मृत सरकारी कर्मचारियों के जीपीएफ फंड के भुगतान को लेकर सरकार ने स्पष्टीकरण दिया
परिवार के सदस्यों और नॉमिनी के लिए जीपीएफ की राशि प्राप्त करने के नियमों में सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
4 नवंबर 2026, शाम 5:41 · अपडेट दोपहर 3:44 · 3 मिनट का पाठ
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द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) योजना के तहत मृतक कर्मचारियों के बकाया फंड के भुगतान के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। कर्मचारी, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा 29 अक्टूबर, 2026 को एक ऑफिस मेमोरेंडम (ओएम) जारी किया गया है।
सरकार ने इस गाइडलाइन में मुख्य रूप से दो स्थितियों पर ध्यान केंद्रित किया है। पहली, जब कर्मचारी की मृत्यु जीपीएफ की राशि भुगतान योग्य बनने से पहले हो जाए, और दूसरी स्थिति जिसमें कर्मचारी की मृत्यु होने पर राशि भुगतान योग्य हो लेकिन उसका भुगतान बकाया हो। ये नियम केवल पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों पर ही लागू होते हैं। नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) और यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (यूपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए यह जीपीएफ सुविधा उपलब्ध नहीं है।
यदि मृतक कर्मचारी ने परिवार के किसी सदस्य को नॉमिनी के रूप में नियुक्त किया है, तो उस नॉमिनी को ही जीपीएफ की राशि मिलेगी। यदि एक से अधिक नॉमिनी हैं, तो नॉमिनेशन में दर्शाए गए अनुपात के अनुसार राशि का वितरण किया जाएगा। यदि कोई वैध नॉमिनी नहीं है या नॉमिनेशन केवल जीपीएफ के कुछ हिस्से के लिए ही है, तो शेष राशि परिवार के पात्र सदस्यों को समान हिस्से में दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि नॉमिनी परिवार के बाहर का व्यक्ति है, तो भी परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। ओएम के अनुसार, परिवार के बाहर की व्यक्ति को किया गया नॉमिनेशन परिवार के सदस्यों के अधिकारों को बाधित नहीं करता है।
इस आदेश में उन परिवार के सदस्यों की सूची भी दी गई है जो जीपीएफ की राशि प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं हैं। इस सूची में वयस्क पुत्र, मृत पुत्र के वयस्क पुत्र, विवाहित पुत्रियां जिनके पति जीवित हैं, और मृत पुत्र की विवाहित पुत्रियां जिनके पति जीवित हैं, उन्हें शामिल किया गया है। इसके अलावा, नियमों के अनुसार परिवार के अन्य कोई सदस्य जो इस श्रेणी में आते हैं उन्हें भी बाहर रखा गया है। हालांकि, मृत पुत्र की विधवा और उनके बच्चों को जीपीएफ का हिस्सा मिल सकता है। उन्हें उतना ही हिस्सा मिलेगा जो मृत पुत्र को मिलने योग्य था, यदि वह जीवित होता और वयस्क पुत्रों के लिए बाहर रखने वाले नियमों से छूट प्राप्त की होती।
यदि किसी कर्मचारी ने परिवार के सदस्यों के अलावा अन्य किसी व्यक्ति को नॉमिनी बनाया है और कर्मचारी का कोई परिवार नहीं है, तो उस नॉमिनी को नॉमिनेशन में दर्शाए गए अनुपात के अनुसार राशि मिलेगी। जीपीएफ के दावे की जांच करने की जिम्मेदारी ऑफिस के प्रमुख या अकाउंट्स ऑफिसर की होगी। उन्हें कर्मचारी के अकाउंट और सर्विस रिकॉर्ड की जांच करनी होगी, वैध नॉमिनेशन है या नहीं यह देखना होगा और भुगतान करने से पहले पात्र परिवार के सदस्यों और उनके हिस्से तय करने होंगे। सभी मंत्रालयों और विभागों को यह आदेश उनके संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) सरकारी कर्मचारियों के लिए एक सेवानिवृत्ति योजना थी, जो पुरानी पेंशन योजना के ढांचे का एक हिस्सा मानी जाती थी।
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