पलनी मठ भूमि धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया
जमानत याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और आरोपी दोनों को नोटिस दिया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 11:28 · अपडेट दोपहर 1:44 · 3 मिनट का पाठ
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 2 नवंबर, 2026 को, पलनी मठ की भूमि के कथित धोखाधड़ीपूर्ण पंजीकरण से जुड़े मामले में आरोपियों की जमानत याचिका के संदर्भ में तमिलनाडु राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले में मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने 31 अगस्त, 2026 को आरोपी के. वेल्थुरै की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसे चुनौती देते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार द्वारा दायर हस्तक्षेप आवेदन पर भी आरोपी के. वेल्थुरै को नोटिस जारी किया है। यह मामला पलनी में स्थित धनपणी स्वामी मठ की 1.40 एकड़ भूमि की अवैध बिक्री से संबंधित है।
इससे पहले, 25 सितंबर, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने वेल्थुरै की जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी थी। उस समय अदालत ने टिप्पणी की थी कि जांच अभी भी जारी है और चूंकि यह विशेष अनुमति याचिका लंबित है, इसलिए राज्य सरकार की जांच प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी।
अगस्त 2026 में मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने इस मामले के चार आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इन चार आरोपियों में निलंबित सब-रजिस्ट्रार जस्टिन माणिकंदन सुब्रमण्यम, भूमि विक्रेता डी. मुरुगादास, और भूमि खरीदार के रूप में के. वेल्थुरै और डी. सेतुपति शामिल हैं।
इस धोखाधड़ी के मामले की जांच क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CB-CID) द्वारा की जा रही है। जुलाई 2026 में, CB-CID ने डी. मुरुगादास, के. वेल्थुरै, डी. सेतुपति और एस. अनवरदीन को गिरफ्तार किया था, जिस पर कथित तौर पर समाधान में मदद करने का आरोप है। इसके बाद, अगस्त 2026 में, सब-रजिस्ट्रार जस्टिन माणिकंदन सुब्रमण्यम और दस्तावेज़ लेखक जयप्रकाश को भी गिरफ्तार किया गया था।
अपनी निर्दोषता का दावा करते हुए आरोपी के. वेल्थुरै ने कहा कि वह एक वास्तविक खरीदार हैं और खुद को समृद्ध बनाने के लिए इस तरह के भूमि लेनदेन में शामिल होने का उनके पास कोई कारण नहीं था। इस मामले में पलनी मठ की 1.40 एकड़ भूमि की कथित अवैध बिक्री की जांच चल रही है।
इस मामले की पृष्ठभूमि में पलनी में स्थित धनपणी स्वामी मठ की भूमि धोखाधड़ी के आरोपों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शामिल है, जिसमें सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप हैं।
(नोट: यह समाचार पलनी मठ भूमि धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय पर आधारित है।)
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