डीजल पेट्रोल सस्ता करो तभी हम बस किराया घटाएंगे, मुख्यमंत्री ने कहा
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने ईंधन के दाम घटाने की मांग की
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
4 नवंबर 2026, शाम 4:40 · अपडेट रात 10:01 · 4 मिनट का पाठ
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सरकारी बसों के किराए में की गई वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों में कटौती करती है, तो राज्य सरकार बस का किराया घटाने के लिए पूरी तरह तैयार है। आज बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह महत्वपूर्ण बयान दिया।
आज की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बताया कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन निगमों पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने एक गंभीर स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले सप्ताह ऐसी स्थिति पैदा हो गई थी कि बसों में डीजल भरवाने के लिए भी पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं था। इस कठिन समय में सरकार को परिवहन निगमों को आर्थिक सहायता देनी पड़ी थी।
डीके शिवकुमार ने आगे कहा कि राज्य सरकार बसों में यात्रा के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा भी प्रदान कर रही है, लेकिन इसके कारण परिवहन निगमों को लगातार नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि के कारण ही अलग-अलग चरणों में बस के किराए में 2 रुपये और 3 रुपये की वृद्धि की गई है।
बस के किराए में वृद्धि का विरोध करने वाले लोगों पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि जब पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे थे, तब लोगों ने विरोध क्यों नहीं किया? उन्होंने अन्य जीवनोपयोगी वस्तुओं की कीमतों में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। शिवकुमार ने कहा कि दवाओं, कीटनाशकों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़े हैं, साथ ही खाद और सीमेंट भी महंगे हो गए हैं, लेकिन इन मुद्दों पर किसी ने सवाल क्यों नहीं उठाए? उन्होंने दवाओं की खरीद और उनकी बिक्री कीमतों के बीच के अंतर पर भी प्रश्न उठाया।
राज्य की आर्थिक स्थिति और किसानों की समस्याओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 25 लाख किसान हैं जिन्हें अपनी आजीविका चलाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सूखे के कारण किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ऐसे हालातों में परिवहन कंपनियों को भी आर्थिक सहायता की आवश्यकता है ताकि वे अपनी सेवाएं जारी रख सकें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक संदेश पहुंचाने की अपील करते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर सेस लगा रही है, तो उसे घटाने के लिए भी कदम उठाने चाहिए। यदि ईंधन के दाम घटेंगे तो राज्य सरकार उस अनुसार बस का किराया घटा सकती है और इसमें कोई समस्या नहीं है।
कर्नाटक सरकार द्वारा 4 नवंबर को चार सरकारी सड़क परिवहन निगमों की बसों के किराए में वृद्धि करने की घोषणा की गई है। परिवहन मंत्री बायरे सुरेश के अनुसार, KSRTC के औसत किराए में 23 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जबकि बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम (BMTC) के किराए में लगभग 32 से 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। ये नए दर 5 नवंबर से लागू होंगे। सरकार के अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतें, कर्मचारियों पर होने वाला खर्च और परिवहन निगमों का लगातार होता नुकसान इस निर्णय के मुख्य कारण हैं।
मुख्यमंत्री ने फिर से जोर दिया कि यदि केंद्र सरकार ईंधन के दाम घटाने में सहयोग करेगी, तो राज्य सरकार बस किराए में कटौती करने के लिए तैयार है। उन्होंने आर्थिक बोझ कम करने के लिए केंद्र और राज्य के बीच समन्वय पर जोर दिया ताकि आम जनता और परिवहन सेवाओं दोनों को राहत मिल सके।
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