यूरोप के सात देशों के सुपरमार्केट फ्रीजर पर साइबर हमला, खाद्य सामग्री हुई खराब
बेल्जियम और स्वीडन सहित देशों में तापमान 50 डिग्री तक पहुंचने से लाखों यूरो का नुकसान
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
3 नवंबर 2026, सुबह 2:29 · अपडेट रात 8:44 · 8 मिनट का पाठ
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यूरोप के सात देशों में सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेटर और फ्रीजर पर एक बड़ा और संदिग्ध साइबर हमला हुआ है, जिसके कारण भारी मात्रा में खाद्य सामग्री खराब हो गई है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले से बेल्जियम, स्वीडन, आयरलैंड, नीदरलैंड, एस्टोनिया, फिनलैंड और लक्जमबर्ग के सुपरमार्केट प्रभावित हुए हैं। इस हमले के दौरान फ्रीजर का तापमान अचानक बढ़कर 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे उसमें रखा ताजा और जमा हुआ भोजन बेकार हो गया।
बेल्जियम और लक्जमबर्ग में डेलहेज़ (Delhaize) नामक चेन के लगभग 40 सुपरमार्केट इस घटना से प्रभावित हुए थे। इस सिस्टम का संचालन करने वाली बेल्जियम की कंपनी सबकोबेल (Sabcobel) के सीईओ स्टेफन मोएलेंस ने बेलगा न्यूज एजेंसी को बताया कि यह एक साइबर हमला था। उन्होंने आगे कहा कि उनकी टीम पूरी रात और सुबह तक प्रभावित यूनिट्स को नेटवर्क से अलग करने के लिए काम कर रही थी। मोएलेंस ने खुलासा किया कि हमलावरों ने फ्रीजर के इवेपोरेटर्स को 'डीफ्रॉस्ट मोड' पर सेट कर दिया था, जिससे तापमान में वृद्धि हुई।
सबकोबेल के सीईओ ने बताया कि अक्टूबर की शुरुआत में फ्रांस में हुए हमले के बाद कंपनी ग्राहकों के फ्रीजर को इस कमजोरी से बचाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन इस समस्या के समाधान के लिए केवल सॉफ्टवेयर अपडेट पर्याप्त नहीं है और फ्रीजर में भौतिक बदलाव (physical modifications) करने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि फ्रीजर को सुरक्षित इंटरनेट कनेक्शन के माध्यम से प्रबंधित करना सबसे सरल समाधान है और फ्रांस के हमले के बाद अधिकांश ग्राहक इस पद्धति पर स्थानांतरित हो गए हैं।
बेल्जियम में अन्य सुपरमार्केट चेन भी इस हमले का शिकार हुई हैं। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांसीसी स्वामित्व वाली कैरेफोर (Carrefour) सुपरमार्केट के बेल्जियम में 15 स्टोर प्रभावित हुए थे। कैरेफोर के प्रवक्ता मिश वर्गोवे ने स्पष्ट किया था कि "यह एक साइबर हमला है, इसके अलावा कोई और कारण नहीं है।" इसी तरह, कोल्रुइट ग्रुप (Colruyt Group), जो बेल्जियम में स्पार (Spar) स्टोर का संचालन करता है, के पांच स्टोरों के फ्रिज सिस्टम पर हमला हुआ है, जैसा कि रॉयटर्स ने बताया।
बेल्जियम के उत्तरी भाग में फ्लेमैंड्स के होइलार्ट (Hoeilaart) स्थित डेलहेज़ शाखा ने न्यूज वेबसाइट 'हेट लाटस्टे न्यूज' को बताया कि इस घटना में उन्हें 1,00,000 यूरो का माल गंवाना पड़ा है। स्टोर मैनेजर ने कहा कि इस अनुमान में दुकान बंद होने से होने वाले अतिरिक्त नुकसान को शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा, बेल्जियम के मॉन्स शहर में स्थित इकेया (Ikea) स्टोर के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर भी हमला हुआ था। इकेया के प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एहतियात के तौर पर कुछ उत्पादों को हटाना पड़ा और इसके कारण खाद्य सामग्री की बर्बादी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य स्थान भी प्रभावित हो सकते हैं।
स्वीडन में आईसीए (ICA) और कूप (Coop) सुपरमार्केट प्रभावित हुए थे। स्वीडन के दक्षिणी भाग में स्थित श्योबो (Sjöbo) के एक आईसीए स्टोर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उनके फ्रीजर हैक कर लिए गए हैं और तापमान 50 डिग्री सेट कर दिया गया है। स्टॉकहोम में एक अन्य आईसीए स्टोर ने बताया कि रात 2 बजे हुए साइबर हमले के कारण सब कुछ नष्ट हो गया। आईसीए के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि इस घटना ने केंद्रीय नेटवर्क से बाहर काम करने वाले स्टोरों की एक छोटी संख्या को प्रभावित किया है।
स्वीडन की कूप चेन ने दैनिक समाचार पत्र 'आफ्टोनब्लाडेट' को बताया कि उसके छह स्टोरों पर हमला हुआ था, जबकि बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार 800 में से 7 कूप स्टोर प्रभावित हुए थे। स्वीडन के नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर के प्रमुख जॉन बिलो ने रॉयटर्स को बताया कि वे देश भर में ऐसी घटनाओं पर काम कर रहे हैं। उन्होंने नोट किया कि देश में बहुत सारे 'एक्सपोज्ड ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी डिवाइसेस' हैं जिन्हें अपडेट या पैच करने की आवश्यकता है।
