जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 21 प्रतिशत प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए
भारत के इतिहास का सबसे बड़ा ₹30,213 करोड़ का आईपीओ निवेशकों के भारी उत्साह के साथ बाजार में आया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
29 अक्टूबर 2026, सुबह 11:58 · अपडेट दोपहर 2:57 · 8 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बाजार में प्रवेश के साथ निवेशकों में भारी उत्साह देखा गया है। बुधवार को BSE और NSE पर जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर ₹1,359 के भाव पर लिस्ट हुए, जो कंपनी के आईपीओ मूल्य से 21 प्रतिशत प्रीमियम पर है। इस लिस्टिंग के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है।
The Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर ₹1,119 की इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹1,359 पर लिस्ट हुए हैं। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने इस कंपनी के लिए पहली बार 'बाय' (खरीदने) की सलाह दी है और ₹1,340 का टारगेट प्राइस दिया है, जो इश्यू प्राइस से 20 प्रतिशत वृद्धि का संकेत देता है। नोमुरा ने बताया कि जिस कंपनी ने कभी बाजार में व्यवधान पैदा किया था, वह अब लीडर बन गई है।
BBC हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ है। इस आईपीओ के लिए 21 अक्टूबर को आवेदन शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर उपलब्ध शेयरों से अधिक बोली प्राप्त हो गई थी। दुनिया के बड़े फंड मैनेजरों, भारतीय संस्थानों और छोटे रिटेल निवेशकों की ओर से इस आईपीओ को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी।
TV9 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, शेयरधारकों की संख्या के मामले में जियो प्लेटफॉर्म्स शीर्ष स्थान पर है। कंपनी के पास 79.8 लाख शेयरधारक हैं। इस सूची में Tata Motors PVeh 61.2 लाख शेयरधारकों के साथ दूसरे स्थान पर, Vodafone Idea 57.9 लाख शेयरधारकों के साथ तीसरे स्थान पर, Yes Bank 57.6 लाख शेयरधारकों के साथ चौथे स्थान पर और Suzlon Energy 56 लाख शेयरधारकों के साथ पांचवें स्थान पर है। इस सूची में Tata Motors 53.1 लाख, Tata Steel 51.4 लाख, Reliance Industries 50.7 लाख, IRFC 50.1 लाख, Jio Financial 49.7 लाख और HDFC Bank 48.1 लाख शेयरधारकों के साथ स्थान रखते हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स के मालिक एशिया के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी हैं। कंपनी ने 2016 में भारत के टेलीकॉम बाजार में प्रवेश किया था और अत्यंत सस्ती दरों पर सेवाएं देकर लाखों भारतीयों को इंटरनेट से जोड़ा था। कंपनी के इस आक्रामक दृष्टिकोण के कारण भारत के टेलीकॉम बाजार में बड़ी उथल-पुथल हुई थी। एक समय बाजार में 17 कंपनियां थीं, जो अब केवल तीन बड़ी कंपनियों तक सीमित रह गई हैं। कुछ आलोचकों ने आरोप लगाया था कि जियो ने कीमतों की ऐसी लड़ाई शुरू की जिससे अन्य कंपनियों को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ा। हाल ही में एलन मस्क ने मुकेश अंबानी की आलोचना करते हुए उन्हें "भारत का असली बॉस" कहा था और संकेत दिया था कि जियो भारत में उनकी कंपनी स्टारलिंक को आने से रोकने का प्रयास कर रही है। हालांकि, रिलायंस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे मस्क की प्रतिस्पर्धा का स्वागत करते हैं।
जियो की सस्ती डेटा योजनाओं ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऑनलाइन पेमेंट, फूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स जैसी सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में जियो का बड़ा योगदान रहा है। जियो के आगमन के बाद उसके पहले तीन वर्षों में ग्राहकों का डेटा उपभोग 50 गुना बढ़ गया था और डेटा की कीमतों में तेजी से गिरावट आई थी। 2026 तक कंपनी ने लगभग 55.3 करोड़ मोबाइल ग्राहक बनाए हैं। कंपनी के पास वायरलेस ब्रॉडबैंड बाजार में 50 प्रतिशत और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। MK Global के अनुसार, भारत के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक का 60 प्रतिशत हिस्सा जियो के नेटवर्क से होकर गुजरता है। कंपनी का यह भी कहना है कि चीन के अलावा उसके पास 5G ग्राहकों की सबसे बड़ी संख्या है।
