68,500 शिक्षक भर्ती के उम्मीदवारों ने एससीईआरटी कार्यालय का घेराव किया
आठ साल से नियुक्ति की राह देख रहे उम्मीदवारों ने आरक्षण की गलतियों को सुधारकर भर्ती पूरी करने की मांग की
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
4 नवंबर 2026, शाम 5:56 · 3 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के उम्मीदवारों द्वारा लगातार 70 दिनों से चल रहे आंदोलन के तहत निशातगंज स्थित स्टेट एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग काउंसिल (एससीईआरटी) कार्यालय का घेराव किया गया। बुधवार को हुए इस आंदोलन में उम्मीदवारों ने कार्यालय के परिसर में जमीन पर बैठकर नारेबाजी की और भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण को लेकर हुई गड़बड़ी को दूर कर तत्काल नियुक्ति देने की मांग की।
आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का आरोप है कि वर्ष 2018 में शुरू हुई इस भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी बड़ी खामियां रह गई हैं। उम्मीदवारों ने बताया कि उन्होंने इस भर्ती के लिए आवेदन किया था, लेकिन आठ साल बीत जाने के बावजूद अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिल सकी है। इस लंबी अवधि के दौरान उम्मीदवारों ने अपनी मांगें मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तक पहुंचाई हैं, लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकला है।
आंदोलनकारी उम्मीदवार नवीन द्वारा जानकारी दी गई कि 10 सितंबर को उनकी मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के साथ हुई थी। इस बैठक में दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे थे। नवीन का दावा है कि इस बैठक के दौरान मंत्रियों और अधिकारियों ने भर्ती में हुई गड़बड़ी की बात स्वीकार की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी आरक्षण में गलतियां होने की बात स्वीकार कर चुके हैं, तो उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति क्यों नहीं दी गई है? उम्मीदवारों का कहना है कि आयोगों के आदेशों का पालन करके नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, आंदोलन में शामिल उम्मीदवार तूफान सिंह ने भी आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर आरक्षण को लेकर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने आगे बताया कि राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी इस मामले में नियमों का पालन करने के लिए निर्देश दिए हैं। उम्मीदवारों की मुख्य मांग है कि आयोगों के आदेशानुसार भर्ती में रही आरक्षण की विसंगतियों को दूर किया जाए और उन्हें उचित तरीके से नियुक्ति दी जाए। उम्मीदवारों ने चिंता व्यक्त की कि आठ साल से नौकरी की राह देख रहे उम्मीदवारों का भविष्य अनिश्चितता में है। जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा, ऐसी चेतावनी भी दी गई है।
यह पूरा विवाद 2018 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। उम्मीदवारों का मुख्य विरोध इस बात पर है कि आठ साल की लंबी अवधि के बाद भी प्रशासन द्वारा आरक्षण की गलतियों को सुधारकर उन्हें न्याय नहीं दिया गया है। उम्मीदवारों ने एससीईआरटी कार्यालय के घेराव के जरिए सरकार और संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचने का प्रयास किया है।
ન્યુઝીલેન્ડ સામે ટેસ્ટ શ્રેણી પૂર્વે બુમરાહ અને જાડેજા ઈન્ડિયા એ ટીમમાં સામેલ થશે
લિંકન ખાતે શનિવારથી શરૂ થતી ન્યુઝીલેન્ડ એ સામેની અંતિમ ચાર-દિવસીય મેચમાં દિગ્ગજ ખેલાડીઓ રમશે
NHAI ने चार लेन और उससे अधिक चौड़े राजमार्गों के लिए बैरियर-लेस टोलिंग गाइडलाइन्स जारी कीं
नई तकनीक के माध्यम से वाहनों को टोल बूथ पर रोके बिना ही टोल संग्रह किया जाएगा
BCI ने लॉ कोर्स के लिए आयु सीमा हटाई, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा किया
3 वर्ष और 5 वर्ष के LLB कोर्स में अब उम्र का कोई बंधन नहीं रहेगा