दिल्ली विरोध प्रदर्शन और इंटरनेट बंद करने के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ हुए विरोध प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई और इंटरनेट सेवाएं बाधित होने संबंधी याचिकाओं पर आज सुनवाई होगी।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
3 नवंबर 2026, सुबह 8:27 · अपडेट रात 11:28 · 4 मिनट का पाठ
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दिल्ली के कनॉट प्लेस में 10 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज मंगलवार को सुनवाई करेगा। ये विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने और SIR के दौरान मतदाता सूची में किए गए बदलावों के विरोध में किए गए थे। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुलिस की कार्रवाई और इंटरनेट सेवाएं बंद करने के मुद्दे पर महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इन याचिकाओं में पुलिस द्वारा की गई उत्पीड़न जैसी कार्रवाई, लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लेने और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही तथा विरोध प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाने जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। इसके अलावा, याचिकाओं में पत्रकारों और वकीलों के साथ मारपीट किए जाने, इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने और पूर्व के अदालती आदेशों का उल्लंघन किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। 10 अक्टूबर को दिल्ली में इस विरोध प्रदर्शन में शामिल 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था।
इस मामले में पूर्व में 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने घटनास्थल के CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने समान मुद्दे वाली याचिकाओं को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने और उनके जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए थे।
इस मामले में पूर्व में हुई सुनवाइयों का इतिहास भी महत्वपूर्ण है। 9 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान की गई कड़ी कार्रवाई के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई थी। उस समय चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि, आपको कुछ चीजों को रोकना ही पड़ेगा, लेकिन उन्हें रोकने के लिए केवल उतनी ही कार्रवाई करें जितनी आवश्यक हो। उन्होंने आगे कहा कि, इसका अर्थ यह नहीं है कि आप मक्खी मारने के लिए हथौड़े का उपयोग करें।
इसके बाद 11 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बंद करने, इंटरनेट में बाधा उत्पन्न करने और लोगों को हिरासत में लेने से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई की थी। उस समय कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए, इंटरनेट में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए और लोगों की आवाजाही नहीं रोकनी चाहिए।
15 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि कोई भी व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट पर डरा-धमकाकर दबाव नहीं बना सकता और ऐसी सभी कोशिशें व्यर्थ हैं। उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट को बाहर और अंदर होने वाली हर बात की जानकारी है और कोर्ट किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं जीता है। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि, याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर सवाल उठाए जाएंगे और उन्हें इस मामले में अपनी स्पष्टीकरण देना होगा।
दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए इन विरोध प्रदर्शनों में मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद पर सवाल उठाए गए थे और मतदाता सूची में बदलाव के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे थे। इस पूरी घटना में पुलिस की कार्रवाई और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध के कारण कानूनी प्रश्न खड़े हुए हैं, जिसकी विस्तृत सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में की जाएगी।
इस समाचार का स्रोत
- दैनिक भास्कर
- दैनिक भास्कर
- अमर उजाला
- The Times of India
- The Economic Times
- The Hindu
- Business Standard
- NDTV
- The Hindu
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