की अंदरूनी घनत्व के अनुसार एक्स-रे किरणों का शोषण (attenuation) होता है, जो डिटेक्टर्स द्वारा मापा जाता है.
  3. डेटा प्रोसेसिंगकंप्यूटर इन हजारों मापों को इकट्ठा करके गणितीय एल्गोरिदम की मदद से प्रोसेस करता है.
  4. वर्चुअल स्लाइस निर्माणवस्तु के आंतरिक भाग की पतली स्लाइस या 3D मॉडल तैयार किया जाता है.

सीटी स्कैनर कैसे काम करता है यह समझना दिलचस्प है। इसमें एक घूमती हुई एक्स-रे ट्यूब और डिटेक्टर्स (detectors) की एक पंक्ति होती है जो गैंट्री (gantry) नामक गोलाकार ढांचे में व्यवस्थित होती है। जब किसी वस्तु या व्यक्ति को इस मशीन में रखा जाता है, तो एक्स-रे किरणें विभिन्न कोणों से उसमें से गुजरती हैं। पदार्थ के विभिन्न भाग एक्स-रे किरणों का अलग-अलग मात्रा में अवशोषण करते हैं, जिसे एक्स-रे एटेन्यूएशन (X-ray attenuation) कहा जाता है। इन मापों को कंप्यूटर पर टोमोग्राफिक रिकंस्ट्रक्शन एल्गोरिदम (tomographic reconstruction algorithms) का उपयोग करके संसाधित किया जाता है। परिणामस्वरूप, वस्तु के आंतरिक भाग के वर्चुअल 'स्लाइस' या अनुप्रस्थ काट की छवियां तैयार होती हैं। यह प्रक्रिया ऐसी है जैसे कि आप ब्रेड के पूरे लोफ को काटे बिना ही उसके अंदर की प्रत्येक स्लाइस को अलग-अलग देख पा रहे हों।

माइक्रो-CT मेडिकल CT स्कैन का ही एक अधिक शक्तिशाली रूप है। जहाँ सामान्य मेडिकल स्कैनर मिलीमीटर के स्तर पर विवरण देता है, वहीं माइक्रो-CT माइक्रोमीटर के स्तर पर यानी बाल की मोटाई से भी छोटे स्तर पर वस्तु की आंतरिक संरचना दिखा सकता है। यही कारण है कि नासा (NASA) जैसे अंतरिक्ष संगठन इसका उपयोग उल्कापिंड या एस्टेरॉयड के नमूनों की जाँच करने के लिए करते हैं। विकिमीडिया कॉमन्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक्स-रे कंप्यूटेड टोमोग्राफी स्कैन द्वारा एस्टेरॉयड के नमूने में मौजूद आंतरिक दरारों का जाल स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जो इसके निर्माण और इतिहास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देता है।

सीटी स्कैनिंग के विभिन्न प्रकार और उपयोगप्रत्येक प्रकार विशिष्ट आवश्यकता के अनुसार काम करता है.
प्रकारमुख्य विशेषताउपयोग
सिक्वेंशियल सीटीस्टेप-एंड-शूट पद्धतिस्थिर अंगों का स्कैनिंग
स्पायरल सीटीसतत घूमती ट्यूब और टेबलतेज़ और सस्ता स्कैनिंग
इलेक्ट्रॉन बीम (EBCT)अत्यंत तेज़ स्वीप स्पीडहृदय और धमनियों की जांच
डुअल एनर्जी सीटीदो अलग ऊर्जा स्तरपदार्थ का घनत्व और रासायनिक भेद
PET-CTहाइब्रिड इमेजिंगकेंसर की जांच और मेटाबोलिक गतिविधि

