शोपियां में लश्कर और टीआरएफ से जुड़ा आतंकी फंडिंग नेटवर्क तोड़ा
आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने वाले 10 सदस्यों की गिरफ्तारी की गई
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
30 अक्टूबर 2026, दोपहर 1:27 · 3 मिनट का पाठ
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जम्मू कश्मीर के शोपियां में पुलिस द्वारा एक बड़े आतंकी फंडिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क आम लोगों से गुप्त रूप से धन एकत्र करके उसे आतंकियों तक पहुंचाने का काम करता था।
पुलिस द्वारा की गई जांच में पता चला है कि इस नेटवर्क का संबंध केंद्र शासित प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद सभी आतंकियों और उनके सहयोगियों के साथ था। ये आरोपी लोगों से धन प्राप्त करके आतंकियों की गतिविधियों में मदद करने के लिए इस धन का वित्तीय नेटवर्क के माध्यम से वितरण करते थे। इस धन का उपयोग आतंकियों को स्मार्टफोन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाता था।
इस मामले में शोपियां पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। जांच के दौरान विभिन्न पेमेंट प्लेटफॉर्म से किए गए अनेक संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन सामने आए थे, जिससे इस आतंकी फंडिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ था। पुलिस फिलहाल इस मामले में अधिक जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर रही है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में भविष्य में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शोपियां के निवासी शामिल हैं, जिनमें सेदपोरा बाला के ओवैस शफी नाइकू, रावलपोरा के तजामुल अहमद शाह, चित्रगाम कलां के मोज इकबाल और इमदाद यूसुफ गनाई शामिल हैं। इसके अलावा, शोपियां के ट्रेन्ज स्थित नादिगुंड के फिरदौस ठोकर की भी गिरफ्तारी की गई है। अन्य आरोपियों में पुलवामा के मुरन से साकिब जहूर वानी और लियाकत नजीर लोन, अरमोह के आमिर अहमद गनाई के साथ ही कठुआ के चेक हरिया के मोहम्मद हनीफ और काजू शामिल हैं।
द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के बारे में जानकारी देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि, यह जम्मू कश्मीर के आतंकी संगठनों में एक नया नाम है जो 2019 में धारा 370 हटाने के बाद अस्तित्व में आया था। भारत सरकार इस संगठन को लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी आतंकी संगठन मानती है। सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा पार के ISI हैंडलरों ने ही लश्कर-ए-तैयबा की मदद से TRF को खड़ा किया था। यह आतंकी संगठन सुरक्षा बलों और आम नागरिकों की हत्या करने के साथ सीमा पार से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में भी शामिल रहा है।
इस रिपोर्ट के दौरान एक अन्य घटना का भी उल्लेख किया गया है कि, पुंछ में सेना ने एक सर्च ऑपरेशन के दौरान 7 संदिग्ध IED और 7.62 मिमी लाइट मशीन गन (LMG) की मैगजीन बरामद की थी। इस कार्रवाई के एक दिन पहले ही 2 आतंकी मददगारों की गिरफ्तारी की गई थी।
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