अंतिलिया बम मामला: बॉम्बे हाई कोर्ट ने सचिन वाजे की जमानत रद्द की
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की अपील के बाद कोर्ट ने लिया यह महत्वपूर्ण निर्णय
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, शाम 6:24 · अपडेट दोपहर 1:44 · 6 मिनट का पाठ
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंतिलिया बम स्कार के गंभीर मामले में सचिन वाजे को पहले मिली जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने यह कदम नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा पिछली जमानत के फैसले के खिलाफ दायर की गई अपील के बाद उठाया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सचिन वाजे की गिरफ्तारी मार्च 2021 में हुई थी और अब कोर्ट के इस फैसले के बाद वे फिर से हिरासत में रहेंगे।
कोर्ट ने इस मामले में विस्फोटक तत्वों और सुरक्षा जोखिमों पर जोर दिया है। इस निर्णय से मामले की जांच और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि सचिन वाजे की जमानत रद्द होने से जांच एजेंसियों को मामले को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
दूसरी ओर, बॉम्बे हाई कोर्ट में रूपाली गांगुली द्वारा एक अन्य महत्वपूर्ण मामला दायर किया गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने अपनी तस्वीरों और वीडियो के अनधिकृत उपयोग के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने शिकायत की है कि कई प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों पर उनकी सहमति के बिना उनकी छवियों का उपयोग किया गया है। इसमें एडल्ट वेबसाइटों पर AI-जनरेटेड मॉर्फ की गई सामग्री शामिल है।
रूपाली गांगुली के वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि ऐसी आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत हटाया जाए और उनकी पहचान की रक्षा की जाए। रूपाली गांगुली शो 'अनुपमा' में अपनी सफल भूमिका के लिए जानी जाती हैं, जिससे उनके करियर में फिर से तेजी आई थी।
देश के अन्य हिस्सों की बात करें तो, सुप्रीम कोर्ट में वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मामले पर सुनवाई चल रही है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने मतदाताओं को आश्वासन दिया है कि यदि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम कट गए हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है। कोर्ट चुनाव आयोग को फॉर्म-6 भरने की समय सीमा बढ़ाने के लिए कह सकता है।
इस मामले में दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी। याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग के 3 नवंबर के स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए थे। चुनाव आयोग ने कहा था कि जिन लोगों के नाम SIR की ड्राफ्ट लिस्ट से निकल गए हैं, उन्हें फिर से नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा, भले ही वे 10 साल से मतदाता हों। हालांकि, कोर्ट ने पहले कहा था कि 2026 की सूची में शामिल रहकर SIR के दौरान नाम कटने वाले लोगों को नए मतदाता के रूप में फॉर्म-6 भरने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इस मामले में अब 19 नवंबर को अगली सुनवाई होगी।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म-6 भरने के कारण कोई गलत हलफनामा नहीं माना जाएगा और न ही कोई केस होगा। आमतौर पर फॉर्म-6 में लिखना पड़ता है कि "मेरा नाम पहली बार वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है"। कानूनी रूप से धारा 31 के तहत गलत जानकारी देने पर 1 साल तक की सजा का प्रावधान है, जिसके कारण लाखों लोग फॉर्म भरने से डर रहे थे। चुनाव आयोग ने अब यह डर दूर किया है।
SIR प्रक्रिया के तहत 2025-26 में बिहार और दिल्ली सहित 30 राज्यों में ड्राफ्ट रोल से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए थे। अकेले दिल्ली में 1.45 करोड़ में से 47 लाख नाम हटाए गए हैं। चुनाव आयोग ने ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में बदलाव किया है, जिसमें अब फॉर्म-6 और घोषणा पत्र के लिए अलग-अलग OTP और ई-साइन की आवश्यकता होगी। अक्टूबर में हुए बदलाव के बाद अब 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी देने की आवश्यकता नहीं होगी।
तेलंगाना के निजामाबाद में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई की गई है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फॉर फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स (TG SAFE) ने चार खाद्य प्रतिष्ठानों को बंद करवाया है और 13 अन्य के FSSAI लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। 3 नवंबर 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और पुलिस की 14 टीमों ने 28 इकाइयों का निरीक्षण किया था।
जांच के दौरान गंदी रसोई, तिलचट्टों और मक्खियों का प्रकोप, कीटों से दूषित कच्चा माल, सड़ी-गली सब्जियां और एक्सपायर हो चुके उत्पाद मिले थे। कुछ स्थानों पर भोजन को ढकने के लिए समाचार पत्रों का उपयोग किया जा रहा था और कर्मचारी हेयरनेट या ग्लव्स के बिना काम कर रहे थे। चूहों की बीट, स्थिर पानी और गंदे एग्जॉस्ट सिस्टम भी देखे गए। अधिकारियों ने मिलावट के संदेह में 26 नमूने लिए और ₹17.28 लाख की कीमत का 9,645 किलोग्राम भोजन जब्त या नष्ट किया गया।
बिना लाइसेंस के चलने के कारण निजामाबाद में महाराजा स्वीट एंड बेक्स, पंचवटी स्वीट्स, डुब्बा में शिव शक्ति आइसक्रीम और ऑटोनगर में सागर बेकरी को बंद करने का आदेश दिया गया है। लाइसेंस निलंबित संस्थानों में L.P. प्रोडक्ट्स, ज़ुनैरा फैमिली रेस्टोरेंट, छप्पन भोग स्वीट्स, होटल कुरेशिया, वॉटर सॉल्यूशन कंपनी, जनता ट्रेडर्स, इरा फूड्स एंड बेवरेजेस, सुखजीत स्टार्च मिल्स, श्री अयप्पा ट्रेडर्स, राधे मिठाई वाटिका, श्री राधे एंटरप्राइजेज, मोग फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और क्वालिटी स्वीट्स एंड चिक्की (KK स्वीट्स) शामिल हैं। इसके अलावा 12 इकाइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सचिन वाजे पहले मुंबई पुलिस में एक उच्च अधिकारी थे, जो कई विवादास्पद मामलों में संलिप्त रहे थे।
इस समाचार का स्रोत
- The Times of India
- The Times of India
- दैनिक भास्कर
- The Hindu
- आज तक
- India Today
- સંદેશ (દેશ)
- एनडीटीवी इंडिया
- आज तक
- NDTV (India)
- News18
- News18
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