टेक्नोलॉजी के आधार पर CT स्कैनर के कई प्रकार हैं। सबसे आम प्रकार 'सिक्वेंशियल सीटी' (Sequential CT) है, जिसमें स्कैनिंग टेबल स्टेप-बाय-स्टेप आगे बढ़ती है और प्रत्येक स्टॉप पर एक स्लाइस ली जाती है। दूसरी ओर, 'स्पायरल सीटी' (Spiral CT) या हेलिकल सीटी में एक्स-रे ट्यूब लगातार घूमती रहती है और टेबल भी लगातार आगे बढ़ती है, जो तेज स्कैनिंग की सुविधा देती है। हृदय और धमनियों जैसी गतिशील संरचनाओं के लिए 'इलेक्ट्रॉन बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी' (EBCT) का उपयोग होता है, जो अत्यंत तीव्र होने के कारण छवियों में धुंधलापन नहीं आने देती। इसके अलावा, 'डुअल एनर्जी सीटी' (Dual energy CT) दो अलग-अलग ऊर्जा स्तरों का उपयोग करके पदार्थ की घनत्व और रासायनिक संरचना के बारे में अधिक सटीक जानकारी देती है।

एक्स-रे कंप्यूटेड टोमोग्राफी स्कैन द्वारा एस्टेरॉयड के नमूने में दिखने वाली आंतरिक दरारें.
एक्स-रे कंप्यूटेड टोमोग्राफी स्कैन द्वारा एस्टेरॉयड के नमूने में दिखने वाली आंतरिक दरारें. (NASA/Scott Eckley, Public domain, Wikimedia Commons)

उद्योगों में भी माइक्रो-CT का उपयोग बढ़ रहा है। उदाहरण के लिए, पॉलिमर रस्सी (polymer rope) की आंतरिक संरचना की जाँच करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। विकिमीडिया कॉमन्स के ३D माइक्रो-CT स्कैन रेंडर दर्शाते हैं कि कैसे रस्सी के आंतरिक रेशे एक-दूसरे के साथ बुने हुए होते हैं। इस प्रकार की स्कैनिंग रस्सी की मजबूती और उसमें मौजूद कमियों को समझने में मदद करती है, जो पर्वतारोहण या औद्योगिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस तकनीक की मदद से हम वस्तु के बाहरी स्वरूप को नुकसान पहुँचाए बिना उसके आंतरिक विन्यास और क्रॉस-सेक्शन को विस्तार से देख सकते हैं।

मेडिकल क्षेत्र में CT स्कैन का उपयोग नाटकीय रूप से बढ़ा है। अमेरिका में २००७ में लगभग ७.२ करोड़ स्कैन किए गए थे, जो २०१५ तक बढ़कर ८ करोड़ से अधिक हो गए थे। मस्तिष्क में स्ट्रोक, ट्यूमर (tumors), कैल्शियम का जमाव या हड्डी की चोट का पता लगाने के लिए हेड सीटी स्कैन अनिवार्य है। फेफड़े के मामले में, सामान्य एक्स-रे जो कमियाँ नहीं दिखा सकते, वे हाई-रिज़ॉल्यूशन सीटी द्वारा पकड़ी जा सकती हैं। हालांकि, बार-बार स्कैनिंग करवाने से विकिरण के खतरे भी बने रहते हैं। फेफड़े में कभी-कभी 'इंसिडेंटलोमा' (incidentaloma) यानी लक्षणों के बिना छोटी गांठें देखने को मिलती हैं, जो ज्यादातर हानिकारक नहीं होती हैं, लेकिन इसके कारण मरीजों में अनावश्यक चिंता और बार-बार स्कैनिंग करवाने की प्रवृत्ति बढ़ती है।

अमेरिका में वार्षिक सीटी स्कैन की संख्या में वृद्धिआंकड़े मिलियन में दर्शाए गए हैं.
वर्ष 20077.2
वर्ष 20158

કરોડ સ્કેન

हड्डियों और जोड़ों की जटिल चोटों के लिए CT स्कैन को गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता है क्योंकि यह 0.2 मिलीमीटर जितनी बारीक डिटेल भी दे सकता है। हृदय की जांच के लिए 'कोरोनरी सीटी एंजियोग्राफी' (CCTA) का उपयोग किया जाता है, जिसमें नस में कॉन्ट्रास्ट एजेंट इंजेक्ट करके धमनियों में मौजूद रुकावटों की जांच की जाती है। इसके अलावा, किडनी की पथरी के निदान के लिए नॉन-कॉन्ट्रास्ट सीटी स्कैन सबसे सटीक पद्धति है, जो पथरी का आकार, माप और घनत्व मापकर इलाज तय करने में मदद करती है।

