डिजिटल एसेसिबिलिटी पालन के लिए सेबी ने समयसीमा जनवरी तक बढ़ाई
मार्केट सहभागियों की विनंती के बाद नियंत्रित संस्थाओं को अब ३१ जनवरी तक का समय मिलेगा
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
1 नवंबर 2026, दोपहर 2:36 · अपडेट सुबह 1:11 · 1 मिनट का पाठ
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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने डिजिटल एसेसिबिलिटी से संबंधित परिपत्रों के पालन के लिए समयसीमा अगले साल ३१ जनवरी तक बढ़ा दी है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, मार्केट के सहभागियों द्वारा की गई विनंतियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
सेबी ने बताया है कि इस समयसीमा में इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एसेसिबिलिटी प्रोफेशनल्स (IAAP) के ऑडिटर की नियुक्ति करना, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का एसेसिबिलिटी ऑडिट करना और ऑडिट के दौरान मिले निष्कर्षों का निवारण करना जैसी मुख्य जरूरतें शामिल हैं। ये सभी आवश्यकताएं 'राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज एक्ट, २०१६' और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनिवार्य पालन से जुड़ी हैं।
नियंत्रित संस्थाओं द्वारा पालन स्थिति सबमिट करने के लिए समयसीमा बढ़ाने को लेकर प्रस्तुतियां दी गई थीं, जिनकी सेबी ने समीक्षा की थी। संस्था ने यह भी नोट किया है कि उन्होंने संस्थाओं द्वारा किए गए प्रगति के काम का भी निरीक्षण किया है। इस संदर्भ में सेबी द्वारा जुलाई, अगस्त, सितंबर और दिसंबर २०२५ तथा ३१ जुलाई, २०२६ में पांच पिछले संचार जारी किए गए थे।
सेबी ने स्पष्ट किया है कि पिछले परिपत्रों के अन्य सभी प्रावधान यथावत रहेंगे और नियंत्रित संस्थाओं के लिए उनका पालन करना अनिवार्य होगा। इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करना, विकास को बढ़ावा देना और सिक्योरिटीज मार्केट का विनियमन करना है।
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