बीएमसी कर्मचारियों को दिवाली बोनस के रूप में ₹33,000 मिलेंगे
83,000 से अधिक स्थायी कर्मचारियों को मिलेगा लाभ और पिछले वर्ष की तुलना में बोनस में वृद्धि हुई है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
29 अक्टूबर 2026, सुबह 8:16 · 6 मिनट का पाठ
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बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा इस वर्ष अपने कर्मचारियों के लिए ₹33,000 का दिवाली बोनस घोषित किया गया है। ट्रेड यूनियनों के नेताओं ने पुष्टि की है कि इस बोनस से 83,000 से अधिक स्थायी कर्मचारियों और स्टाफ को दिवाली से पहले लाभ मिलेगा। यह घोषणा बीएमसी मुख्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान की गई थी, जिसके अनुसार इस वर्ष मिलने वाला बोनस पिछले वर्ष के ₹31,000 से अधिक है। ट्रेड यूनियनों के नेताओं ने बताया कि इस बोनस में सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ को भी शामिल किया जाएगा।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए भी दिवाली बोनस की प्रक्रिया चल रही है। मिंट (Mint) की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष (FY26) के लिए 30 दिनों के एड-हॉक बोनस को मंजूरी दे दी है। यह बोनस आमतौर पर त्योहारों के सीजन के दौरान अक्टूबर महीने में घोषित किया जाता है। मार्च 2025 तक केंद्र सरकार के पास 36.6 लाख नागरिक कर्मचारी थे, लेकिन कितने कर्मचारियों को यह बोनस मिलेगा, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी घोषित नहीं की गई है।
मिंट ने केंद्रीय बोनस के लिए पात्रता के बारे में समझाया है कि कर्मचारियों को 31 मार्च 2026 को सेवा में होना चाहिए और वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कम से कम छह महीने की निरंतर सेवा पूरी की होनी चाहिए। जिन कर्मचारियों ने छह महीने से लेकर एक वर्ष तक की पात्र सेवा पूरी की है, उन्हें आनुपातिक आधार पर बोनस दिया जाएगा। पात्रता की गणना के लिए महीनों का उपयोग किया जाता है, जिसे निकटतम एक अंक तक राउंड ऑफ किया जाता है।
केंद्रीय बोनस की श्रेणियों के बारे में जानकारी देते हुए मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, यह बोनस ग्रुप सी और नॉन-गजेटेड ग्रुप बी श्रेणी के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है। हालांकि, ग्रुप ए और गजेटेड ग्रुप बी के अधिकारियों को इससे बाहर रखा गया है। ग्रुप ए में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं, जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के कर्मचारी शामिल हैं। ग्रुप बी में पर्यवेक्षी, कार्यकारी या प्रशासनिक भूमिकाओं में मध्यम स्तर के स्टाफ शामिल हैं। ग्रुप सी में परिचालन, लिपिकीय और सहायक भूमिकाएं जैसे कि सहायक और डेटा-एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं।
केंद्रीय सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के पात्र कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया है। यह आदेश उन केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के कर्मचारियों पर भी लागू होता है जो केंद्र के वेतन ढांचे का पालन करते हैं, बशर्ते कि वे किसी अन्य बोनस या एक्स-ग्रेशिया योजना के अंतर्गत न आते हों। अस्थायी या एड-हॉक कर्मचारी भी पात्र हो सकते हैं यदि उन्होंने बिना किसी अंतराल के कम से कम छह महीने की निरंतर सेवा पूरी की है।
विभाग के व्यय दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि कर्मचारी 31 मार्च 2026 से पहले सेवानिवृत्त होते हैं या चिकित्सा आधार पर सेवानिवृत्त होते हैं या उनकी मृत्यु हो जाती है, तो वे आनुपातिक बोनस प्राप्त करने के पात्र हैं, यदि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026 में कम से कम छह महीने की नियमित सेवा पूरी की है। सेवानिवृत्ति के बाद पुन: नियुक्त किए गए कर्मचारियों के लिए, पुन: रोजगार की अवधि का अलग से मूल्यांकन किया जाता है, लेकिन दोनों अवधियों के दौरान कुल भुगतान आदेश के तहत मान्य अधिकतम बोनस से अधिक नहीं हो सकता है।
बोनस की गणना मासिक वेतन या ₹7,000 की निर्धारित सीमा में से जो भी कम हो, उस पर की जाती है। विभाग के व्यय नियमों के अनुसार, दैनिक दर निर्धारित करने के लिए औसत मासिक आय को 30.4 से विभाजित किया जाता है, जिसे फिर बोनस के रूप में दिए जाने वाले दिनों के साथ गुणा किया जाता है। जो कर्मचारी प्रति माह ₹7,000 या उससे अधिक कमाते हैं, उनके लिए 30 दिनों के अधिकतम बोनस का भुगतान ₹6,908 होता है। जो स्टाफ कम अवधि के लिए पात्र है उन्हें आनुपातिक रूप से कम राशि मिलेगी, जबकि जो ₹7,000 की सीमा से कम कमाते हैं, उनके लिए बोनस की गणना उनकी वास्तविक आय के आधार पर की जाएगी।
सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कैजुअल लेबर भी पात्र हो सकते हैं यदि वे विशिष्ट कार्य की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। छह दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए प्रत्येक वर्ष में तीन या उससे अधिक वर्षों तक 240 दिन काम पूरा करना आवश्यक है। पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में यह आवश्यकता कम से कम 206 दिनों की है। पात्र कैजुअल लेबर के लिए मासिक गणना की सीमा ₹1,200 है। इस सीमा पर 30 दिन का बोनस राउंडिंग के बाद ₹1,184 होता है। यदि वास्तविक मासिक आय ₹1,200 से कम है, तो बोनस की गणना वास्तविक आय के आधार पर की जाएगी। कैजुअल लेबर के लिए 31 मार्च 2026 को सेवा में होने की शर्त लागू नहीं होती है।
यदि कोई कैजुअल लेबर विभिन्न सरकारी कार्यालयों में काम कर रहा है, तो विभिन्न कार्यालयों के कार्य दिवसों को जोड़ा जा सकता है, यदि उस श्रमिक ने उस कार्य के लिए पहले से ही बोनस, एक्स-ग्रेशिया या प्रोत्साहन भुगतान प्राप्त नहीं किया है। हालांकि, अंशकालिक कर्मचारियों को जिन्हें नाममात्र के निश्चित भुगतान पर रखा गया है, अभी भी बाहर रखा गया है। जो कर्मचारी विदेशी सेवा की शर्तों पर राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में प्रतिनियुक्ति (deputation) पर हैं, वे अपने मूल केंद्रीय सरकारी विभागों से बोनस प्राप्त करने के लिए अपात्र रहेंगे। ऐसे मामलों में, उधार लेने वाली संस्था आमतौर पर अपने स्वयं के बोनस, उत्पादकता से जुड़े बोनस, एक्स-ग्रेशिया या प्रोत्साहन योजना के तहत लागू भुगतान निर्धारित करती है। हालांकि, सेवा में बिना किसी अंतराल के केंद्रीय सरकारी विभागों या पात्र केंद्र शासित प्रदेशों के बीच स्थानांतरित कर्मचारियों को उनकी संयुक्त सेवा के आधार पर पात्र बनाया जाता है।
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