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ब्रह्मांड की अदृश्य आवाजों को सुनने वाला महाकाय यंत्र: वेरी लार्ज एरे (VLA) रेडियो टेलीस्कोप की कार्यप्रणाली

न्यू मैक्सिको के रेगिस्तान में स्थित 27 विशाल एंटीना कैसे एक होकर अंतरिक्ष के गहरे रहस्यों को खोलते हैं, इसकी विस्तृत व्याख्या।

आवतीकाल AI डेस्क31 अक्टूबर 2026 · 5 मिनट का पाठ
न्यू मैक्सिको के मैदान में कतारबद्ध तरीके से व्यवस्थित VLA के रेडियो टेलीस्कोप डिश।
न्यू मैक्सिको के मैदान में कतारबद्ध तरीके से व्यवस्थित VLA के रेडियो टेलीस्कोप डिश।
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न्यू मेक्सिको के सैन अगस्टिन के विशाल मैदानों में सफेद रंग की 27 महाकाय डिश एक निश्चित आकार में व्यवस्थित दिखाई देती हैं। ये कोई सामान्य एंटीना नहीं हैं, बल्कि मानवजाति का सबसे शक्तिशाली रेडियो टेलीस्कोप है, जिसे कार्ल जी. जान्स्की वेरी लार्ज एरे (Karl G. Jansky Very Large Array - VLA) के रूप में जाना जाता है। 1970 के दशक में निर्मित यह वेधशाला आज भी रेडियो खगोल विज्ञान (radio astronomy) के क्षेत्र में दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण मानी जाती है। यह प्रकाश की तरंगों के बजाय आकाशीय पिंडों से आने वाली रेडियो तरंगों को पकड़ती है, जिन्हें हमारी आंखें नहीं देख सकतीं।

न्यू मैक्सिको के सैन अगस्टिन मैदान में स्थित VLA के विशाल एंटीना।
न्यू मैक्सिको के सैन अगस्टिन मैदान में स्थित VLA के विशाल एंटीना। (user:Hajor, CC BY-SA 3.0, Wikimedia Commons)

रेडियो एस्ट्रोनॉमी की शुरुआत 1933 में बेल टेलीफोन लैबोरेटरीज के इंजीनियर कार्ल जान्स्की द्वारा आकस्मिक रूप से हुई थी। उन्हें अटलांटिक पार के वॉयस ट्रांसमिशन में बाधा डालने वाली आवाजों की जांच करने का काम सौंपा गया था। जान्स्की ने देखा कि एक विशेष प्रकार की आवाज (hiss) हर 23 घंटे और 56 मिनट में दोहराई जाती थी। यह समयावधि बिल्कुल एक 'साइडरियल डे' (sidereal day) के बराबर थी, जो पृथ्वी को तारों के सापेक्ष एक चक्र पूरा करने में लगता है। इससे यह साबित हुआ कि वह आवाज सूर्य से नहीं, बल्कि हमारी आकाशगंगा (Milky Way) के केंद्र से आ रही थी। इस खोज के सम्मान में ही रेडियो तरंगों की तीव्रता मापने की इकाई को 'जान्स्की' (Jy) नाम दिया गया है।

रेडियो टेलीस्कोप सामान्य ऑप्टिकल टेलीस्कोप से अलग तरह से काम करते हैं। प्रकाश की तरंगें बहुत छोटी होती हैं, जबकि रेडियो तरंगें सेंटीमीटर से लेकर मीटर तक लंबी हो सकती हैं। इन लंबी तरंगों को पकड़ने के लिए टेलीस्कोप का आकार भी काफी बड़ा होना चाहिए। यदि हमें किसी तारे का स्पष्ट चित्र चाहिए, तो रेडियो टेलीस्कोप की डिश किलोमीटर लंबी होनी चाहिए, जिसे बनाना असंभव है। इस समस्या का समाधान इंटरफेरोमेट्री (interferometry) नामक पद्धति में निहित है, जिसका उपयोग VLA करता है।

