चक्रवात अर्णब से ओडिशा में भारी बाढ़ और भूस्खलन, हजारो लोग फंसे
गंजम और गजपति जिलों में भारी बारिश से तबाही मची, राहत कार्य के लिए हेलीकॉप्टर से भोजन पहुंचाने की तैयारी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
1 नवंबर 2026, सुबह 10:12 · अपडेट सुबह 8:43 · 7 मिनट का पाठ
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चक्रवात अर्णब के कारण ओडिशा के दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी भागों में हुई भारी बारिश और बाढ़ से गंजम, गजपति और कंधमाल जिलों में भारी तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसमें नौ महीने के एक शिशु सहित कुल तीन लोगों की मौत हो गई है। कंधमाल जिले में हुए भूस्खलन में एक दंपत्ति और उनके नौ महीने के पुत्र की मृत्यु हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माज़ी ने मृतकों के परिवारों के लिए ₹4 लाख के अनुग्रह मुआवजे की घोषणा की है।
The Hindu के रिपोर्ट के अनुसार, गंजम और गजपति जिलों में सड़कें कट गई हैं और सैंकड़ों गांव बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। राज्य सरकार ने बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। गंजम जिले में अनुमानित 2,000 लोग घिरे हुए हैं, जो चारों तरफ से बाढ़ के पानी से अलग थलग पड़ गए हैं। गंजम जिला कलेक्टर घटनास्थल पर मौजूद रहकर बचाव कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। राज्य के मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि, भारतीय कोस्ट गार्ड बचाव हेलीकॉप्टर के साथ तैयार है, लेकिन लगातार बारिश और नीचे बादलों के कारण हवाई काम में बाधा आ रही है।
Hindustan Times के रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा में पिछले 35 वर्षों में एक दिन में हुई सबसे अधिक बारिश का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। गंजम जिले के पत्रपुर में 24 घंटे में 546 mm बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में एक ही स्थान पर पिछले 35 वर्षों में हुई सबसे अधिक बारिश है। गंजम जिले के सोराडा में 503.8 mm और कंधमाल के जी. उदयगिरी में 462.4 mm बारिश दर्ज की गई। गजपति के महेंद्रगढ़ में 458.8 mm बारिश दर्ज की गई। IMD के डेटा के अनुसार, पत्रपुर और सोराडा में बाढ़ के प्रभाव के तहत 24 घंटे के अंत में क्रमशः 546 mm और 503 mm बारिश दर्ज की गई थी। कंधमाल में जी. उदयगिरी और गजपति में महेंद्रगढ़ में भी 400 mm से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
Business Standard के रिपोर्ट के अनुसार, गंजम जिले में अनुमानित 50,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि गजपति में 30,000 और कंधमाल में 12,000 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण ऋषिकुल्या नदी उफान पर होने से गंजम में व्यापक नुकसान हुआ है, जिससे गांव बाढ़ग्रस्त हो गए हैं, पुल नष्ट हो गए हैं और सड़कें बह गई हैं। धारकोट ब्लॉक के दासमैली गांव में लगभग 10 फीट पानी भर गया है। अच्छुली के पास ऋषिकुल्या नदी में 30 फीट की दरार (breach) उत्पन्न हो गई है और पताशाला के पास का पुल बह गया है। अस्का, बंजनगर, पुरुषोत्तमपुर और सानाखेमुंडी जैसे क्षेत्रों में रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है।
NDTV के रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 23,000 से अधिक लोग राहत शिविरों में हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि, 313 बचाव टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें से 100 से अधिक टीमें गंजम और गजपति जिलों में कार्यरत हैं। गंजम जिले में न पहुंच पाने योग्य क्षेत्रों में भोजन के पैकेट गिराने के लिए भारतीय नौसेना और भारतीय कोस्ट गार्ड के चार हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया जाएगा। गंजम जिले में 21 पहचाने गए स्थानों पर भोजन के पैकेट एयरड्रॉप किए गए हैं। भारी पानी के बहाव के कारण आधुनिक नावों द्वारा भी प्रभावित लोगों तक पहुंचना संभव नहीं था, इसलिए NDRF और ODRAF के कर्मचारियों ने नावों द्वारा पकाया हुआ भोजन पहुंचाया है।
गजपति जिले में मोहना ब्लॉक के लेडाबंधा में नेशनल हाईवे 326 का लगभग 300 मीटर का हिस्सा बाढ़ के पानी में बह गया है, जिससे मोहना और गंजम के बीच का संपर्क टूट गया है। गंजम और मोहना को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 326 भी बाढ़ के पानी में बह गया था। पहाड़ी भूभाग के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है, क्योंकि बारिश का पानी निचले इलाकों में तेजी से बह जाता है, जिससे छोटे भूस्खलन हुए हैं। बाढ़ के कारण कटाई की तैयारी में रखे धान की फसल को भी नुकसान हुआ है। विशाखापट्टनम संभाग के इच्छापुरम-जादुपूडी सेक्शन में दो रेलवे पुलों पर पानी खतरनाक स्तर से ऊपर होने के कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिसके कारण रेलवे ने 9 ट्रेनें रद्द की हैं और 14 ट्रेनें डायवर्ट की हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माज़ी से बात कर स्थिति की जानकारी ली थी। शाह ने ओडिशा और अन्य प्रभावित राज्यों को बाढ़ के प्रभावों से लड़ने के लिए सभी संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की है। NDRF और SDRF की टीमों को युद्ध स्तर पर बचाव और राहत कार्य करने के लिए तैनात किया गया है। बाढ़ के नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम 2 नवंबर के दिन ओडिशा की यात्रा करेगी।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माज़ी ने बताया कि, प्रशासन चक्रवात अर्णब की तैयारी के हिस्से के रूप में मल्कानगिरी जिले में बड़े प्रभाव की अपेक्षा कर रहा था, लेकिन गंजम जिले में इतनी भारी बारिश होगी और गंभीर बाढ़ आएगी इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए 24 घंटे काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने गंजम जिले में राहत और बचाव कार्य के लिए अतिरिक्त ₹20 करोड़ मंजूर किए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो 3 नवंबर से ओडिशा की यात्रा पर आने वाली थीं, उन्होंने स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनकी यात्रा रद्द कर दी है और मुख्यमंत्री से बात की थी।
राजनीतिक रूप से, विपक्षी BJD, कांग्रेस और वाम दलों ने भाजपा सरकार की आलोचना की है और आरोप लगाया है कि IMD की पहले से मिली चेतावनियों के बावजूद सरकार पर्याप्त निवारक उपाय लेने में असफल रही है। दूसरी तरफ, परिवहन मंत्री बी बी जेना ने बताया कि बहुडा नदी का जलस्तर घटने से कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-16 कार्यरत हो गया है। गंजम जिले में राहत कार्य में मदद करने के लिए 30 वरिष्ठ ओडिशा प्रशासनिक सेवा (OAS) अधिकारियों को भी तैनात किया गया है। गंजम कलेक्टर वी कीर्ति वासन द्वारा बताया गया है कि गुरुवार से राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
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