राजस्थान के 600 पहलवानों को मिलेगा 1,100 किलो शुद्ध देसी घी
हरियाणा की तरह पहलवानों को मजबूत बनाने के लिए राजस्थान स्टेट रेसलिंग एसोसिएशन द्वारा पोषण और सुविधाओं में बढ़ोतरी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 2:39 · 4 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
राजस्थान स्टेट रेसलिंग एसोसिएशन द्वारा राज्य के पहलवानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। न्यूज़18 की रिपोर्ट के अनुसार, एसोसिएशन ने राज्य भर के 600 से अधिक पहलवानों को 1,100 किलोग्राम शुद्ध गाय का घी वितरित करना शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पहलवानों के आहार में सुधार कर उन्हें अधिक शक्तिशाली बनाना है, ताकि वे हरियाणा के पहलवानों की तरह राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन कर सकें। इस घी का वितरण सरस डेयरी के सहयोग से किया जा रहा है।
इस पहल का प्रदर्शन कोटा में आयोजित 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले के दौरान 'चंबल राजस्थान केसरी' कुश्ती दंगल में देखने को मिला था। यहां पहलवानों को 1 किलो और 5 किलो के पैकेट में घी दिया गया था। एसोसिएशन का मानना है कि कुश्ती ताकत और स्टैमिना का खेल है, इसलिए दैनिक अभ्यास के साथ संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है। इस पहल के माध्यम से पहलवानों को न केवल घी, बल्कि अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भीलवाड़ा के पहलवान आरू चौधरी ने न्यूज़18 से बात करते हुए बताया कि, पहलवानों के लिए घी अनिवार्य है। यह शरीर के गठन और खेल के लिए जरूरी ताकत हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी बात का समर्थन करते हुए महिला पहलवान आरती ने बताया कि, कुश्ती में ताकत और पावर सबसे महत्वपूर्ण हैं, और घी ये दोनों चीजें प्रदान करता है। प्रतिद्वंद्वी के सामने लड़ने के लिए शरीर का मजबूत होना बहुत जरूरी है।
राजस्थान स्टेट रेसलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव दत्ता ने बताया कि, एसोसिएशन की प्राथमिकता अधिक युवाओं को कुश्ती की ओर आकर्षित करने और राज्य में इस खेल के लिए मजबूत नींव बनाने की है। उन्होंने जोड़ा कि, किसी भी खेल का आकर्षण उसकी इनाम की राशि और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं पर निर्भर करता है। इसलिए, पहलवानों को न केवल घी, बल्कि जूते, किट, पानी की बोतल और अन्य खेल उपकरण भी दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, लंबी यात्रा की थकान से बचने और मैच से पहले उचित आराम मिल सके, इसके लिए खिलाड़ियों को अब प्रतियोगिताओं में जाने के लिए विमान की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
एसोसिएशन का उद्देश्य राजस्थान के युवा पहलवानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाना है। इसके साथ ही महिलाओं को कुश्ती में प्रोत्साहन देने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग देने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जो खिलाड़ी भारत के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेडल जीतेंगे, उन्हें उनके आहार और खेल की जरूरतों के लिए विशेष मदद की जाएगी।
इस दंगल के माध्यम से एक सामाजिक संदेश भी दिया गया है। 'किक द ड्रग्स, पिक द स्पोर्ट्स' थीम के तहत युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलकूद अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। एसोसिएशन का मानना है कि उचित पोषण और प्रोत्साहन मिलने से राज्य के पहलवान निश्चित रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।
राजस्थान स्टेट रेसलिंग एसोसिएशन राजस्थान में कुश्ती के खेल का संचालन करने वाली मुख्य संस्था है। यह संस्था राज्य में कुश्ती के विकास, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए जिम्मेदार रही है। अतीत में भी इस संस्था द्वारा स्थानीय स्तर पर पहलवानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खोजकर उन्हें मुख्य धारा में लाना रहा है।
TRAI द्वारा इंटरकनेक्ट एग्रीमेंट्स रेगुलेशंस 2026 घोषित
नए संशोधित नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे
भारत और यूके के बीच व्यापार समझौते के तहत 2027 के लिए आवेदन आमंत्रित
व्यापारी यात्री कारों जैसे विशिष्ट उत्पादों के लिए शुल्क छूट प्राप्त करने हेतु आवेदन कर सकेंगे
મોબ લિંચિંગના કેસમાં બોમ્બે હાઈકોર્ટે આરોપી શરદ ગોરાણેની જામીન અરજી ફગાવી
કોર્ટે અવલોકન કર્યું કે વ્યક્તિના ભૂતકાળના ગુનાઓ કોઈ જૂથને મોબ લિંચિંગ દ્વારા સજા આપવાનો અધિકાર આપતા નથી