हैदराबाद में भारत की पहली निजी स्पेस डेब्री रिमूवल सुविधा 'बेस 1' शुरू
कॉस्मोसर्व स्पेस द्वारा स्थापित यह सुविधा दुनिया का छठा सैटेलाइट सर्विसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, शाम 6:23 · अपडेट सुबह 12:46 · 3 मिनट का पाठ
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हैदराबाद ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत की है। कॉस्मोसर्व स्पेस द्वारा अंतरिक्ष के कचरे को हटाने और सैटेलाइट सर्विसिंग के लिए तकनीक विकसित करने हेतु 'बेस 1' नामक नई सुविधा शुरू की गई है। इस सुविधा का उद्घाटन गुरुवार को किया गया, जिसमें तेलंगाना के आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और कॉस्मोसर्व स्पेस के संस्थापक और सीईओ चिरंजीवी फणिंद्र उपस्थित रहे।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, बेस 1 भारत की अपनी तरह की पहली निजी सुविधा है और दुनिया का छठा सैटेलाइट सर्विसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है। यह केंद्र सैटेलाइट सर्विसिंग सिस्टम के डिजाइन, निर्माण और परीक्षण के लिए सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को एक ही स्थान पर लाता है। इस सुविधा में मुख्य रूप से चार इकाइयां शामिल हैं, जिनमें ऑर्बिटल रेंडेज़वू एंड कैप्चर लैब, स्पेस रोबोटिक्स इनोवेशन लैब, सैटेलाइट इंटीग्रेशन क्लीन रूम और मिशन सिमुलेशन एंड कंट्रोल सेंटर शामिल हैं।
इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य सैटेलाइट की मरम्मत, रिफ्यूलिंग (ईंधन भरना) और कक्षा में मौजूद निष्क्रिय सैटेलाइट्स को हटाने में मदद करना है। वर्तमान में अंतरिक्ष के कचरे की समस्या एक बड़ी चिंता बन गई है, क्योंकि हजारों निष्क्रिय सैटेलाइट और लाखों छोटे टुकड़े पृथ्वी के चारों ओर घूम रहे हैं। ये वस्तुएं सक्रिय सैटेलाइट्स और भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए जोखिम पैदा करती हैं।
कॉस्मोसर्व स्पेस एक ऐसी प्रणाली विकसित कर रहा है जिसमें दो स्पेसक्राफ्ट का उपयोग करके एक साथ कई सैटेलाइट्स की सर्विसिंग की जा सके। कंपनी के अनुसार, इस दृष्टिकोण से सर्विसिंग की लागत में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। सीईओ चिरंजीवी फणिंद्र ने कहा, "कचरा भारत सहित हर राष्ट्र की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं के लिए एक सीमित कारक बनता जा रहा है। बेस 1 ऐसी क्षमता विकसित करने का केंद्र है जिससे गगनयान, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और उसके बाद आने वाले हर सैटेलाइट के लिए कक्षा को उपयोगी रखा जा सके।" उन्होंने आगे कहा कि यह सुविधा कंपनी को अपने मिशनों को एक ही छत के नीचे विकसित करने में मदद करेगी।
तेलंगाना के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने इस अवसर पर कहा, "कॉस्मोसर्व के बेस 1 जैसी सुविधाएं ही दर्शाती हैं कि हैदराबाद अंतरिक्ष नवाचार में देश का नेतृत्व क्यों कर रहा है।" उन्होंने आगे जानकारी दी कि तेलंगाना सरकार आगामी 'भारत फ्यूचर सिटी' में एक विशिष्ट 'स्पेस सिटी' बनाने की योजना बना रही है, ताकि तेजी से बढ़ते स्पेस टेक्नोलॉजी क्षेत्र को आवश्यक समर्थन दिया जा सके।
वित्तीय विवरणों की बात करें तो, कॉस्मोसर्व स्पेस ने सीड फंडिंग में 6 मिलियन यूएस डॉलर जुटाए हैं, जिससे कंपनी की कुल फंडिंग 9 मिलियन यूएस डॉलर से अधिक हो गई है।
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