केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को ₹१,०९,०१९ करोड़ की कर हिस्से की अतिरिक्त किस्त मिली
आगामी त्योहारों की सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्यों के विकास और कल्याणकारी खर्च के लिए यह अतिरिक्त राशि जारी की गई है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
1 नवंबर 2026, रात 10:15 · अपडेट सुबह 12:27 · 3 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को कर के हिस्से के रूप में ₹१,०९,०१९ करोड़ की अतिरिक्त किस्त जारी की है। PIB के रिपोर्ट के अनुसार, ३१ अक्टूबर २०२६ के दिन यह राशि राज्यों को भेजी गई है। यह राशि राज्यों को मिलने वाले नियमित मासिक कर हिस्से के अलावा की है। चालू वित्त वर्ष में यह दूसरी अतिरिक्त किस्त है जो केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दी गई है।
वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह राशि आगामी त्योहारों की सीजन को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है। इसके मुख्य उद्देश्यों में यह है कि राज्य अपने पूंजी खर्च में तेजी ला सकें और विकास तथा कल्याण संबंधित खर्चों के लिए वित्तीय व्यवस्था कर सकें। Business Standard के रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल केंद्र द्वारा एकत्रित किए गए कर का ४१ प्रतिशत हिस्सा एक वित्त वर्ष के दौरान १४ किस्तों में राज्यों को दिया जाता है।
राज्यों को मिलने वाले आवंटन के आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा हिस्सा प्राप्त करने वाला राज्य बना है, जिसे ₹१९,२०८ करोड़ दिए गए हैं। इसके बाद बिहार को ₹१०,८४५ करोड़ का आवंटन किया गया है। The Economic Times के रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश को ₹८,०१० करोड़, पश्चिम बंगाल को ₹७,८६६ करोड़, महाराष्ट्र को ₹७,०२२ करोड़ और राजस्थान को ₹६,४६० करोड़ प्राप्त हुए हैं। ओडिशा को ₹४,८१९ करोड़ और आंध्र प्रदेश को ₹४,५९७ करोड़ दिए गए हैं। The Hindu के रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक को ₹४,५०४ करोड़ की अतिरिक्त किस्त मिली है।
PIB द्वारा जारी किए गए राज्यवार विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, गुजरात को ₹४,०९४ करोड़ का आवंटन किया गया है। अन्य राज्यों की बात करें तो, छत्तीसगढ़ को ₹३,६०२ करोड़, झारखंड को ₹३,६६० करोड़, असम को ₹३,५५२ करोड़, तमिलनाडु को ₹४,४६६ करोड़, तेलंगाना को ₹२,३७० करोड़, पंजाब को ₹२,१७६ करोड़, केरल को ₹२,५९७ करोड़ और हरियाणा को ₹१,४८४ करोड़ मिले हैं। अरुणाचल प्रदेश को ₹१,४७६ करोड़, उत्तराखंड को ₹१,२४४ करोड़, हिमाचल प्रदेश को ₹९९६ करोड़, मेघालय को ₹६८८ करोड़, मणिपुर को ₹६८२ करोड़, मिजोरम को ₹६१५ करोड़, नागालैंड को ₹५२४ करोड़, गोवा को ₹३९८ करोड़ और सिक्किम को ₹३६५ करोड़ का आवंटन किया गया है। त्रिपुरा को ₹६९९ करोड़ प्राप्त हुए हैं।
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस अतिरिक्त किस्त का उद्देश्य राज्यों को उनके विकासलक्षी कार्यों और जन कल्याण के कार्यों के लिए जरूरी वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस आवंटन से राज्यों को उनकी पूंजीगत योजनाओं और विकासलक्षी खर्चों को गति देने में मदद मिलेगी। यह सांख्यिकीय विवरण दर्शाते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा की गई इस बड़ी राशि की आवंटन देश के विभिन्न राज्यों में आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए की गई है। इस तरह, इस अतिरिक्त किस्त द्वारा राज्यों को त्योहारों की सीजन के दौरान और लंबे समय के विकास कार्यों के लिए वित्तीय मजबूती प्रदान करने का प्रयास किया गया है।
इस समाचार का स्रोत
कोई ग़लती दिखी? हमें बताएँન્યુઝીલેન્ડ સામે ટેસ્ટ શ્રેણી પૂર્વે બુમરાહ અને જાડેજા ઈન્ડિયા એ ટીમમાં સામેલ થશે
લિંકન ખાતે શનિવારથી શરૂ થતી ન્યુઝીલેન્ડ એ સામેની અંતિમ ચાર-દિવસીય મેચમાં દિગ્ગજ ખેલાડીઓ રમશે
NHAI ने चार लेन और उससे अधिक चौड़े राजमार्गों के लिए बैरियर-लेस टोलिंग गाइडलाइन्स जारी कीं
नई तकनीक के माध्यम से वाहनों को टोल बूथ पर रोके बिना ही टोल संग्रह किया जाएगा
BCI ने लॉ कोर्स के लिए आयु सीमा हटाई, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा किया
3 वर्ष और 5 वर्ष के LLB कोर्स में अब उम्र का कोई बंधन नहीं रहेगा