अमेरिका में राजनीतिक बदलाव के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास में कमी की संभावना
डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद डेटा सेंटर्स पर सख्त नियमन और विकास की गति धीमी होने की आशंका से निवेशकों में चिंता
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 2:37 · 4 मिनट का पाठ
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अमेरिका में हाल ही में हुई डेमोक्रेटिक पार्टी की भव्य जीत के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उद्योग में भारी चिंता की लहर दौड़ गई है। विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों ने अब यह आशंका जताना शुरू कर दिया है कि वाशिंगटन में सत्ता का यह परिवर्तन AI क्षेत्र के विकास की गति को काफी धीमा कर सकता है। निवेशक विशेष रूप से इस बात से डरे हुए हैं कि नई राजनीतिक स्थिति में AI डेटा सेंटर्स पर अधिक कड़ी निगरानी रखी जाएगी, जो पूरे उद्योग के विस्तार को बाधित कर सकती है।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, इस राजनीतिक घटनाक्रम का सीधा असर वॉल स्ट्रीट पर देखा गया। गुरुवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें नैस्डैक (Nasdaq) 5.5% और S&P 500 सूचकांक 4.4% तक गिर गया। इस गिरावट में सबसे अधिक असर AI से जुड़ी कंपनियों पर पड़ा। चिप निर्माता कंपनी एनविडिया (Nvidia) के शेयरों में 9.3% और AMD के शेयरों में 17.3% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनी कोरवीव (CoreWeave) के शेयरों में 9.8% और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने वाली GE वर्नोवा (GE Vernova) के शेयरों में 7.5% की गिरावट देखी गई।
AI क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि अब विकास की गति में निश्चित रूप से कमी आएगी। AiEnsured के CTO डॉ. श्रीनिवास पद्मनाभुनी ने कहा कि सुरक्षा को लेकर अधिक शोध और सख्त नियमों के कारण फ्रंटियर मॉडल के अनियंत्रित विकास की गति में निश्चित रूप से कमी आएगी। दुनिया भर में वेटिकन से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक और खुद AI कंपनियों के CEO द्वारा भी AI के विकास को नियंत्रित करने की मांग उठ रही है। सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई जैसे दिग्गज भी सुरक्षा के मुद्दों पर चिंता व्यक्त कर चुके हैं।
अमेरिका के राजनीतिक दलों के बीच इस मामले पर बड़ा मतभेद रहा है। डोनाल्ड ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी का मानना है कि AI के विकास को किसी भी परिस्थिति में धीमा नहीं किया जाना चाहिए। ट्रम्प का बार-बार यह कहना रहा है कि जो देश AI की दौड़ जीतेगा, वही दुनिया पर प्रभुत्व जमाएगा, इसलिए चीन के खिलाफ प्रतिस्पर्धा में आगे रहने के लिए कंपनियों को स्व-नियमन (self-regulation) करने की छूट दी जानी चाहिए। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जैसे सीनेटर बर्नी सैंडर्स और कांग्रेसवुमन प्रमिला जयपाल लगातार AI के अनियंत्रित विकास के खिलाफ चेतावनी दे रहे हैं।
जून 2026 में डेमोक्रेटिक कांग्रेसवुमन अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ ने 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर मोरेटोरियम एक्ट' पेश किया था। इस विधेयक में प्रस्ताव रखा गया था कि जब तक AI से होने वाले खतरों के खिलाफ सुरक्षा के लिए कानून न बन जाए, तब तक नए डेटा सेंटर्स के निर्माण पर रोक लगाई जानी चाहिए। हालांकि, यह विधेयक वर्तमान में कांग्रेस की समितियों के पास विचाराधीन है और अभी तक यह कानून नहीं बना है। इसके बावजूद, डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़ती सक्रियता के कारण उद्योग जगत में भविष्य की परियोजनाओं में देरी होने की संभावना जताई जा रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर विज्ञान की एक शाखा है जो मशीनों को मानव जैसी बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता देने पर केंद्रित है। अतीत में इस तकनीक का उपयोग डेटा प्रोसेसिंग, ऑटोमेशन और जटिल समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता था। हाल के वर्षों में, जेनरेटिव AI के उदय के साथ, इस क्षेत्र में अरबों डॉलर का निवेश किया गया है, जिसके कारण डेटा सेंटर्स की मांग में भारी वृद्धि हुई थी।
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