तेलंगाना में पुराने स्कूलों और कॉलेजों के लिए फायर एनओसी नियमों में ढील
पुराने शैक्षणिक भवनों में खुली जगह और सीढ़ियों से संबंधित नियमों में संशोधन किया गया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 10:46 · अपडेट सुबह 10:52 · 3 मिनट का पाठ
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तेलंगाना के अग्नि, आपदा प्रतिक्रिया, आपातकालीन और नागरिक सुरक्षा विभाग ने वर्तमान में संचालित स्कूलों और जूनियर तथा इंटरमीडिएट कॉलेजों के लिए फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) देने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। इस निर्णय से पुराने शैक्षणिक भवनों में बुनियादी ढांचे के कारण आने वाली कठिनाइयां दूर होंगी, लेकिन महत्वपूर्ण अग्नि सुरक्षा आवश्यकताएं यथावत रहेंगी। फायर सर्विसेज के महानिदेशक विक्रम सिंह मान द्वारा जारी ये संशोधित दिशा-निर्देश 10 नवंबर या उसके बाद प्राप्त आवेदनों पर लागू होंगे।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, नए नियमों के तहत शैक्षणिक संस्थान अपने परिसर में उपलब्ध वर्तमान खुली जगह को रख सकेंगे और अतिरिक्त खुली जगह बनाने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि वर्तमान सेटबैक पर्याप्त नहीं हैं, तो पड़ोसी संपत्तियों से आग फैलने से रोकने के लिए क्षतिपूर्ति उपाय के रूप में उस तरफ वॉटर कर्टन लगाना होगा जहाँ सड़क नहीं है। इसके साथ ही, चारतरफा फायर ब्रिगेड इनलेट की सुविधा भी प्रदान करनी होगी।
पुराने शैक्षणिक भवनों की ऊंचाई और संरचना को ध्यान में रखते हुए, दूसरी सीढ़ी के ढांचे से संबंधित आवश्यकताओं को भी इन दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है। विभाग ने विभिन्न श्रेणियों के भवनों के लिए अग्नि सुरक्षा उपाय निर्धारित किए हैं, जिनमें अग्निशामक यंत्र, केमिकल प्रयोगशाला, कंप्यूटर प्रयोगशाला या सर्वर रूम में मॉड्यूलर स्प्रिंकलर, फर्स्ट-एड होज़ रील, मैनुअल रूप से संचालित इलेक्ट्रॉनिक फायर अलार्म सिस्टम, डाउनकमर्स, ओवरहेड फायरफाइटिंग वॉटर स्टोरेज टैंक और पंप शामिल हैं।
संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि सीढ़ियां, गलियारे, निकास और बाहर निकलने के रास्ते बाधा मुक्त रहें। निकास द्वार बाहर निकलने की दिशा में खुलने चाहिए और आपातकालीन लाइटिंग के साथ-साथ प्रकाशित या ऑटो-ग्लो एग्जिट साइनेज होने चाहिए। अग्निशमन के लिए पानी का भंडारण बनाए रखना होगा और निकासी योजना, आपातकालीन संपर्क नंबर तथा अग्नि सुरक्षा निर्देश प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने होंगे। स्कूलों और कॉलेजों को स्कूल सुरक्षा सलाहकार समिति और स्कूल फायर टास्क फोर्स का गठन करना होगा, स्टाफ प्रशिक्षण और छात्रों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने होंगे, साथ ही फायर सेफ्टी मैनुअल और इमरजेंसी रिस्पांस प्लान बनाए रखना होगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल सुरक्षा और उपकरणों का नियमित रखरखाव भी अनिवार्य है।
संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत दिया गया ऑक्युपेंसी एनओसी तीन साल के लिए मान्य होगा। संस्थाओं को इसकी अवधि समाप्त होने से दो महीने पहले निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क का भुगतान कर नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। इस संशोधन के तहत नए प्रावधान सरकारी आदेशों के तहत उपलब्ध वर्तमान स्व-प्रमाणन (सेल्फ-सर्टिफिकेशन) पद्धति को प्रभावित नहीं करते हैं और संस्थान इसका उपयोग जारी रख सकते हैं।
ये बदलाव स्कूलों और कॉलेज मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा दिए गए सुझावों और 8 सितंबर, 2026 को हितधारकों के साथ हुई चर्चा के बाद किए गए हैं। यह ढांचा अग्नि और जीवन सुरक्षा से समझौता किए बिना पुराने भवनों में खुली जगह और अतिरिक्त सीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास करता है।
तेलंगाना फायर सर्विसेज विभाग अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए कार्यरत है। यह आग जैसी आपात स्थितियों के समय प्रतिक्रिया देने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है।
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