तिहाड़ जेल में आफताब पूनावाला को जान से मारने की धमकी, अदालत ने सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया
श्रद्धा वॉलकर हत्याकांड के आरोपी ने जेल के कैदियों द्वारा चेहरे पर हमला करने की धमकी मिलने की शिकायत की थी।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 1:38 · 3 मिनट का पाठ
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दिल्ली की एक अदालत ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे श्रद्धा विकास वॉलकर की हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाएं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरविंदर सिंह जग्गी ने यह निर्देश तब दिया जब 28 वर्षीय आफताब ने अदालत में शिकायत की कि पिछले 10 दिनों से जेल के अन्य कैदी उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आफताब वर्तमान में तिहाड़ जेल के स्पेशल सेल में बंद है, जिसे सजा का वार्ड माना जाता है।
अदालत के आदेश के अनुसार, आफताब ने बताया था कि कुछ कैदी उसे धमकी दे रहे हैं कि वे 'सुआ' यानी सुई जैसे हथियारों का इस्तेमाल करके उसके चेहरे को चीर देंगे और उसे शारीरिक नुकसान पहुंचाएंगे। आफताब ने अदालत के समक्ष ऐसे पांच कैदियों के नाम भी उजागर किए हैं। इस गंभीर मामले को ध्यान में रखते हुए, न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक को आदेश दिया है कि यदि जरूरत महसूस हो तो आफताब को अन्य वार्ड या सेल में स्थानांतरित किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अंडर ट्रायल कैदी की सुरक्षा न्यायप्रणाली का मुख्य सिद्धांत है और राज्य का कर्तव्य है कि वह प्रत्येक आरोपी को सुरक्षित रखे, जो निष्पक्ष ट्रायल के अधिकार का एक हिस्सा है।
न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक को इस मामले में उठाए गए कदमों की रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करने के लिए भी कहा है। इस आदेश की एक प्रति जेल अधीक्षक के अलावा महरौली पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारी और एसएचओ (SHO) को भी भेज दी गई है।
इस मामले के विवरण के अनुसार, 18 मई, 2022 को आफताब पूनावाला ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वॉलकर की गुस्से में आकर गला घोटकर हत्या कर दी थी। आफताब ने श्रद्धा के शव के टुकड़े कर दिए और उन्हें छत्तरपुर पहाड़ी स्थित अपने घर के फ्रिज में रख दिया और उसके बाद कई दिनों तक पास के जंगल में फेंक दिया। जनवरी 2023 में पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें आफताब पर हत्या, अपहरण और सबूत नष्ट करने के आरोप लगाए गए थे। जांच में सामने आया था कि श्रद्धा किसी अन्य व्यक्ति से डेटिंग ऐप के जरिए बात कर रही थी, जिससे आफताब नाराज था।
मई 2023 में दिल्ली की अदालत ने आफताब के खिलाफ आरोप तय किए थे। अदालत ने नोट किया था कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत की गई सामग्री पर्याप्त है। आफताब द्वारा खुद को बेकसूर बताने के बाद ट्रायल शुरू हुआ, जो वर्तमान में फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पेंडिंग है। अभियोजन पक्ष इस मामले में हड्डियां, बालों के गुच्छे, जबड़ा और घर के आसपास से मिले खून के नमूनों के साथ-साथ गवाहों के बयानों को मुख्य सबूत मान रहा है। अभी भी गवाहों की जांच की जानी बाकी है, जबकि दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले के ट्रायल के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय करने से इनकार कर दिया है।
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