स्वदेशी सुरक्षित संचार प्रणाली के लिए भारतीय वायु सेना और आईआईटी मद्रास के बीच समझौता
हवाई प्लेटफार्मों के लिए डिजिटल संचार प्रणाली विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, रात 9:23 · 2 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
भारतीय वायु सेना (IAF) के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (SDI) ने हवाई अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी डिजिटल संचार प्रणाली के संयुक्त डिजाइन और विकास के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) और IITM प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए हैं।
PIB की रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वपूर्ण समझौते पर SDI के कमांडेंट एयर वाइस मार्शल सरबजीत सिंह और IITM प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. एम.जे. शंकर रमन द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे। इस अवसर पर IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी भी उपस्थित थे।
इस सहयोग के ढांचे के तहत, भारतीय वायु सेना, IIT मद्रास और IITM प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन संचार प्रणाली और नेटवर्किंग के लिए उन्नत एल्गोरिदम विकसित करने पर मिलकर काम करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हवाई प्लेटफार्मों के लिए सुरक्षित डिजिटल संचार प्रणाली तैयार करना है।
स्वदेशी रूप से विकसित इन प्रणालियों से आयातित तकनीक पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, इस कदम से भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी और यह 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को और मजबूत करेगा।
भारतीय वायु सेना भारतीय सशस्त्र बलों की हवाई शाखा है। इसका प्राथमिक मिशन भारतीय हवाई क्षेत्र को सुरक्षित रखना और सशस्त्र संघर्षों के दौरान हवाई युद्ध लड़ना है। इसकी आधिकारिक स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को ब्रिटिश इंडिया की सहायक वायु सेना के रूप में की गई थी, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारत की विमानन सेवा को सम्मानित किया था।
बंगाल सरकार 1.1 लाख डॉक्टरों के दस्तावेजों की जांच कर नकली डॉक्टरों को हटाएगी
स्टेट मेडिकल काउंसिल में 1996 से पंजीकृत सभी चिकित्सकों के लिए 'नो योर डॉक्टर' अभियान शुरू होगा
चक्रवात अर्नब और मुरुसु के बाद मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र से मांगी मदद
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है
यवतमाल में सूखे की मार से किसानों का सामूहिक पलायन, गांव हुए वीरान
रोजगार की तलाश में पुणे, मुंबई और गुजरात की ओर प्रस्थान कर रहे लोग