पंचकुला स्कूल हमले के आरोपी बच्चे को मिली जमानत, वीडियो हटाने का आदेश
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने जांच अधिकारी को आरोपी की पहचान उजागर करने वाली सोशल मीडिया सामग्री हटाने का निर्देश दिया।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 11:00 · अपडेट रात 11:29 · 4 मिनट का पाठ
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हरियाणा के पंचकुला के एक सरकारी स्कूल में 6 वर्ष की मासूम बच्ची पर हुए हमले के मामले में दो बड़े कानूनी निर्णय सामने आए हैं। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने इस मामले के आरोपी 8 वर्ष के बच्चे को जमानत देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही बोर्ड ने सोशल मीडिया और अन्य सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे उन वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री को हटाने का आदेश भी दिया है, जिनके माध्यम से आरोपी बच्चे की पहचान उजागर हो रही है।
अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड ने जांच अधिकारी (IO) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य सार्वजनिक माध्यमों से आरोपी की पहचान दर्शाने वाली सभी सामग्री हटाई जाए। इस आदेश के पालन के संबंध में जांच अधिकारी को 27 नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। यह कार्रवाई आरोपी बच्चे के पिता द्वारा जुवेनाइल जस्टिस (चिल्ड्रन केयर एंड प्रोटेक्शन) एक्ट, 2015 की धारा 74 के तहत दायर एक अलग आवेदन के आधार पर की गई है।
आवेदन में यह मांग की गई थी कि इंटरनेट और अन्य सार्वजनिक माध्यमों पर प्रसारित हो रहे वीडियो और फोटो को तत्काल हटाया जाए। आरोपी के पिता ने तर्क दिया था कि इन पोस्ट्स के माध्यम से कानून के उल्लंघन के आरोपी नाबालिग बच्चे की पहचान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उजागर हो रही है। बोर्ड ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए सामग्री हटाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। आरोपी पक्ष के वकील के अनुसार, अब पुलिस के लिए 27 नवंबर तक इन निर्देशों का पालन कर रिपोर्ट देना अनिवार्य हो गया है।
इस आवेदन में स्कूल के प्रधानाचार्य और संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश देने की मांग की गई थी। इसमें अनुरोध किया गया था कि स्कूल प्रशासन इस घटना से जुड़ी किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर आगे साझा होने या प्रकाशित होने से रोके। पिता ने यह अनुरोध जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 74 का हवाला देते हुए किया था, जिसके तहत कानून के साथ संघर्ष में आए बच्चे की पहचान उजागर करने पर प्रतिबंध है।
दूसरी ओर, आरोपी बच्चे के पिता ने जमानत के लिए भी आवेदन किया था। बचाव पक्ष ने बोर्ड के समक्ष यह तर्क दिया कि इस बच्चे का पहले का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। यदि बच्चे को ऑब्जर्वेशन होम में रखा जाएगा, तो उसकी पढ़ाई और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। माता-पिता ने बोर्ड को आश्वासन दिया कि वे बच्चे की उचित काउंसलिंग कराएंगे और उसके व्यवहार में सुधार लाने तथा उसके पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी लेंगे। इन दलीलों और आश्वासनों पर विचार करने के बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने 8 वर्ष के आरोपी बच्चे को जमानत दे दी है।
इस पूरी घटना की पृष्ठभूमि की बात करें तो, 28 अक्टूबर को पंचकुला के एक सरकारी स्कूल में केजी क्लास में पढ़ने वाली 6 वर्ष की बच्ची पर 8 वर्ष के एक बच्चे ने अत्यंत क्रूरता से हमला किया था। कहा जाता है कि आरोपी ने बच्ची के सिर पर ईंट से वार किए, उसे बेंच पर पटका, टाई पकड़कर घसीटा और उसे कई बार लातें भी मारीं। इस हमले के बाद बच्ची बेहोश हो गई थी और उसे गंभीर हालत में चंडीगढ़ के पीजीआई (PGI) में भर्ती कराया गया था।
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और स्कूल की सुरक्षा तथा बच्चों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठे थे। राहत की बात यह है कि बुधवार सुबह बच्ची को पीजीआई से छुट्टी मिल गई और वह अपने घर लौट आई है, जिससे उसके परिवार को बड़ी राहत मिली है। अब इस मामले में 27 नवंबर की तारीख बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उस दिन जांच अधिकारी को बोर्ड के समक्ष आदेशों के पालन की रिपोर्ट पेश करनी है।
जुवेनाइल जस्टिस एक्ट एक ऐसे कानूनी ढांचे के तहत काम करता है जो कानून के साथ संघर्ष में आए बच्चों के अधिकारों की रक्षा करता है और उनकी पहचान गुप्त रखने पर जोर देता है ताकि उनका भविष्य बर्बाद न हो।
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