बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के कैंप पर हमला, BLF का 7 सैनिकों के मारे जाने का दावा
दावा किया गया कि 28 अक्टूबर को बुलेदा क्षेत्र में महिला लड़ाकू इकाई KAAD और कुर्बान इकाई द्वारा हमला किया गया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, शाम 5:28 · 4 मिनट का पाठ
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बलूचिस्तान मुक्ति मोर्चा (BLF) ने दावा किया है कि उसकी महिला लड़ाकू इकाई और अन्य विंगों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस संगठन के अनुसार, 28 अक्टूबर को बलूचिस्तान प्रांत के केच जिले के बुलेदा क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के कैंप पर हमला किया गया, जिसमें 7 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है।
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, BLF ने बताया है कि उसकी पूरी तरह से महिलाओं वाली लड़ाकू इकाई, जिसे करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन (KAAD) के रूप में जाना जाता है, ने कुर्बान इकाई के साथ मिलकर यह ऑपरेशन चलाया था। इस हमले के दौरान मेनाज़ बाज़ार के दोनों ओर नाकाबंदी की गई थी और वाहनों की तलाशी ली गई थी। इस तलाशी के दौरान आलंदुर स्थित सेना के कैंप पर भारी और स्वचालित हथियारों से हमला किया गया था।
BLF के प्रवक्ता मेजर गवाहराम बलोच के बयान के अनुसार, KAAD और कुर्बान इकाई के लड़ाकों ने मेनाज़ में प्रभावी ढंग से नाकाबंदी की थी। इस हमले में रॉकेट और ग्रेनेड लॉन्चर जैसे भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। संगठन ने दावा किया है कि कैंप के अंदर भारी नुकसान हुआ है। जब पाकिस्तानी सेना की ओर से पिछले रास्ते से मदद पहुँचाने की कोशिश की गई, तो उस पर भी जवाबी हमला किया गया, जिससे और अधिक जनहानि होने का दावा किया गया है। संगठन ने यह भी बताया कि इस कार्रवाई में हाशुम उर्फ नूर बलोच नाम का लड़ाका शहीद हुआ है।
सोशल मीडिया पर महिला लड़ाकों की नाकाबंदी और उस क्षेत्र में उनकी मौजूदगी के कुछ वीडियो भी प्रसारित हुए हैं, जिनमें स्थानीय लोगों के साथ उनकी बातचीत के दृश्य देखे जा सकते हैं। ये सभी विवरण और तस्वीरें BLF द्वारा ही प्रस्तुत की गई हैं। हालांकि, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से इस घटना की कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, इसलिए वर्तमान में इसे एकतरफा दावा माना जा रहा है।
दूसरी ओर, पाकिस्तानी सुरक्षा स्रोतों द्वारा उसी क्षेत्र में एक घटना की रिपोर्ट दी गई थी। इस रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवादी नाकाबंदी करने की कोशिश कर रहे थे और सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में एक व्यक्ति मारा गया। इस प्रकार, दोनों पक्षों के बयानों में अंतर देखा जा सकता है। बलूचिस्तान जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्र में ऐसी घटनाओं की पुष्टि करना कठिन है क्योंकि वहां पहुंच सीमित है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पेश करते हैं।
KAAD, BLF द्वारा हाल ही में बनाई गई महिला लड़ाकू इकाई है। इस इकाई का नाम करीमा बलोच के नाम पर रखा गया है, जो बलोच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन की पूर्व अध्यक्ष थीं। करीमा बलोच की 2020 में कनाडा में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। संगठन अब महिलाओं को केवल सहायक भूमिका में ही नहीं, बल्कि सीधे सशस्त्र कार्रवाई में भी शामिल कर रहा है। इससे पहले भी KAAD ने सैन्य काफिलों पर हमलों सहित कई हमलों के दावे किए थे। महिलाओं को लड़ाकू भूमिका में लाना विद्रोही समूहों के लिए एक नया प्रचार हथियार बन गया है, जिससे वे स्थानीय समर्थन प्राप्त करने और अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचने का प्रयास कर रहे हैं ऐसा प्रतीत होता है।
बलूचिस्तान में संसाधनों पर नियंत्रण, लोगों के गायब होने और आर्थिक शोषण जैसे मुद्दों को लेकर लंबे समय से असंतोष है। विद्रोही संगठन इन मुद्दों को उठाकर अपने संघर्ष को सही ठहराने का प्रयास करते हैं, जबकि पाकिस्तान सरकार इन गतिविधियों को आतंकवादी गतिविधियां मानकर सुरक्षा अभियान चलाती है। इससे पहले अक्टूबर 2026 में भी BLF ने कई हमलों के दावे किए थे, जिनमें ग्वादर सहित अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की मौत होने की बात कही गई थी। ये दावे अक्सर अतिरंजित होते हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से जांच नहीं की जाती है।
बलूचिस्तान मुक्ति मोर्चा (BLF) बलूचिस्तान क्षेत्र में सक्रिय एक अलगाववादी संगठन है। यह लंबे समय से पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष और विद्रोह की गतिविधियों में शामिल रहा है।
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