एनालिस्ट्स का मानना है कि शेयर बाजार में लिस्ट होने से कंपनी की कीमत तय करने की रणनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। इस आईपीओ के माध्यम से कंपनी के प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी लगभग 3 प्रतिशत कम करेंगे। वेल्थ मैनेजमेंट के सह-संस्थापक नित्या शाह के अनुसार, बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सस्ती दरों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का जियो का युग अब समाप्त होने की ओर है। शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद जियो को छोटे शेयरधारकों को भी जवाब देना होगा, जिससे कीमतों को जानबूझकर कम रखने का कारण कमजोर हो सकता है।
मोतीलाल ओसवाल ने एक नोट में बताया है कि कंपनी की भविष्य की वृद्धि इस बात पर निर्भर करेगी कि वह प्रत्येक ग्राहक से कितनी अधिक आय प्राप्त करती है। इसके लिए ग्राहकों को 5G पर ले जाना, समय-समय पर टैरिफ बढ़ाना और ऐसे घरों तक फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड पहुंचाना महत्वपूर्ण होगा जहां अभी तक फाइबर नहीं पहुंचा है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा वोडाफोन आइडिया को हो सकता है, क्योंकि इस क्षेत्र की सबसे कमजोर वित्तीय स्थिति वाली कंपनी को यह एक मजबूत सहारा मिल सकता है।
डेटा उपभोग के आंकड़े भी बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। 2024 में जियो के प्रत्येक ग्राहक का औसत मासिक डेटा उपभोग 28.7 GB था, जो 2026 में बढ़कर 42.3 GB हो गया है। यानी दो वर्षों में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कुछ अनुमानों के अनुसार, इस दशक के अंत तक डेटा उपभोग 65 GB तक पहुंच सकता है, जो जियो को लंबे समय में प्रत्येक ग्राहक से औसत आय बढ़ाने में मदद करेगा। MK Global के अनुसार, चीन और अमेरिका की तुलना में डिजिटल सेवाओं की पहुंच अभी भी कम है, इसलिए विकास की काफी संभावनाएं हैं। मूडीज (Moody's) रेटिंग एजेंसी के अनुसार, शेयर बाजार में लिस्ट होने से जियो के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ सकती है और निवेशकों को कंपनी का अधिक स्पष्ट बाजार मूल्यांकन मिल सकेगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज का हिस्सा है। रिलायंस का व्यवसाय तेल शोधन से लेकर रिटेल तक फैला हुआ है। रिलायंस ने 1958 में मसालों और पॉलिएस्टर धागे के छोटे व्यवसाय से शुरुआत की थी और उसके बाद टेक्सटाइल, पेट्रोकेमिकल्स, रिफाइनिंग, रिटेल, टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं तक अपना विस्तार किया है। रिलायंस ने लंबे समय तक निवेशकों की संपत्ति बढ़ाने का रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी के संस्थापक धीरूभाई अंबानी ने 1980 और 1990 के दशक में शेयर बाजार में निवेश को लोकप्रिय बनाने में बुनियादी भूमिका निभाई थी। उन्होंने शेयर बाजार में निवेश को केवल धनी परिवारों तक सीमित रखने के बजाय आम लोगों तक पहुंचाया था। कंपनी की वार्षिक आम सभाओं को बड़े उत्सव में बदलने की परंपरा से निवेशकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी बना था।
पिछले एक वर्ष में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है, फिर भी लंबे समय के रिकॉर्ड के कारण निवेशकों का विश्वास बना हुआ है। मुंबई की वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के क्रांति बाथिनी ने बताया कि कंपनी ने 30 वर्षों तक लगातार औसत लगभग 30 प्रतिशत का वार्षिक रिटर्न दिया है, जिसके कारण लोगों को उम्मीद है कि जियो के आईपीओ में भी वही जादू देखने को मिलेगा।
इस समाचार का स्रोत
- The Economic Times
- Business Standard
- ટીવી9 ગુજરાતી
- BBC हिंदी
- Business Standard
- Business Standard
- Business Standard
- Business Standard
- BBC ગુજરાતી
गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો
सुअरों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने वीर्य उत्पादन के नए मानक जारी किए
पूर्वोत्तर भारत में आनुवंशिक सुधार और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए