काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों के लिए BHU में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित
'तिरुक्कुरल पयिल्वोम-तिरुक्कुरल अभियास केरेन' विषय पर 28 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 तक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, रात 11:23 · 3 मिनट का पाठ
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वाराणसी की बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में 3 नवंबर, 2026 को काशी तमिल संगमम 5.0 (KTS 5.0) की पूर्व तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता उच्च शिक्षा विभाग की सचिव श्रीमती दीप्ति गौर मुखर्जी ने की थी।
पीआईबी (PIB) की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में BHU के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी, उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) श्री अमित कुमार घोष, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार, जिला प्रशासन, BHU और भारतीय रेलवे के प्रतिनिधि एवं अन्य प्रमुख हितधारक उपस्थित थे।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों और जिला स्तर पर प्रशासनिक समन्वय, IRCTC द्वारा की जा रही विशेष रेल परिवहन व्यवस्था और अन्य लॉजिस्टिक्स, बुनियादी सुविधाओं, प्रदर्शनियों, यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिचालन तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए नमो घाट सहित विभिन्न स्थानों का दौरा किया।
काशी तमिल संगमम का पांचवां संस्करण 28 नवंबर से 12 दिसंबर, 2026 तक ‘तिरुक्कुरल पयिल्वोम-तिरुक्कुरल अभियास केरेन’ विषय पर आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शास्त्रीय तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ के शाश्वत नैतिक और चारित्रिक ज्ञान को देश भर के युवाओं और छात्रों तक पहुँचाना है।
इस कार्यक्रम के हिस्से के रूप में तमिलनाडु से लगभग 1,400 प्रतिभागी आएंगे, जिन्हें 200 व्यक्तियों के सात समूहों में विभाजित किया जाएगा। यह प्रतिनिधिमंडल आठ दिवसीय यात्रा करेगा, जिसमें चार दिन का भ्रमण और चार दिन की यात्रा के साथ-साथ सुव्यवस्थित कार्यक्रम शामिल होंगे। इस यात्रा के दौरान वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या का दौरा किया जाएगा, जहाँ सांस्कृतिक, शैक्षिक, विषय-विशिष्ट और आध्यात्मिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, तमिलनाडु के 50 शिक्षक उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे और KTS 5.0 के दौरान स्कूलों और कॉलेजों में तिरुक्कुरल सिखाएंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने 22 अक्टूबर, 2026 को KTS 5.0 के लिए वेब पोर्टल और प्रतिनिधियों की पंजीकरण प्रक्रिया का उद्घाटन किया था। छात्रों में तिरुक्कुरल की व्यापक समझ बढ़ाने के लिए देश भर के 1,000 उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) द्वारा राष्ट्रव्यापी छात्र जुड़ाव कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस पहल के तहत तिरुक्कुरल के मूल्यों के प्रसार के लिए अनुसंधान, अध्ययन और कैंपस-आधारित गतिविधियाँ की जाएंगी, जिसका विवरण www.kts.cict.in पर उपलब्ध है।
इस पूरी प्रक्रिया में चेन्नई का सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ क्लासिकल तमिल (CICT) डिजिटल आउटरीच, प्रकाशन और संस्थागत जुड़ाव का नेतृत्व कर रहा है। जबकि आईआईटी मद्रास और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय क्रमशः तमिलनाडु और काशी के लिए नोडल समन्वय संस्थान के रूप में कार्य कर रहे हैं।
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