केंद्र सरकार की 1,100 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मुद्रीकरण के लिए सिफारिश
अंतर-मंत्रालयी समूह ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की अतिरिक्त भूमि और भवनों को बेचने की मंजूरी दी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 1:38 · अपडेट रात 8:14 · 2 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
पीआईबी दिल्ली की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG) द्वारा केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) की अतिरिक्त भूमि और भवनों के मुद्रीकरण के लिए 1,100 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन महत्वपूर्ण सिफारिशों को अब अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट द्वारा नियुक्त वैकल्पिक तंत्र (Alternative Mechanism) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य सरकारी इकाइयों के पास मौजूद अनावश्यक और कम उपयोग वाली संपत्तियों से आर्थिक मूल्य प्राप्त करना है, ताकि उनका उत्पादक उपयोग हो सके।
इस समिति के अध्यक्ष के रूप में लोक उद्यम विभाग के सचिव और सह-अध्यक्ष के रूप में दूरसंचार विभाग के सचिव जिम्मेदारी संभालते हैं। सरकार के इस मुद्रीकरण कार्यक्रम के तहत व्यवस्थित मूल्यांकन, पेशेवर लेनदेन की तैयारी और प्रतिस्पर्धी मूल्य खोज की पद्धति अपनाई जा रही है। एक बार जब वैकल्पिक तंत्र द्वारा इन प्रस्तावों को हरी झंडी मिल जाती है, तो निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार आगे की मुद्रीकरण गतिविधियां की जाएंगी। इस पहल के माध्यम से सरकार सार्वजनिक संपत्तियों के कुशल प्रबंधन और पारदर्शी तरीके से मूल्य बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो अंततः देश में निवेश और आर्थिक विकास को गति देगा।
नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉरपोरेशन (NLMC) इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभा रहा है। यह संस्था संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ मिलकर संपत्ति का आकलन, ड्यू डिलिजेंस, वैल्यूएशन और ट्रांजैक्शन स्ट्रक्चरिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य करती है। NLMC का उद्देश्य बाजार-उन्मुख मुद्रीकरण प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी संपत्तियों का अधिकतम लाभ प्राप्त करना है।
नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉरपोरेशन (NLMC) भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है, जो वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करती थी। इस संस्था की स्थापना केंद्रीय बजट 2021-22 की घोषणा के बाद की गई थी। यह सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों और सरकारी संस्थाओं की अतिरिक्त भूमि तथा अन्य गैर-प्रमुख संपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए पेशेवर सलाह और पारदर्शी प्रक्रियाएं प्रदान करने का कार्य करती थी। इस संस्था का मुख्य कार्य सरकारी जमीनों के व्यवस्थित प्रबंधन के माध्यम से आर्थिक संसाधन जुटाना था।
ન્યુઝીલેન્ડ સામે ટેસ્ટ શ્રેણી પૂર્વે બુમરાહ અને જાડેજા ઈન્ડિયા એ ટીમમાં સામેલ થશે
લિંકન ખાતે શનિવારથી શરૂ થતી ન્યુઝીલેન્ડ એ સામેની અંતિમ ચાર-દિવસીય મેચમાં દિગ્ગજ ખેલાડીઓ રમશે
NHAI ने चार लेन और उससे अधिक चौड़े राजमार्गों के लिए बैरियर-लेस टोलिंग गाइडलाइन्स जारी कीं
नई तकनीक के माध्यम से वाहनों को टोल बूथ पर रोके बिना ही टोल संग्रह किया जाएगा
BCI ने लॉ कोर्स के लिए आयु सीमा हटाई, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा किया
3 वर्ष और 5 वर्ष के LLB कोर्स में अब उम्र का कोई बंधन नहीं रहेगा