बेंगलुरु-गोवा वंदे भारत एक्सप्रेस मेल ट्रेनों जितनी धीमी गति से चलेगी
ट्रैक की खराब स्थिति के कारण औसत गति 53-54 किमी प्रति घंटा रहेगी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 3:56 · 2 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
बेंगलुरु और गोवा के बीच शुरू होने वाली आगामी वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की सबसे धीमी ट्रेनों में से एक बन सकती है। द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रेन की औसत गति केवल 53-54 किमी प्रति घंटा रहने की संभावना है, जो सामान्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की गति के बराबर है।
यह नई सेवा बेंगलुरु से मडगाँव तक की कुल 670 किमी की दूरी तय करेगी। इस यात्रा को पूरा करने में इस ट्रेन को लगभग 12 से 13 घंटे का समय लगेगा। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेन होने के बावजूद, इसकी औसत गति कई मौजूदा रेल सेवाओं से कम होगी।
वंदे भारत ट्रेनों में 160 किमी प्रति घंटा की स्वीकृत गति से चलने की क्षमता है, लेकिन बेंगलुरु-गोवा रूट पर यह गति प्राप्त नहीं की जा सकेगी। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैक या पटरियों की वर्तमान स्थिति के कारण व्यावसायिक संचालन (commercial runs) के लिए अधिकतम गति को 130 किमी प्रति घंटा तक सीमित कर दिया गया है।
वर्तमान में देश के अन्य रूटों पर संचालित वंदे भारत सेवाएं काफी अधिक औसत गति से चलती हैं। अन्य सेवाओं की औसत गति अक्सर 65 किमी प्रति घंटा से अधिक होती है, जिसकी तुलना में बेंगलुरु-गोवा रूट की गति काफी कम है।
इस रेलवे रूट पर यात्रा की गति बढ़ाने के लिए ट्रैक की स्थिति में निरंतर सुधार करना अत्यंत आवश्यक है। जब तक पटरियों की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया जाता, तब तक इस ट्रेन की गति बढ़ाने की क्षमता का पूरा उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
इस प्रकार, आधुनिक तकनीक और अधिक गति के लिए जानी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस इस विशिष्ट रूट पर अपनी क्षमता के अनुसार नहीं दौड़ पाएगी और यात्रियों को सामान्य ट्रेनों जितना ही समय लेना होगा। ट्रैक की सीमाओं ने इस हाई-स्पीड ट्रेन को धीमी गति से चलाने के लिए मजबूर कर दिया है।
गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો
सुअरों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने वीर्य उत्पादन के नए मानक जारी किए
पूर्वोत्तर भारत में आनुवंशिक सुधार और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए