सिख समुदाय पर बयान के मामले में राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत
अदालत ने विवादित बयान के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 1:52 · अपडेट दोपहर 2:30 · 3 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सिख समुदाय के बारे में की गई कथित टिप्पणी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस मामले में इससे पहले वाराणसी की निचली अदालत ने भी याचिकाकर्ताओं की मांग को ठुकरा दिया था, जिसे चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा विवाद सितंबर 2024 में राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि राहुल गांधी ने अमेरिका में सिख समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि भारत में सिख समुदाय के लोगों को कड़ा पहनने, पगड़ी बांधने और गुरुद्वारा जाने की स्वतंत्रता को लेकर स्थिति चिंताजनक है। इस बयान को आधार बनाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई थी।
इस मामले में नागेश्वर मिश्रा और अन्य लोगों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता नागेश्वर मिश्रा, जो पूर्व ग्राम प्रधान और समाजसेवी हैं, उनके वकील सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी ने तर्क दिया कि यह बयान गंभीर है और इसकी जांच होनी चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 के तहत कार्रवाई करने की मांग की थी। वकील ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी के इस बयान के अगले ही दिन खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने उनके बयान का समर्थन किया था। याचिकाकर्ताओं ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(4) के तहत भी प्रयास किया था, लेकिन निचली अदालत से उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी।
हाईकोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने इस पूरे मामले में राहुल गांधी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद राहुल गांधी को इस कथित विवादित बयान के मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश से याचिकाकर्ताओं की एफआईआर दर्ज करने की मांग का अंत हो गया है।
राहुल गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में सेवा दे रहे हैं। वे अतीत में कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं और वायनाड तथा रायबरेली जैसे निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वे नेहरू-गांधी परिवार के सदस्य हैं और लंबे समय से भारतीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न बयान अक्सर राजनीतिक चर्चाओं और कानूनी विवादों का केंद्र बनते रहे हैं।
યુપીના ખેડૂતો હવે વિમાન માટે હાઇડ્રોજનનું ઉત્પાદન કરશે તેમ ગડકરીનું નિવેદન
કેન્દ્રીય મંત્રી નીતિન ગડકરીએ જણાવ્યું કે ખેતીના કચરા અને પાણીમાંથી હાઇડ્રોજન બનાવીને વિમાન, કાર અને ટ્રેનો ચલાવવામાં આવશે.
बिहार के सरकारी स्कूलों में 2026-27 से कक्षा 1 और 2 में क्षेत्रीय भाषाएं आएंगी
मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है
गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।