भाजपा के वरिष्ठ नेता और SIS ग्रुप के संस्थापक डॉ. आरके सिन्हा का निधन
नोएडा स्थित आवास पर ली अंतिम सांस, 75 वर्ष की आयु में बीमारी के कारण हुआ निधन
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
1 नवंबर 2026, सुबह 6:27 · 5 मिनट का पाठ
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भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और SIS ग्रुप के संस्थापक डॉ. रविंद्र किशोर सिन्हा का 30 अक्टूबर, 2026 को नोएडा में निधन हो गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. आरके सिन्हा ने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वे 75 वर्ष के थे और थोड़े समय की बीमारी के बाद उनका निधन हुआ।
डॉ. आरके सिन्हा भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और उन्होंने पार्टी के लिए लंबे समय तक कार्य किया था। वे 2014 में राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे और पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य भी रहे थे। राजनीतिक क्षेत्र के साथ-साथ उन्होंने व्यापार जगत में भी अपनी अलग पहचान बनाई थी। वे SIS ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन थे। SIS ग्रुप द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, उनके निधन से राजनीतिक और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रुप के सदस्यों ने उन्हें परिवार और ग्रुप के सदस्यों के मार्गदर्शक के रूप में वर्णित किया है।
डॉ. आरके सिन्हा का व्यावसायिक सफर अत्यंत प्रेरणादायी रहा था। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उनका जन्म बिहार में हुआ था और उन्होंने पटना में शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने हिंदी अखबार के साथ पत्रकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। 1970 के दशक के अंत में उन्होंने SIS एंटरप्राइज की शुरुआत की थी, जो देश की सबसे बड़ी निजी सुरक्षा कंपनी बनी। उन्होंने बांग्लादेश युद्ध के बाद सेवानिवृत्त हुए बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों को इस व्यवसाय के साथ जोड़ा था। यह व्यवसाय, जिसका मूल्य अब हजारों करोड़ रुपये बताया जाता है, उसे विशेष रूप से दक्षिण बिहार और वर्तमान झारखंड के "कोल बेल्ट" क्षेत्र में तत्काल सफलता मिली थी।
डॉ. आरके सिन्हा के निधन पर अनेक महानुभावों ने शोक व्यक्त किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रमुख नितिन नबीन ने एम्स में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भाजपा की स्थापना के वर्षों से पार्टी में उनका योगदान और SIS को वैश्विक पहचान दिलाने एवं सुरक्षा क्षेत्र में रोजगार पैदा करने में उनकी भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी। उन्होंने आगे जोड़ा कि डॉ. सिन्हा चित्रांश समुदाय के लिए मार्गदर्शक थे और वे हमेशा लोगों के सुख-दुःख में साथ खड़े रहते थे। नबीन ने बताया कि डॉ. सिन्हा उनके लिए एक संरक्षक समान थे और उनका निधन एक व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने उनकी सादगी, पार्टी के प्रति समर्पण और पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रति स्नेह को याद किया था।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा भी शोक संदेश भेजा गया था। आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव दत्तात्रेय होसबाले द्वारा संयुक्त रूप से जारी संदेश में बताया गया था कि, ख्यातनाम सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व राज्यसभा सांसद रविंद्र किशोर सिन्हा के निधन के कारण सार्वजनिक क्षेत्र को बड़ी क्षति हुई है। निजी सुरक्षा सेवा उद्योग को नई पहचान देने, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक कार्य और मीडिया जगत में उनके योगदान को याद रखा जाएगा। संस्था ने उन्हें हृदयपूर्वक श्रद्धांजलि दी है और ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति और परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गहरा दुःख व्यक्त किया था। उन्होंने कहा कि सामाजिक सेवा और संस्था में श्री सिन्हा का अमूल्य योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी उनके निधन के समाचार को अत्यंत हृदयद्रावक बताया था। गडकरी ने कहा कि उनका व्यावसायिक सफर शून्य से सफलता तक का अद्भुत था और एक सफल उद्यमी और विचारधारा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के रूप में वे पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगे।
भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने भी उनके निधन को हृदयद्रावक बताते हुए कहा कि पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, उद्योग और राजनीति में उनके कार्य को याद रखा जाएगा। उन्होंने पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और रोजगार निर्माण के लिए उनके प्रयासों को भी याद किया था। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी ने बताया कि लंबी बीमारी के बाद उनके निधन के समाचार से वे अत्यंत दुखी हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने भी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की थी। डॉ. आरके सिन्हा विद्यार्थी अवस्था से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति विचारधारात्मक रूप से झुकाव रखते थे।
डॉ. आरके सिन्हा के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए उन्हें दिल्ली से पटना लाया जाएगा। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर 30 अक्टूबर को शाम 7 बजे दिल्ली से पटना पहुंचेगा। अंतिम दर्शन के लिए 31 अक्टूबर, 2026 को सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में व्यवस्था की गई है। तत्पश्चात, 31 अक्टूबर को दोपहर 12:00 बजे अन्नपूर्णा भवन से अंतिम यात्रा दीघा घाट के लिए प्रस्थान करेगी। परिवार द्वारा अंतिम संस्कार की विस्तृत रूपरेखा जल्द ही जारी की जाएगी।
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