VLA कैसे आकाशीय संकेतों को चित्र में परिवर्तित करता हैइस प्रक्रिया को एपर्चर सिंथेसिस कहा जाता है
  1. सिग्नल ग्रहणआकाशीय पदार्थों से आने वाली रेडियो तरंगों को 27 डिश द्वारा पकड़ा जाता है।
  2. डेटा ट्रांसमिशनइन तरंगों को ऑप्टिकल फाइबर द्वारा केंद्रीय सुपर कंप्यूटर तक भेजा जाता है।
  3. कोरिलेशन'कोरिलेटर' नामक यंत्र सभी एंटीना के सिग्नलों को एक-दूसरे के साथ तुलना करता है और मिश्रित करता है।
  4. इमेज सिंथेसिसगणितीय प्रक्रियाओं द्वारा इस डेटा को उच्च रिज़ॉल्यूशन वाले चित्र में परिवर्तित किया जाता है।

VLA में 25 मीटर व्यास वाली 27 स्वतंत्र एंटीना डिश का उपयोग होता है, जो अंग्रेजी अक्षर 'Y' के आकार में व्यवस्थित होती हैं। इन प्रत्येक डिश का वजन 209 मीट्रिक टन है। इंटरफेरोमेट्री की मदद से ये सभी एंटीना एक साथ मिलकर एक ही विशाल टेलीस्कोप के रूप में काम करते हैं। जब दो अलग-अलग एंटीना एक ही आकाशीय पिंड से आने वाली तरंगों को पकड़ते हैं, तो उनके सिग्नलों को एक-दूसरे के साथ मिश्रित किया जाता है। इस प्रक्रिया को एपर्चर सिंथेसिस (aperture synthesis) कहा जाता है। इससे टेलीस्कोप का रेजोल्यूशन (resolution) यानी चित्र की स्पष्टता इतनी बढ़ जाती है जैसे कि वह उन एंटीना के बीच की दूरी के बराबर एक ही बड़ी डिश हो।

रेडियो फ्लक्स में समय के साथ आने वाले परिवर्तनों को दर्शाता ग्राफ।
रेडियो फ्लक्स में समय के साथ आने वाले परिवर्तनों को दर्शाता ग्राफ। (Hallinan et al., NRAO/AUI/NSF, CC BY 3.0, Wikimedia Commons)

VLA की सबसे बड़ी विशेषता इसके रेलवे ट्रैक्स हैं। प्रत्येक एंटीना डबल पैरेलल रेलवे ट्रैक पर माउंट किया गया होता है, जिसके कारण उन्हें आवश्यकतानुसार खिसकाया जा सकता है। 'हेइन्स ट्रेन' (Hein's Trein) नामक विशेष लोकोमोटिव द्वारा इन एंटीना को चार मुख्य विन्यासों में बदला जाता है, जिन्हें A, B, C और D कॉन्फ़िगरेशन कहा जाता है। A कॉन्फ़िगरेशन में एंटीना 21 किलोमीटर लंबे हाथों पर फैले होते हैं, जिनका उपयोग अत्यंत सूक्ष्म विवरण देखने के लिए किया जाता है। जबकि D कॉन्फ़िगरेशन में सभी एंटीना को केंद्र से 600 मीटर के भीतर सघन रूप से व्यवस्थित किया जाता है, जो आकाश के बड़े हिस्से का निरीक्षण करने के लिए उपयोगी है। हर 16 महीने में VLA इन सभी चरणों से गुजरता है।

वर्तमान VLA और भविष्य के ngVLA की तुलनाngVLA की क्षमता कई गुना अधिक होगी
विवरणवर्तमान VLAभविष्य का ngVLA
एंटीना की संख्या27 (कार्यरत)260 से अधिक
डिश का व्यास25 मीटर18 मीटर (मुख्य एरे)
फ्रीक्वेंसी रेंज74 MHz से 50 GHz1.2 से 116 GHz
अनुमानित लागत$78.5 मिलियन (1980)$2 अरब (निर्माण)

वैज्ञानिक दृष्टि से VLA ने कई मील के पत्थर हासिल किए हैं। इसने ब्लैक होल (black hole) के आसपास की गैसों के घूर्णन और नए तारों के आसपास बनने वाली प्रोटोप्लेनेटरी डिस्क का निरीक्षण किया है। 1989 में जब वॉयेजर 2 (Voyager 2) अंतरिक्ष यान नेपच्यून ग्रह के पास से गुजरा, तब उसके कमजोर रेडियो संकेतों को पकड़ने के लिए भी VLA का उपयोग किया गया था। इसके अलावा, 2017 में शुरू हुए 'VLA स्काई सर्वे' (VLASS) द्वारा आकाश के 80% हिस्से की स्कैनिंग की जा रही है, जिसमें 10 मिलियन नए खगोलीय पिंड मिलने की उम्मीद है।