माइक्रो-सीटी स्कैन द्वारा दिखने वाली पॉलीमर रस्सी की आंतरिक रेशमी संरचना.
माइक्रो-सीटी स्कैन द्वारा दिखने वाली पॉलीमर रस्सी की आंतरिक रेशमी संरचना. (SecretDisc, CC BY-SA 3.0, Wikimedia Commons)

भारत जैसे देश के लिए, जहाँ हज़ारों साल पुराना इतिहास और अनगिनत पुरातात्विक अवशेष हैं, माइक्रो-CT तकनीक वरदान साबित हो सकती है। हमारी प्राचीन पांडुलिपियाँ जिन्हें खोलते ही टूट जाने का डर हो, या ज़मीन से मिले धातु के अवशेष जो जंग के कारण आपस में चिपक गए हों, उन्हें इस तकनीक द्वारा डिजिटल रूप से खोला जा सकता है। आम लोगों के लिए इस तकनीक का अर्थ यह है कि भविष्य में हम इतिहास को केवल बाहर से ही नहीं, बल्कि उसके अंदर छिपे रहस्यों के साथ भी अनुभव कर सकेंगे। हालाँकि, उच्च गुणवत्ता वाले माइक्रो-CT स्कैनर की कीमत और उसके संचालन के लिए ज़रूरी विशेषज्ञों की उपलब्धता अभी भी एक चुनौती है, लेकिन जैसे-जैसे तकनीक सस्ती होगी, वैसे-वैसे इसका दायरा बढ़ता जाएगा।

स्रोत

  1. toi-world
  2. Wikipedia

विज्ञान

सब देखें
कॉर्नियल ट्रांसप्लांट के एक दिन बाद मानव आंख का क्लोज-अप दृश्य, जिसमें सर्जिकल टांके स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।

आंख की खिड़की बदलने की चिकित्सा क्रांति: कॉर्नियल ट्रांसप्लांट और दृष्टि बहाल करने का विज्ञान

जब प्राकृतिक लेंस धुंधला पड़ जाए, तो आधुनिक विज्ञान कैसे किसी और की आंख के टुकड़े या कृत्रिम तरीके से दृष्टि वापस लाता है, इसकी गहरी समझ।

आवतीकाल AI डेस्क6 नव.7 मिनट का पाठ
दक्षिण कोरिया की आधुनिक सबमरीन ROKS Dosan Ahn Changho बंदरगाह छोड़ रही है, जो देश की बढ़ती नौसैनिक शक्ति का प्रतीक है।

दक्षिण कोरिया का 'जंग बोगो N' मिशन: परमाणु शक्ति से लैस सबमरीन तकनीक का नया अध्याय

दक्षिण कोरिया ने 2027 से अपनी पहली स्वदेशी परमाणु-संचालित सबमरीन बनाने की योजना को मंजूरी दी है, जो समुद्र में उसकी रणनीतिक क्षमताओं को कई गुना बढ़ा देगी।

आवतीकाल AI डेस्क6 नव.6 मिनट का पाठ
नासा लैंग्ली विंड टनल फैसिलिटी में छोटे विमान मॉडल के साथ मैरी जैक्सन। नासा के एरोनॉटिक्स अनुसंधान का इतिहास दशकों पुराना है।

नासा का नया X-70 फ्रैक्कल: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एयरोस्पेस डिज़ाइन के नए युग का आरंभ

नासा ने अपने नए प्रायोगिक विमान X-70 फ्रैक्कल की घोषणा की है, जो उन्नत फ्लाइट कंट्रोल और मॉड्यूलर डिज़ाइन के माध्यम से विमान निर्माण की पद्धतियों को बदल देगा।

आवतीकाल AI डेस्क6 नव.6 मिनट का पाठ
आवतीकाल
AIटेकविज्ञानराजनीतिकैपिटल क्रांति समाचार
हमारे बारे मेंसंपादकीय नीतिहम कैसे जाँचते हैंसंपर्क
© 2026 कैपिटल क्रांति