प्रियंका गांधी ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की रणनीति की कमान संभाली
समाजवादी पार्टी के साथ सीट शेयरिंग और चुनाव समितियों के गठन के लिए मेगा प्लान तैयार
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 6:12 · 4 मिनट का पाठ
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आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, रामलीला मैदान में आयोजित मेगा रैली के ठीक अगले दिन से ही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया है। उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य रहा है जहां प्रियंका गांधी चुनाव की राजनीति में औपचारिक रूप से प्रवेश करने से पहले ही सक्रिय रही हैं। अब चुनाव की आहट और राजनीतिक गर्मी को देखते हुए, प्रियंका गांधी ने पार्टी की रणनीति और पदाधिकारियों को सक्रिय करने की जिम्मेदारी खुद संभाल ली है।
प्रियंका गांधी ने अपने निवास पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ एक उच्च स्तरीय बंद कमरे में बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद शामिल हुए। इस बैठक के दौरान यह तय किया गया है कि दिवाली के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की चुनाव समितियों का गठन किया जाएगा।
नवंबर महीने की रैली में हुए शक्ति प्रदर्शन से उत्साहित प्रियंका गांधी ने चुनाव मशीनरी को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव की तैयारियों के लिए अब समय बहुत कम बचा है, इसलिए राज्य स्तर की विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों के गठन और जिम्मेदारियां सौंपने की प्रक्रिया को तत्काल अंतिम रूप दिया जाए। इस बैठक में विशेष रूप से यूपी चुनाव, मैनेजमेंट कमेटी और स्टेट इलेक्शन कमेटी पर गहन चर्चा की गई।
बैठक के दौरान राज्य स्तर की चार मुख्य समितियों के ढांचे पर गहन चर्चा की गई और नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इन चार महत्वपूर्ण समितियों में घोषणापत्र समिति, चुनाव प्रबंधन समिति, विधानसभा प्रचार समिति और समन्वय समिति (कोऑर्डिनेशन कमेटी) शामिल हैं। यूपी चुनाव के दृष्टिकोण से इन चारों समितियों को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रियंका गांधी ने इन प्रस्तावित सूचियों को अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पास भेजने की बात कही है। ऐसी संभावना है कि दिवाली के तुरंत बाद पार्टी द्वारा इन समितियों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
कांग्रेस की चुनाव तैयारियों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू 'समन्वय समिति' (कोऑर्डिनेशन कमेटी) का गठन रहेगा। यह समिति समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे, गठबंधन की सीटों और जमीनी स्तर पर बेहतर तालमेल की निगरानी करेगी। पूरी संभावना है कि प्रियंका गांधी खुद इस समिति का हिस्सा बनेंगी। इस समिति में यूपी कांग्रेस के नेताओं के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया जाएगा। प्रियंका गांधी यूपी में समाजवादी पार्टी के साथ सीट शेयरिंग से लेकर मिशन-2027 को जीतने की रणनीति तैयार करेंगी।
बैठक में कांग्रेस के अभियान को कैसे आगे बढ़ाया जाए, ऐसे सभी मुद्दों पर चर्चा की गई। वर्तमान में इंडिया गठबंधन में मुख्य रूप से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी, ये दो दल हैं, लेकिन अन्य कुछ छोटे दलों के बारे में भी दोनों दल बैठकर बात करेंगे। ऐसे कई दल हैं जिन्हें चुनाव नहीं लड़ना है, बल्कि केवल इंडिया गठबंधन को समर्थन देना है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ सीधे संवाद में प्रियंका गांधी मुख्य भूमिका निभाएंगी। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में जब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर विवाद हुआ था, तब प्रियंका गांधी ने ही आगे बढ़कर अखिलेश यादव से बात की थी और मतभेदों को दूर कर गठबंधन का रास्ता साफ किया था।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत पहले से ही काफी देरी से चल रही है। ऐसी स्थिति में प्रियंका गांधी की सीधी एंट्री से इस प्रक्रिया में तेजी आएगी। समाजवादी पार्टी राज्य में एक बड़ा समूह है, इसलिए बातचीत में कई जटिल मुद्दे आएंगे, लेकिन प्रियंका गांधी कांग्रेस के लिए एक सम्मानजनक समझौता कराने की क्षमता रखती हैं।
वर्ष 2022 में प्रभारी पद छोड़ने के बाद भी प्रियंका गांधी राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की मुख्य प्रचारक रही हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश पर उनका यह केंद्रित कदम बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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