चीन ने सॉफ्टबैंक के 5.4 अरब डॉलर के रोबोटिक्स सौदे पर लगाई रोक
स्विस-स्वीडिश कंपनी ABB के रोबोटिक्स यूनिट को खरीदने की सॉफ्टबैंक की योजना को चीनी सरकार ने खारिज कर दिया है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 1:53 · 3 मिनट का पाठ
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जापान की दिग्गज निवेशक कंपनी सॉफ्टबैंक ग्रुप को बड़ा झटका लगा है। चीनी सरकारी एजेंसी ने सॉफ्टबैंक द्वारा स्विस-स्वीडिश समूह ABB के रोबोटिक्स यूनिट को खरीदने के 5.4 अरब डॉलर के सौदे को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ABB ने एक ईमेल बयान में कहा कि चीन के 'ऑफिस ऑफ द वर्किंग मैकेनिज्म फॉर फॉरेन इन्वेस्टमेंट सिक्योरिटी रिव्यू' द्वारा इस अधिग्रहण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस फैसले के बाद गुरुवार को टोक्यो शेयर बाजार में सॉफ्टबैंक के शेयरों में लगभग 7% की गिरावट दर्ज की गई। सॉफ्टबैंक के प्रवक्ता ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
सॉफ्टबैंक के संस्थापक मासायोशी सोन के लिए यह सौदा बहुत महत्वपूर्ण था। वे इस सौदे के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते थे। ABB की इस रोबोटिक्स यूनिट में 7,000 से अधिक कर्मचारी हैं और यह BMW जैसी बड़ी निर्माता कंपनियों को रोबोटिक आर्म्स और औद्योगिक मशीनरी प्रदान करती है। चीन में भी इस कंपनी की बड़ी उपस्थिति है। निवेशकों को उम्मीद थी कि ABB के योगदान से सॉफ्टबैंक की आय और मुनाफे में वृद्धि होगी, खासकर जब कंपनी OpenAI के पब्लिक डेब्यू का इंतजार कर रही है।
ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के विश्लेषक किर्क बूड्री के अनुसार, ABB रोबोटिक्स के पास सॉफ्टबैंक के अन्य स्टार्टअप्स जैसी अत्याधुनिक नवीनता शायद न हो, लेकिन इसके पास मौजूद मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता रोबोटिक कॉन्सेप्ट्स को वास्तविक व्यवसाय में बदलने के लिए जरूरी थी। चीन के इस फैसले ने सॉफ्टबैंक की भविष्य की योजनाओं पर अनिश्चितता के बादल छा दिए हैं। यह कदम चीन सरकार की डेटा और प्रौद्योगिकी सुरक्षा के प्रति सख्त नीति को दर्शाता है। चीन का मानना है कि डेटा ही AI की नींव है, इसलिए वे विदेशों में महत्वपूर्ण जानकारी के हस्तांतरण पर नियंत्रण लगा रहे हैं। रोबोटिक्स क्षेत्र में भी डेटा बहुत महत्वपूर्ण है।
इससे पहले अप्रैल महीने में भी चीन के नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन ने मेटा प्लेटफॉर्म्स के 2 अरब डॉलर के 'मैनस' (Manus) स्टार्टअप के अधिग्रहण को रोक दिया था। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सॉफ्टबैंक के इस सौदे को भी चीन के स्टेट प्लानर द्वारा विदेशी निवेश सुरक्षा समीक्षा के दायरे में रखा गया था। जापान खुद फैनुक, यास्कावा इलेक्ट्रिक और कावासाकी हैवी इंडस्ट्रीज जैसी दुनिया की बड़ी रोबोट बनाने वाली कंपनियों का घर है। ये कंपनियां चीन के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए Nvidia के साथ साझेदारी कर रही हैं।
सॉफ्टबैंक ग्रुप एक जापानी होल्डिंग कंपनी है जिसकी स्थापना मासायोशी सोन द्वारा की गई थी। यह कंपनी प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और वित्तीय क्षेत्र में बड़े निवेश के लिए जानी जाती है। सॉफ्टबैंक पहले OpenAI में 65 अरब डॉलर जितना बड़ा निवेश कर चुकी है और डेटा सेंटर परियोजनाओं में भी अरबों डॉलर खर्च करने की घोषणा की थी। निवेशक चिंतित थे कि कंपनी अपनी क्षमता से अधिक निवेश कर रही है या नहीं, और ABB का सौदा इन चिंताओं को दूर करने में मददगार साबित हो सकता था।
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