टेलीस्कोप की सापेक्ष संवेदनशीलता की तुलनाउच्च मूल्य यानी बेहतर संवेदनशीलता
VLA (वर्तमान)1
ALMA1
ngVLA (भविष्य)10

સાપેક્ષ સ્કેલ

टेक्नोलॉजी के विकास के साथ VLA को भी अपग्रेड किया गया है। 2001 से 2012 के बीच चले प्रोजेक्ट में इसकी पुरानी इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणाली को बदलकर अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए, जिससे इसकी क्षमता 8000 गुना बढ़ गई। अब वैज्ञानिक इससे भी आगे बढ़कर नेक्स्ट जनरेशन वेरी लार्ज एरे (ngVLA) बनाने की योजना बना रहे हैं। जून 2023 की घोषणा के अनुसार, इस नए प्रोजेक्ट में 260 से अधिक एंटीना होंगे जो पूरे उत्तरी अमेरिका में फैले होंगे। यह नया टेलीस्कोप वर्तमान VLA से 10 गुना अधिक संवेदनशील होगा और 1.2 से 116 GHz तक की फ्रीक्वेंसी (frequency) पर काम कर सकेगा।

रेगिस्तान के लैंडस्केप में व्यवस्थित रेडियो टेलीस्कोप की कतार।
रेगिस्तान के लैंडस्केप में व्यवस्थित रेडियो टेलीस्कोप की कतार। (Mihaisiscanu, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons)

ngVLA का निर्माण 2028 के अंत में शुरू होने की संभावना है और 2031 तक यह प्रारंभिक वैज्ञानिक संचालन शुरू कर देगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग $2 अरब का खर्च आएगा। इसमें जर्मनी भी अपना योगदान दे रहा है, जहां यूनिवर्सिटी ऑफ वुर्ज़बर्ग द्वारा वेटरस्टीन मिलीमीटर टेलीस्कोप (WMT) बनाया जाएगा जो ngVLA का हिस्सा बनेगा। इतनी विशाल संवेदनशीलता के साथ, वैज्ञानिक ब्रह्मांड के सबसे पुराने तारों और शायद परग्रही सभ्यताओं के संकेतों को भी खोज सकेंगे।

VLA के विभिन्न कॉन्फ़िगरेशन (व्यवस्था)एंटीना के बीच की दूरी बदलकर रिज़ॉल्यूशन एडजस्ट किया जाता है
कॉन्फ़िगरेशनविवरणअधिकतम दूरी
Aसबसे बड़ा और फैला हुआ स्वरूप21 किमी (प्रत्येक पंख)
Dसबसे घना और छोटा स्वरूप600 मीटर (केंद्र से)
हाइब्रिडविशिष्ट आकाशीय पदार्थों के लिएविविध

VLA न केवल वैज्ञानिकों के लिए, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। न्यू मैक्सिको में सोकोरो शहर से 80 किमी दूर स्थित यह स्थान आगंतुकों के लिए खुला है, जहाँ एक छोटा संग्रहालय और सेल्फ-गाइडेड वॉकिंग टूर की सुविधा है। हालाँकि, रेगिस्तानी वातावरण के कारण यहाँ का मौसम बहुत परिवर्तनशील रहता है। 1980 में 78.5 मिलियन डॉलर की लागत से तैयार हुआ यह परिसर आज भी मानवीय जिज्ञासा का प्रतीक है, जो हमें ब्रह्मांड के उन रहस्यों के बारे में बताता है जिन्हें प्रकाश की मदद से कभी नहीं जाना जा सकता था।

VLA सुविधा में स्थित धातु की धूपघड़ी।
VLA सुविधा में स्थित धातु की धूपघड़ी। (Dicklyon, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons)

स्रोत

  1. Wikipedia
  2. Wikipedia

टेक

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वाहन के हुड पर स्थापित एक पोर्टेबल सैटेलाइट इंटरनेट टर्मिनल।

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