हरदीप सिंह पुरी राज्यसभा में निर्विरोध चुने जाएंगे, अन्य उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज
रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा आपत्तियां खारिज किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री का नामांकन मान्य
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, शाम 6:14 · अपडेट शाम 6:22 · 4 मिनट का पाठ
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मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी अब निर्विरोध चुने जाएंगे। यह निर्णय रिटर्निंग ऑफिसर (RO) द्वारा लिया गया है, जिन्होंने अन्य दो स्वतंत्र उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए हैं और पुरी के नामांकन पत्र के खिलाफ उठाई गई आपत्तियों को अस्वीकार कर दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद अब पुरी की जीत सुनिश्चित हो गई है।
घटनाक्रम के अनुसार, हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर को नामांकन पत्रों के तीन सेट दाखिल किए थे। मंगलवार दोपहर 2 बजे जब इन पत्रों की जांच की गई, तो उनकी उम्मीदवारी की वैधता को लेकर कुछ आपत्तियां उठाई गई थीं। ये आपत्तियां स्वतंत्र उम्मीदवार कांत सयन्ना और राजकुमार लोहानी तथा राज्य विधानसभा में विपक्ष के डिप्टी लीडर हेमंत कटारे द्वारा प्रस्तुत की गई थीं। आपत्ति जताने वालों ने विशेष रूप से दावा किया था कि पुरी द्वारा जमा किया गया फॉर्म-26 का हलफनामा अमान्य और अधूरा था।
रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा ने आपत्ति जताने वालों की दलीलें सुनीं और उम्मीदवार को जवाब देने का अवसर भी दिया। जांच के बाद शर्मा ने बताया कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री और आपत्तियों की सूक्ष्म जांच के बाद, प्रस्तुत आधार साबित नहीं हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 33 और 34 की अनिवार्य आवश्यकताओं का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है, और न ही धारा 36(2) के तहत पत्र खारिज करने का कोई आधार मिला है। शर्मा ने कहा कि नामांकन पत्र और उसके साथ संलग्न दस्तावेज सभी वैधानिक आवश्यकताओं के अनुसार उचित पाए गए हैं।
आदेश में आगे कहा गया कि फॉर्म 26 के हलफनामे और मतदाता सूची के विवरण की उचित जांच की गई और वे पूर्ण पाए गए। धारा 36(4) के तहत पत्र खारिज करने जैसी कोई बड़ी कमी नहीं पाई गई। इन सभी निष्कर्षों के आधार पर, रिटर्निंग ऑफिसर ने आपत्तियों को खारिज कर दिया और हरदीप सिंह पुरी के तीनों नामांकन पत्रों को धारा 36 के तहत मान्य रखा।
दूसरी ओर, अन्य दो स्वतंत्र उम्मीदवारों के पत्र खारिज कर दिए गए हैं। रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि स्वतंत्र उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का पत्र इसलिए खारिज किया गया क्योंकि अनिवार्य फॉर्म 26 संलग्न नहीं था। इसी तरह, तीसरे उम्मीदवार कांत सयन्ना का पत्र अधूरी जानकारी के कारण अस्वीकार कर दिया गया था।
इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए हेमंत कटारे ने कहा कि वे इस मामले में अदालत जाएंगे। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की जीत सुनिश्चित करने की साजिश बताया।
इस बीच मध्य प्रदेश की अन्य खबरों में, एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डिंडोरी जिले के साल के जंगलों में 'हार्टवुड बोरर' नामक कीट फिर से सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। ये कीट लकड़ी को नुकसान पहुंचाते हैं। वन विभाग ने इस संबंध में सर्वे के आदेश दिए हैं। ग्रामीण लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए वन विभाग ने घोषणा की है कि जो कोई भी इन कीटों को पकड़ेगा, उसे प्रति कीट ₹2 का इनाम दिया जाएगा।
इसके अलावा, बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, एसोसिएटेड अल्कोहल्स कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। कंपनी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें राज्य की शराब डिस्टिलरीज के बीच कथित बिड रिगिंग और मार्केट एलोकेशन (कार्टेल) की जांच करने की सीसीआई (CCI) को अनुमति दी गई थी।
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