असम में प्रशासनिक तंत्र ने शुरू की मेगा डिमोलिशन ड्राइव
असम के धुबरी जिले में सरकारी जमीन खाली कराने के लिए चलाई गई कार्रवाई में सात सौ पचास परिवारों को हटाया गया और मस्जिदों पर बुलडोजर फेरा गया।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
2 नवंबर 2026, सुबह 1:56 · 2 मिनट का पाठ
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एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार असम के धुबरी जिले में एक बड़े पैमाने पर बेदखली अभियान चलाया गया था। इस ऑपरेशन के दौरान जिला प्रशासनिक तंत्र ने 650 बीघा जमीन से 750 परिवारों को हटाया था। इन सभी परिवारों ने कथित तौर पर सरकारी जमीन पर कब्जा किया था और आलमगंज नौवें ब्लॉक क्षेत्र में कई वर्षों से अपनी बस्तियां स्थापित की थीं। इन अवैध निर्माणों और बस्तियों को हटाने के लिए यह बड़ी कार्रवाई की गई थी।
इस डिमोलिशन ड्राइव को अंजाम देने के लिए लगभग 60 जितने उत्खनन यंत्र यानी एक्सकेवेटर तैनात किए गए थे। इसके अलावा पूरी कार्रवाई पर नजर रखने और कानून तथा व्यवस्था बनी रहे इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। इस महत्वपूर्ण ड्राइव के दौरान असम पुलिस के कानून और व्यवस्था के इंस्पेक्टर जनरल अखिलेश कुमार सिंह, धुबरी के जिला कमिश्नर दिबाकर नाथ और सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस देवाशिष बोरा स्थल पर उपस्थित रहे थे और पूरी परिस्थिति का निरीक्षण किया था।
इस प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान विभिन्न मस्जिदों, पूजा स्थलों और कब्रिस्तानों पर भी बुलडोजर चलाए गए थे। इन मस्जिदों और धार्मिक स्थलों को गिराने की कार्रवाई के कारण क्षेत्र में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई थी। कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों ने विरोध दर्ज कराते हुए सरकार विरोधी नारे भी लगाए थे।
इस ऑपरेशन के दौरान मजारों और कब्रिस्तानों में दुख और शोक का माहौल देखने को मिला था। सैकड़ों लोग वहां एकत्र हुए थे और अत्यंत भावुक होकर प्रार्थनाएं की थीं। इस दौरान एक अनोखी घटना भी घटी थी। जब एक एक्सकेवेटर मशीन एक मजार को तोड़ने जा रही थी, तब अचानक ही वह मशीन रुक गई और काम करना बंद हो गया था। इसी क्षण मशीन चलाने वाला ऑपरेटर अचानक बीमार पड़ गया था। तबियत बिगड़ने पर उस घायल ऑपरेटर को तत्काल प्रभाव से इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। इस पूरी घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर कई चर्चाएं भी शुरू हो गई थीं। प्रशासनिक तंत्र द्वारा सरकारी जमीन मुक्त कराने की इस कार्रवाई को लेकर पूरे क्षेत्र में पुलिस का कड़ा बंदोबस्त तैनात कर दिया गया है ताकि कानून और व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए।
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