कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता राजस्थान के करौली जिले के जंगलों में फिर दिखी
चीता निर्वा तीसरी बार राजस्थान पहुंची है, जिसके कारण वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, रात 10:27 · 3 मिनट का पाठ
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मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकली 'निर्वा' नाम की मादा चीता के बच्चे ने एक बार फिर राजस्थान के करौली जिले के जंगलों में प्रवेश किया है। यह पहली बार नहीं है जब यह चीता राजस्थान पहुंची हो, बल्कि यह तीसरी बार है जब उसने करौली के मंडरायल क्षेत्र के जंगलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को भी यह चीता दरूरा के जंगलों में सक्रिय देखा गया था।
चीता की इस हलचल के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान दोनों राज्यों के वन विभाग की टीमें अत्यंत सतर्क हो गई हैं और उसकी गतिविधियों पर निरंतर नजर रख रही हैं। उप वन संरक्षक संजीव शर्मा ने बताया कि वनकर्मियों की एक विशेष टीम चीता की निगरानी कर रही है। इसके अलावा, कूनो नेशनल पार्क की टीम को भी मंडरायल क्षेत्र में भेजा गया है, जो चीता के लोकेशन और उसकी मूवमेंट पर लगातार नजर रख रही है।
चीता की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि मंगलवार रात चीता चंदेलीपुरा के जंगलों में देखा गया था। इसके बाद, बुधवार को वह सरमथुरा क्षेत्र में पहुंच गई। इस दौरान वनकर्मियों ने झाड़ियों में छिपी इस मादा चीता का वीडियो भी शूट किया था। हालिया जानकारी के अनुसार, गुरुवार को निर्वा दरूरा के जंगलों में सक्रिय थी। वन विभाग की टीमें उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में समय पर उचित कार्रवाई की जा सके।
इस घटनाक्रम के दौरान एक दुखद घटना भी सामने आई है। चीता की निगरानी कर रही कूनो की टीम के एक वन रक्षक ने पांच-छह अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लूटपाट और मारपीट का मामला दर्ज कराया है। वन रक्षक आलोक प्रजापति ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब वे निगरानी कार्य कर रहे थे, तब कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उनकी गाड़ी की चाबी छीन ली।
इस घटना से पहले, भोपाल के आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने एक गंभीर आरोप लगाया था। दुबे के अनुसार, राजस्थान की सीमा में चीता द्वारा भैंस के बछड़े का शिकार किया गया था, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने कूनो की ट्रैकिंग टीम को बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की। हालांकि, बछड़े के शिकार और ट्रैकिंग टीम को बंधक बनाए जाने के इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
केवल निर्वा ही नहीं, बल्कि अन्य चीतों की गतिविधियां भी दर्ज की जा रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एक अन्य चीता मध्य प्रदेश के गुना और राजस्थान के बारां जिले की सीमा के आसपास देखा गया है। इसके अलावा, एक और चीता ग्वालियर के जंगलों में मौजूद है। वन विभाग की विभिन्न टीमें इन अलग-अलग क्षेत्रों में चीतों की हलचल पर कड़ी नजर रख रही हैं ताकि वन्यजीव और मानव आबादी दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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