दिवाली पर घर पर बनाएं पारंपरिक गुजराती चोलाफली, जानें पूरी और आसान विधि
बेसन और उड़द की दाल के आटे से बनने वाला यह कुरकुरा नमकीन मेहमानों के स्वागत के लिए एक बेहतरीन विकल्प है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 1:24 · 4 मिनट का पाठ
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दिवाली का त्योहार हो और घर में विभिन्न प्रकार की मिठाइयां और नमकीन न बनें, ऐसा हो नहीं सकता। इस खास अवसर पर लोग अपने घर आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए कई प्रकार के पकवान तैयार करते हैं। यदि आप भी इस दिवाली बाजार से नमकीन खरीदने के बजाय घर पर ही कुछ अलग और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो गुजरात की प्रसिद्ध चोलाफली एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। आज तक (Aaj Tak) की रिपोर्ट के अनुसार, चोलाफली एक पारंपरिक गुजराती नमकीन है, जो खाने में अत्यंत हल्की, कुरकुरी और स्वादिष्ट होती है।
चोलाफली की मुख्य विशेषता यह है कि यह मुंह में रखते ही आसानी से टूट जाती है। यह व्यंजन मुख्य रूप से बेसन और उड़द की दाल के आटे से तैयार किया जाता है। इसके स्वाद को और बढ़ाने के लिए तैयार चोलाफली के ऊपर से काला नमक और लाल मिर्च पाउडर छिड़का जाता है। हालांकि, इसे बाजार जैसा हल्का और कुरकुरा बनाने के लिए आटा गूंथने के बाद उसे कूटने की प्रक्रिया करना बहुत जरूरी है, जिससे इसकी बनावट में सुधार आता है।
इस पारंपरिक नमकीन को बनाने की विधि बहुत सरल है। सबसे पहले एक पैन में 1 कप पानी लें। इस पानी में स्वादानुसार नमक और हींग डालकर इसे उबालें। जब पानी में अच्छी तरह उबाल आने लगे, तब गैस बंद कर दें और इस पानी को अलग रख दें।
इसके बाद एक बड़े बर्तन में बेसन लें और उसमें 2 से 3 बड़े चम्मच तेल मिलाएं। हाथों की मदद से बेसन और तेल को अच्छी तरह मिला लें ताकि तेल बेसन में ठीक से मिल जाए। इसके बाद, पहले से तैयार गर्म हींग वाला पानी धीरे-धीरे डालते हुए आटा गूंथें। आटा गूंथते समय विशेष ध्यान रखें कि आटा बहुत सख्त न हो जाए और बहुत नरम भी न रहे।
चोलाफली को हल्का और फूला हुआ बनाने का सबसे महत्वपूर्ण चरण अब शुरू होता है। तैयार आटे पर थोड़ा तेल लगाएं और उसे एक साफ जगह पर रखें। इसके बाद मूसल या ओखली की मदद से इस आटे को लगभग 7 से 8 मिनट तक कूटें। इस प्रक्रिया से आटा मुलायम और लचीला बनता है, जिसके कारण चोलाफली को बाजार जैसी हल्की बनावट मिलती है।
आटा तैयार हो जाने के बाद, उसकी नींबू के आकार की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। अब चकले और बेलन पर थोड़ा तेल लगाएं। एक-एक लोई लेकर उसे बहुत पतली पूरी या पापड़ी के आकार में बेल लें। बेलने के बाद, चाकू या पिज्जा कटर की मदद से उसे लंबी-लंबी पट्टियों में काट लें।
अब एक कढ़ाई में तेल गर्म करें। जब तेल मध्यम गर्म हो जाए, तब चोलाफली की पट्टियों को सावधानीपूर्वक तेल में डालें। इसे तब तक तलें जब तक कि यह फूलकर हल्का सुनहरा और कुरकुरा न हो जाए। तलने के बाद इसे बाहर निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें, ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
जब चोलाफली अभी हल्की गर्म हो, तब उसके ऊपर काला नमक और लाल मिर्च पाउडर छिड़कें। इसके बाद उसे हल्के हाथों से मिलाएं ताकि मसाला हर टुकड़े पर ठीक से लग जाए। इस तरह गुजरात की प्रसिद्ध और कुरकुरी चोलाफली तैयार हो जाती है। इस नमकीन को आप चाय के साथ परोस सकते हैं या दिवाली के त्योहार पर मेहमानों को खिला सकते हैं।
आज तक द्वारा बताया गया है कि यदि आप बाजार जैसी क्रिस्पी चोलाफली चाहते हैं, तो आटे को कूटने की विधि अपनाना अनिवार्य है। बेसन और उड़द की दाल के आटे का सही मिश्रण और गर्म हींग वाले पानी का उपयोग इस व्यंजन को पारंपरिक स्वाद देता है।
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