अमेज़न अब वर्षों से कार्बन सोखने के बजाय कार्बन उत्सर्जित कर रहा है
पेड़ों की कटाई और जंगल की आग के कारण दुनिया के सबसे बड़े उष्णकटिबंधीय वनों की स्थिति बिगड़ी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, शाम 4:38 · 2 मिनट का पाठ
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दुनिया के सबसे बड़े उष्णकटिबंधीय वनों के रूप में जाने जाने वाला अमेज़न वर्षों से मानव-निर्मित कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के उत्सर्जन को सोख रहा था, लेकिन अब यह कार्बन सिंक के रूप में कार्य नहीं कर रहा है। एक नए अध्ययन में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि अमेज़न अब वातावरण से CO2 सोखने के बजाय अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त कर रहा है।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, वनों की कटाई और जंगल की आग के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। वर्ष 2024 में, यह पाया गया कि वनों की कटाई के 38 प्रतिशत कारण केवल आग थी। इस प्रक्रिया के कारण जंगलों का विनाश हो रहा है और उनकी प्राकृतिक क्षमता घट रही है।
वैज्ञानिकों ने इस निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए वर्ष 2010 से 2024 के दौरान अमेज़न के चार अलग-अलग स्थानों पर अनुसंधान विमानों का उपयोग किया था। उन्होंने वातावरण की विभिन्न ऊंचाइयों पर CO2 के स्तर का मापन किया था। इस शोध के माध्यम से पता चला है कि अमेज़न अब कार्बन सिंक रहने के बजाय नेट कार्बन सोर्स बन गया है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, अब अमेज़न क्षेत्रीय मानव-निर्मित उत्सर्जन को संतुलित या ऑफसेट नहीं कर सकता है। जिन जंगलों को एक समय में 'पृथ्वी के फेफड़े' कहा जाता था, वे अब कार्बन सोखने की अपनी क्षमता खो चुके हैं और पर्यावरण के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
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