जेल ब्रेक की साजिश रचने वाला गैंगस्टर अमृतसर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल
पुलिस ने आकाशदीप नामक अपराधी को पकड़ा, जो जेल में बंद अंग्रेज नामक अपराधी को छुड़ाने की योजना बना रहा था
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 2:54 · 4 मिनट का पाठ
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पंजाब के अमृतसर में पुलिस और एक खतरनाक अपराधी के बीच हुई आमने-सामने की फायरिंग की घटना में आकाशदीप उर्फ आकाश नाम का वॉन्टेड अपराधी घायल हो गया है। इंडिया टुडे और आजतक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आकाशदीप पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
अमृतसर पुलिस आयुक्त हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार, आकाशदीप और उसके साथी एक अत्यंत गंभीर साजिश रच रहे थे। इस गैंग का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी 'अंग्रेज' को पुलिस हिरासत से छुड़ाना था। अंग्रेज के खिलाफ 15 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें भोला मर्डर केस और कोट खालसा मर्डर केस जैसे बड़े मामले शामिल हैं। आकाशदीप और उसके गिरोह ने अंग्रेज को जेल से मुक्त कराने के लिए पुलिस टीम पर हमला करने की योजना बनाई थी।
पुलिस आयुक्त गिल ने आगे बताया कि इस गैंग ने तय किया था कि जब अंग्रेज को अदालत में पेश करने ले जाया जाएगा या रास्ते में पुलिस वाहन कहीं रुकेगा, तब हमला किया जाएगा। इस साजिश के हिस्से के रूप में, वे जन्मदिन मनाने के बहाने या किसी ढाबे पर पुलिस वाहन को रोकने की योजना बना रहे थे, ताकि पुलिसकर्मियों पर अचानक हमला कर अंग्रेज को भागने में मदद की जा सके।
हालांकि, पुलिस विभाग ने इस साजिश को समय रहते विफल कर दिया। पुलिस को अपराधियों की गतिविधियों के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इस जानकारी के आधार पर, पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी निगरानी का उपयोग किया। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्तियों के रूट और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। इन सभी तैयारियों के बाद पुलिस टीम ने आकाशदीप को घेर लिया।
मुठभेड़ के घटनाक्रम के बारे में बताते हुए आयुक्त गिल ने कहा कि जब पुलिस टीम ने आकाशदीप को रुकने का संकेत दिया, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर हमला कर दिया। आकाशदीप ने पुलिसकर्मियों पर दो राउंड फायरिंग की। पुलिस द्वारा समर्पण की चेतावनी दिए जाने के बावजूद उसने फायरिंग जारी रखी, जिसके कारण पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
पुलिस ने नियंत्रित तरीके से दो राउंड फायरिंग की, जिसमें से एक गोली आकाशदीप के पैर में लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। घटनास्थल से पुलिस ने एक .30 बोर की पिस्तौल, दो खाली कारतूस, तीन जिंदा कारतूस और एक स्कूटर जब्त किया है। जब्त किया गया स्कूटर अमृतसर रजिस्ट्रेशन नंबर वाला है। पुलिस फिलहाल जांच कर रही है कि यह वाहन चोरी का है या आकाशदीप ने इसे किसी अन्य तरीके से प्राप्त किया था।
आकाशदीप के आपराधिक इतिहास के बारे में बात करते हुए आयुक्त गिल ने बताया कि वह बटाला पुलिस जिले के कादिया गांव का निवासी है। उसके खिलाफ अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में कुल 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आकाशदीप को अदालत द्वारा पहले ही 'घोषित अपराधी' (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित किया गया था, जिसके कारण पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
उस पर बटाला में एक मनी एक्सचेंजर की दुकान में लूटपाट करने का गंभीर आरोप है। पुलिस के अनुसार, आकाशदीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर पिस्तौल के बल पर मनी एक्सचेंजर की दुकान से लगभग ₹2.5 लाख की लूट की थी। इस घटना में भी वह मुख्य आरोपी था।
पुलिस आयुक्त के अनुसार, इस गैंग के चार अन्य सदस्यों की पहचान की गई है। पुलिस की अलग-अलग टीमें फिलहाल इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अब आकाशदीप से पूछताछ करेगी ताकि इस गैंग की अन्य आपराधिक गतिविधियों, जेल ब्रेक की साजिश के पूर्ण विवरण और अन्य सदस्यों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
आकाशदीप फिलहाल अस्पताल में है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस इस मामले में और सबूत जुटा रही है और अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए गहन जांच जारी रखे हुए है।
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