प्रधानमंत्री अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट के लिए आवेदन शुरू, ₹60 लाख तक की सहायता मिलेगी
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन द्वारा यह योजना लागू
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, शाम 6:14 · अपडेट शाम 6:22 · 4 मिनट का पाठ
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अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन (ANRF) द्वारा प्रधानमंत्री अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट (PM ECRG) के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत कर रहे शोधकर्ताओं को उनके शोध कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करना है। अमर उजाला की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के तहत चयनित शोधकर्ताओं को तीन साल की अवधि के लिए ₹60 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस सहायता के अलावा, संस्थान के खर्चों को पूरा करने के लिए अलग से ओवरहेड राशि भी दी जाएगी।
इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 2 दिसंबर 2026 को शाम 5 बजे तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।
पात्रता की बात करें तो, आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान, राष्ट्रीय प्रयोगशाला या अनुसंधान एवं विकास (R&D) संस्थान में नियमित शैक्षणिक या शोध पद होना अनिवार्य है। इसके अलावा, उम्मीदवार ने निर्धारित समय सीमा के भीतर संस्थान में अपना कार्य शुरू किया होना चाहिए। विशेष रूप से, जो उम्मीदवार 1 फरवरी 2023 या उसके बाद संस्थान से जुड़े हैं, वे इस योजना के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। इस योजना में MD, MS, MDS या MVSc डिग्री धारक उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।
योजना के नियमों के अनुसार, SC, ST, OBC, दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों के लिए 3 वर्ष की समय सीमा का उल्लेख किया गया है। जबकि PIO और OCI उम्मीदवारों के लिए शर्त है कि उनके साथ भारत के किसी संस्थान से जुड़े Co-PI होने चाहिए।
वित्तीय सहायता के उपयोग के विवरण देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि, तीन साल के लिए मिलने वाली ₹60 लाख तक की सहायता में ओवरहेड खर्च शामिल नहीं है। इस राशि का उपयोग शोध के लिए आवश्यक उपकरण खरीदने, प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन, आवश्यक सामग्री की खरीद, यात्रा व्यय और अन्य आकस्मिक खर्चों के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, योजना के तहत ओपन-एक्सेस रिसर्च पब्लिकेशन और पेटेंट फाइल करने के खर्च में भी मदद मिल सकती है। यदि प्रोजेक्ट के काम के लिए विदेश यात्रा की आवश्यकता हो, तो उसकी अनुमति भी दी जाएगी। हालांकि, ग्रांट का उपयोग पूरी तरह से योजना के नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही करना होगा।
उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रहेगी और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर की जाएगी। आवेदन करते समय उम्मीदवार को एक शोध प्रस्ताव (Research Proposal) जमा करना होगा, जिसमें उन्हें अपने कार्य की योजना और उसके उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से बताना होगा। विशेषज्ञ समिति इस प्रस्ताव की सूक्ष्मता से समीक्षा करेगी और उसके बाद चयन के लिए सिफारिश करेगी।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना के तहत मिलने वाली ग्रांट एक वन-टाइम करियर ग्रांट है। इसका अर्थ है कि एक बार यह सहायता मिलने के बाद, शोध प्रोजेक्ट की समय अवधि नहीं बढ़ाई जा सकेगी। इसलिए, उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करने से पहले पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों और ग्रांट से जुड़े सभी नियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें।
एक बार फिर याद दिलाया गया है कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 2 दिसंबर 2026, शाम 5 बजे तक है।
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