मनसुख मंडाविया और बोरिस वान डर वॉरस्ट ने लॉस एंजिल्स २०२८ ओलंपिक के लिए की चर्चा
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ बैठक में भारतीय बॉक्सिंग और आगामी ओलंपिक तैयारियों पर हुई चर्चा।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
2 नवंबर 2026, शाम 4:51 · अपडेट शाम 4:28 · 3 मिनट का पाठ
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बिज़नेस स्टैंडर्ड के रिपोर्ट के अनुसार, वर्ल्ड बॉक्सिंग के पूर्व प्रमुख बोरिस वान डर वॉरस्ट ने नई दिल्ली में गुरुवार को केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया तथा बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के प्रमुख अजय सिंह से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान मुख्य रूप से भारत में बॉक्सिंग की प्रगति और लॉस एंजिल्स २०२८ ओलंपिक्स के लिए की तैयारियों पर चर्चा की गई। इस बैठक में मंत्री मनसुख मंडाविया ने बीएफआई और उसके नेतृत्व पर सरकार का विश्वास फिर से व्यक्त किया और मुख्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के हालिया प्रदर्शन को आगे बढ़ाकर इसे ओलंपिक पदकों में परिवर्तित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बोरिस वान डर वॉरस्ट ने इंस्टाग्राम पर इस बैठक की विवरण शेयर करते हुए बताया कि मंत्री ने फेडरेशन, भारतीय बॉक्सरों और प्रमुख अजय सिंह के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार और देश की १.४ अरब की आबादी उनकी महत्वाकांक्षाओं के पीछे पूरी तरह से खड़ी है। वान डर वॉरस्ट ने जोड़ा कि मंत्री भारतीय बॉक्सिंग द्वारा हाल के वर्षों में हुई अद्भुत प्रगति और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग मंच पर भारत के एक बड़ी शक्ति के रूप में उभर कर आने को लेकर उत्साहित थे। एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में मिली ऐतिहासिक पदक जीत ने इस विश्वास को और मजबूत किया है कि भारत के पास अपनी महत्वाकांक्षाओं को ओलंपिक सफलता में बदलने की प्रतिभा, निश्चय और क्षमता मौजूद है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने २०२६ के एशियन गेम्स में बॉक्सिंग में ऐतिहासिक अभियान पार करते हुए तीन गोल्ड और तीन ब्रॉन्ज सहित कुल छह पदक प्राप्त किए थे। जिसमें लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पांघल ने गोल्ड मेडल जीते थे, जबकि प्रिया घांगस, कपिल पोखरिया और नरेन्दर बेरवाल ने ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किए थे। इसके अलावा ग्लासगो में आयोजित २०२६ कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारतीय बॉक्सिंग टुकड़ी ने सात गोल्ड और तीन सिल्वर के साथ कुल १० पदक जीतकर अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।
वान डर वॉरस्ट ने जोर देकर कहा था कि हाल की प्रगति को ओलंपिक सफलता में बदलने के लिए इस खेल से जुड़े सभी हितधारकों जिसमें एथलीट, कोच, फेडरेशन, सरकार और पूरे बॉक्सिंग समुदाय के सहियारे प्रयासों की आवश्यकता रहेगी। उन्होंने भारतीय बॉक्सिंग समुदाय के लिए मंत्री मंडाविया का संदेश भी टांका था, जिसमें ओलंपिक खेलों की तैयारी कर रहे एथलीटों के पीछे एक होकर खड़े रहने के लिए अपील की गई थी।
मंत्री मंडाविया के संदेश को टांककर बताया गया कि जब २०२८ में भारतीय बॉक्सर रिंग में उतरे तो उन्हें पता होना चाहिए कि पूरा देश और एक यूनाइटेड बॉक्सिंग समुदाय उनकी पीछे मक्कमता से खड़ा है। भविष्य अनेक संभावनाओं से भरा हुआ है और यही समय है उस क्षमता को ओलंपिक गौरव में बदलने का। लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स को अब दो साल से भी कम समय बाकी है तब इस बैठक ने भारत के बॉक्सिंग प्रोग्राम को मजबूत करने और हाल की अंतरराष्ट्रीय सफलता को ओलंपिक मंच तक आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया था।
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