नौ गायों से शुरू की गई डेयरी का वार्षिक टर्नओवर ₹3 करोड़ पहुँचा
खरमान गाँव की रेणु सांगवान ने कोरोना काल में दूध की बिक्री न होने के कारण घी बनाना शुरू किया था
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 5:40 · 3 मिनट का पाठ
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हरियाणा के खरमान गाँव की निवासी रेणु सांगवान ने मात्र नौ गायों से शुरू किए गए व्यवसाय को आज ₹3 करोड़ से अधिक के वार्षिक टर्नओवर तक पहुँचा दिया है। उनके द्वारा बनाए जाने वाले देसी घी की मांग आज 15 देशों में देखी जाती है। सफलता के इस मार्ग में उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन आज उनका डेयरी फार्म एक बड़े और सफल फार्म में बदल गया है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस व्यवसाय की शुरुआत वर्ष 2016 में रेणु सांगवान के पति कृष्ण कुमार ने की थी। उन्होंने घर के लगभग 350 वर्ग गज के क्षेत्र में नौ गायों के साथ डेयरी की शुरुआत की थी। इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य यह था कि दिल्ली में रहने वाले उनके पुत्र विनय सांगवान को गुणवत्तापूर्ण दूध और घी मिल सके और साथ ही गौमाता का संरक्षण भी हो सके। हालांकि, वर्ष 2017 में कृष्ण कुमार के निधन से परिवार पर कठिन समय आया।
पति के निधन के बाद रेणु सांगवान ने हार मानने के बजाय उनके पति के सपने को ही अपना संकल्प बना लिया। उन्होंने दो पुत्रों की जिम्मेदारी संभालते हुए डेयरी के काम को आगे बढ़ाया। इस यात्रा में उनके दोनों पुत्रों ने उनका साथ दिया। उनका बड़ा पुत्र फार्म पर काम करने में मदद करता है, जबकि छोटा पुत्र विनय सांगवान एक पशु चिकित्सक है।
कोरोना काल के दौरान जब दूध की बिक्री बंद हो गई थी, तब रेणु सांगवान ने 'बिलोना' पद्धति से देसी घी बनाना शुरू किया था। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घी का प्रचार किया था। इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि वर्ष 2021 में उन्हें अमेरिका से 10 किलो घी का पहला विदेशी ऑर्डर मिला। आज उनका व्यवसाय इतना फैल गया है कि दिवाली से पहले उन्हें 300 किलो लड्डुओं के ऑर्डर भी मिले हैं।
रेणु सांगवान के डेयरी फार्म का विस्तार अब 350 वर्ग गज से बढ़कर लगभग 4 एकड़ में फैल गया है। वर्तमान में उनके फार्म पर लगभग 270 देसी गायें हैं। उनके डेयरी फार्म का दूध लगभग ₹150 प्रति लीटर के भाव से बिकता है, जबकि वैदिक पद्धति से तैयार किया गया बिलोना घी लगभग ₹3500 प्रति किलो के भाव से बिकता है।
गौसेवा और देसी नस्ल की गायों के संरक्षण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया है। कुछ महीने पहले सोनीपत के भटगाँव स्थित धर्मार्थ गौशाला में आयोजित एक समारोह में, गोकुल फार्म खरमान की संस्थापक रेणु सांगवान को 'सर्वोच्च गौसेवा सम्मान' से नवाजा गया। यह सम्मान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान के रूप में उन्हें ₹51,000 की राशि और स्मृति चिह्न भी भेंट किया गया।
रेणु सांगवान ने अपने स्वर्गीय पति कृष्ण कुमार के सपने को साकार करते हुए एक छोटी डेयरी को आज एक बड़े और सफल फार्म में बदल दिया है। नौ गायों से शुरू हुई यह यात्रा आज 300 गायों और करोड़ों के व्यवसाय तक पहुँच गई है।
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