ग्रांटेड स्कूलों में २००० से अधिक शिक्षकों की भर्ती के लिए सरकार द्वारा समिति का गठन
शिक्षकों की कमी दूर करने और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तीन सदस्यों की कमेटी की नियुक्ति की गई।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
29 अक्टूबर 2026, शाम 4:01 · 3 मिनट का पाठ
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गुजरात राज्य के ग्रांटेड माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़ी शिक्षकों की जगहें भरने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शिक्षा के स्तर को और ऊंचा ले जाने और स्कूलों में शिक्षकों की कमी को तेजी से दूर करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक भर्ती चयन समिति का पुनर्गठन किया गया है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विषयों के २००० से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर निगरानी रखना और उसे गति देना है。
संदेश की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यभर के ग्रांटेड स्कूलों में फिलहाल लगभग २,००० जितनी शिक्षकों की जगहें खाली पड़ी हैं। इन खाली जगहों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा था। खास तौर पर अंग्रेजी, फिजिक्स (भौतिकी) और गणित (Mathematics) जैसे महत्वपूर्ण और कठिन विषयों के शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी महसूस हो रही थी, जिसे दूर करना अब इस समिति की प्राथमिकता रहेगी。
टीवी९ गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, इस भर्ती प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए सरकार द्वारा तीन सदस्यों की कमेटी की नियुक्ति की गई है। इस कमेटी में हिम्मतनगर के मितेश भट्ट, सूरत के जिग्नेशकुमार पटेल और अहमदाबाद के मनुभाई रावल को शामिल किया गया है। इस समिति में दो अनुभवी शिक्षाविदों के साथ-साथ संचालक मंडल के प्रतिनिधि को आधिकारिक स्थान दिया गया है। सरकार द्वारा इस कमेटी की नियुक्ति एक साल के कार्यकाल के लिए की गई है。
नई समिति का कार्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाना रहेगा। भर्ती प्रक्रिया उचित योग्यता और मेरिट के आधार पर हो तथा पूरी प्रक्रिया निर्विवाद रहे यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी इस समिति को सौंपी गई है। समिति नियमानुसार और समयबद्ध आयोजन करके योग्य उम्मीदवारों का चयन करेगी。
शाला संचालक मंडल के प्रतिनिधि के तौर पर कमेटी में स्थान पाने वाले मनुभाई रावल ने बताया था कि, राज्य के ग्रांटेड स्कूलों में लगभग २००० जितने शिक्षकों की जगहें खाली पड़ी हैं और खास तौर पर अंग्रेजी, फिजिक्स और मैथमेटिक्स जैसे विषयों के शिक्षकों की कमी महसूस हो रही है। उन्होंने आगे बताया कि, सरकार द्वारा शिक्षकों की भर्ती तेजी से की जाए इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। साथ ही भर्ती प्रक्रिया निर्विवाद रहे और उचित योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों की मेरिट के आधार पर चयन हो यह सुनिश्चित करना कमेटी का मुख्य काम रहेगा。
ग्रांटेड स्कूलों में शिक्षकों की खाली जगहों के कारण शिक्षण कार्य पर असर पड़ने की शिकायतों के बीच शाला संचालक मंडलों द्वारा लंबे समय से इन जगहों को भरने की मांग की जा रही थी। सरकार के इस निर्णय से अब लंबे समय से अटकी या विलंब में पड़ने वाली भर्ती प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी ऐसी आशा व्यक्त की जा रही है, जिससे शिक्षा जगत में सकारात्मक माहौल बनेगा।
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