अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वालों को मिलने वाले विभिन्न लाभों का विवरण
सेवा निधि पैकेज, बीमा कवर और सरकारी नौकरियों में आरक्षण सहित लाभों की जानकारी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 1:39 · 5 मिनट का पाठ
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अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को मिलने वाले विभिन्न आर्थिक और व्यावसायिक लाभों के विवरण सामने आए हैं। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सभी अग्निवीर नियमित सैनिकों की तरह सेना में नहीं रहते हैं। संस्था की आवश्यकता और निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। शेष अग्निवीरों को अपनी सेवा पूरी करने के बाद नागरिक जीवन में लौटना होगा।
सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को एकमुश्त 'सेवा निधि पैकेज' दिया जाता है। इस पैकेज में अग्निवीर द्वारा जमा की गई राशि और सरकार द्वारा किया जाने वाला समान योगदान दोनों शामिल हैं। इस राशि पर लागू होने वाला ब्याज भी इसमें जोड़ा जाता है। सरकार द्वारा योजना की शुरुआत में दी गई जानकारी के अनुसार, चार साल बाद यह सेवा निधि पैकेज लगभग ₹11.71 लाख का बताया गया था। इस राशि में अग्निवीर का योगदान लगभग ₹5.02 लाख था और सरकार ने उसके बराबर का योगदान देने का निर्णय लिया था। ब्याज जुड़ने के कारण अंतिम भुगतान की राशि में बदलाव हो सकता है। विशेष बात यह है कि इस सेवा निधि पैकेज को आयकर से छूट दी गई है। यह एकमुश्त भुगतान है, मासिक पेंशन नहीं है।
पेंशन और ग्रेच्युटी के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि, चार साल की सेवा पूरी करके बाहर निकलने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिकों की तरह पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता है। सरकार द्वारा अग्निपथ योजना के प्रारंभ में ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीर पेंशन और ग्रेच्युटी के हकदार नहीं होंगे। हालांकि, जो अग्निवीर नियमित कैडर में चुने जाते हैं, उनके लिए सेवा की शर्तें अलग हैं। उन्हें आगे कम से कम 15 वर्ष की सेवा करनी होगी, जिसके बाद वे नियमित सैनिकों पर लागू होने वाले नियमों के अनुसार पेंशन और अन्य सेवा लाभों के पात्र बन सकते हैं।
सेवा के दौरान अग्निवीरों को ₹48 लाख का जीवन बीमा कवर भी दिया जाता है। यह बीमा 'नॉन-कंट्रीब्यूटरी' है, यानी अग्निवीर को इस बीमा के लिए अलग से कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता है। हालांकि, यह बीमा कवर केवल सेवा की अवधि के दौरान ही प्रभावी रहता है। चार साल बाद सेवा से बाहर निकलने के बाद यह कवर स्वतः जारी नहीं रहता है। ड्यूटी के दौरान मृत्यु या विकलांगता जैसी स्थितियों में, अलग से लागू नियमों के तहत आर्थिक सहायता और अन्य लाभ मिल सकते हैं। इस सहायता की राशि और पात्रता घटना के प्रकार और सरकारी नियमों पर आधारित होगी।
पुनः रोजगार प्राप्त करने में मदद करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कुछ भर्तियों में आरक्षण और आयु सीमा में छूट का प्रावधान किया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, जुलाई 2026 में पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर 50 प्रतिशत खाली पदों को आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी, जबकि अग्निवीरों के पहले बैच को पांच वर्ष की छूट मिलेगी। इन पदों की भर्ती में उन्हें शारीरिक मानक परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा से भी छूट दी गई है। हालांकि, नियुक्ति के लिए संबंधित भर्ती के अन्य नियमों और पात्रता को पूरा करना अनिवार्य होगा।
रेलवे क्षेत्र में भी आरक्षण की व्यवस्था की गई है। भारतीय रेलवे द्वारा पूर्व अग्निवीरों के लिए लेवल-1 के पदों पर 10 प्रतिशत और लेवल-2 तथा उससे ऊपर के पदों पर 5 प्रतिशत आरक्षण रखने का प्रावधान किया गया है। इन पदों की भर्ती संबंधित रेलवे भर्ती बोर्ड और रेलवे भर्ती केंद्रों द्वारा की जाती है। उम्मीदवारों को भर्ती की निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता को पूरा करना होगा।
अग्निवीरों को उनकी चार साल की सेवा के दौरान सैन्य प्रशिक्षण के साथ तकनीकी और अन्य व्यावसायिक कौशल भी सिखाए जाते हैं। सेवा पूरी होने के बाद, उनके कौशल और अनुभव को प्रमाणित करने वाला 'स्किल सर्टिफिकेट' दिया जाता है, जो उन्हें सेना के बाहर निजी और सरकारी क्षेत्रों में नौकरी खोजने में मदद कर सकता है।
शैक्षिक योग्यता बढ़ाने के लिए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने NIOS और IGNOU के साथ समझौते किए हैं। इन समझौतों के तहत, पात्र अग्निवीरों को 10वीं, 12वीं और स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई पूरी करने का अवसर दिया जाएगा।
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