आयरलैंड में सुपरवेलू (SuperValu) चेन के 223 में से 13 स्टोर प्रभावित हुए थे, जिसमें एक विशिष्ट मॉडल के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर हमला हुआ था। इसके कारण ठंडे और जमे हुए उत्पादों की बिक्री बंद करनी पड़ी। एस्टोनिया में सेल्वर (Selver) चेन का एक स्टोर प्रभावित हुआ था। रेफ्रिजरेशन सप्लाई कंपनी किटमैन कोल्डटेक (Kitman Coldtech) के सीईओ जान मुत्सो ने ईआरआर (ERR) ब्रॉडकास्टर को बताया कि हमलावरों ने कंप्यूटर के माध्यम से तापमान 50 डिग्री कर दिया था, लेकिन मिनटों में प्रतिक्रिया देने से बड़े नुकसान को टाला जा सका।
नीदरलैंड में डच पब्लिक रेडियो NOS के अनुसार, मुख्य रूप से छोटे स्थानीय स्टोरों सहित 17 दुकानें प्रभावित हुई थीं। फिनलैंड में केस्को (Kesko) सुपरमार्केट चेन द्वारा इसी तरह की समस्याओं की जांच की जा रही है। यूरोपीय संघ के खाद्य और कृषि आयुक्त क्रिस्टोफ हैनसेन ने इस घटना को अत्यंत चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह "हमारी खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने और ग्राहकों के विश्वास को कम करने का जानबूझकर किया गया प्रयास" है।
ये हालिया घटनाएं पिछले महीने फ्रांस में हुए हमले जैसी ही हैं। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में लगभग 700 सुपरमार्केट के कूलिंग यूनिट्स पर कब्जा कर लिया गया था, जिससे तापमान -27 डिग्री से बढ़कर 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके कारण आग लगने की घटनाएं हुई थीं और करोड़ों यूरो का नुकसान हुआ था। व्यक्तिगत सुपरमार्केट को हजारों यूरो से लेकर 1,30,000 यूरो तक का नुकसान हुआ था। फ्रांस में इंटरमार्शे (Intermarché), कूपरेटिव यू (Coopérative U), कैरेफोर, लेक्लरक (Leclerc) और मोनोप्रिक्स (Monoprix) जैसी चेन प्रभावित हुई थीं।
फ्रांस के हमले में मुख्य रूप से डेनिश कंपनी डैनफोर्स (Danfoss) द्वारा प्रदान किए गए कंट्रोलर्स का उपयोग किया गया था। डैनफोर्स ने बताया था कि उन्होंने पिछले साल ही सुरक्षा खामियों की पहचान की थी और ग्राहकों को अपडेट इंस्टॉल करने की सिफारिश की थी। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी 'एन्सी' (Ansii) को जांच के आदेश दिए थे। एन्सी ने रिपोर्ट दी कि अन्य दो कंपनियों के कंट्रोलर्स का उपयोग करने वाले सुपरमार्केट को भी निशाना बनाया गया था। पेरिस प्रॉसिक्यूटर ऑफिस ने इस मामले में औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
साइबर सुरक्षा फर्म सेंटिनलवन (SentinelOne) के टॉम हेगल ने रॉयटर्स को बताया कि आमतौर पर साइबर हमले पैसे वसूलने या राजनीतिक उद्देश्य से किए जाते हैं, लेकिन इस मामले में कोई वित्तीय मांग नहीं की गई है, जो यह संकेत देता है कि यह एक 'सबोटाज' (तोड़फोड़) है। उन्होंने कहा कि रिटेल सेक्टर एक आसान लक्ष्य है क्योंकि उनके पास रेफ्रिजरेशन कंट्रोलर्स और बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम का एक बड़ा नेटवर्क होता है। ट्रिब्यूटेक (Tributech) के पैट्रिक लैम्पलेमेयर के अनुसार, हमलावर तब तक प्रयास जारी रखेंगे जब तक सिस्टम काम करना बंद नहीं कर देता, क्योंकि यह पद्धति सस्ती है और नुकसान तत्काल होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि फ्रांस के हमले के बाद भी हजारों कंट्रोलर्स इंटरनेट पर खुले थे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, यूके के नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर ने कहा कि वे इस घटना के विवरण को समझने के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारों और उद्योगों के साथ काम कर रहे हैं, हालांकि यूके में ऐसी कोई घटना दर्ज नहीं हुई है। अमेरिका में अधिकारी अगस्त महीने में कुछ सैन्य ठिकानों पर हुई रेफ्रिजरेशन खामियों की जांच कर रहे हैं और वे फ्रांसीसी अधिकारियों के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं कि क्या ये घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हैं। बेल्जियम और स्वीडन की राष्ट्रीय साइबर-सुरक्षा एजेंसियों ने पुष्टि की है कि वे इस घटना पर नजर रख रही हैं। अब तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है।
इस समाचार का स्रोत
- BBC News
- The Guardian
- Al Jazeera
- Business Standard
- The Economic Times
- France 24
- NDTV
- The Economic Times
- Al Jazeera
- BBC News
- Al Jazeera
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