नोटबंदी के बाद 10 वर्षों के आंकड़ों के माध्यम से टैक्स बेस की समीक्षा
भारत के टैक्स बेस में वृद्धि हुई है या नहीं, इसकी जांच की गई
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, शाम 6:25 · 1 मिनट का पाठ
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बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, नोटबंदी के बाद के 10 वर्षों के आंकड़ों की समीक्षा की गई है। इस समीक्षा का उद्देश्य यह जानना है कि क्या नोटबंदी के कारण भारत के टैक्स बेस का विस्तार हुआ है।
दूसरी ओर, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक विधवा महिला ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान अपने बैंक खाते में ₹60,07,500 नकद जमा किए थे। उन्होंने संबंधित वर्ष के लिए आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया था, जिसके कारण निर्धारण अधिकारी ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 148ए(बी) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
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