भारत ने लॉन्च किए स्वदेशी AI मॉडल, OpenAI में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी
इंडिया AI मिशन के तहत EKA-1 और धीर मॉडल पेश किए गए
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, शाम 4:38 · अपडेट सुबह 5:16 · 4 मिनट का पाठ
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भारत सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल लॉन्च किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के तहत इंडिया AI मिशन द्वारा EKA-1, धीर 2B और धीर 5B मॉडल पेश किए गए हैं। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, EKA-1 मॉडल सॉकेट लैब्स टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च द्वारा विकसित किया गया है, जबकि धीर 2B और धीर 5B मॉडल ज़ेंटेक AIटेक इनोवेशन द्वारा तैयार किए गए हैं। इन मॉडलों का अनावरण आईटी सचिव एस. कृष्णन और मंत्रालय के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
EKA-1 मॉडल विशेष रूप से भारतीय भाषाओं, बैंकिंग और साइबर सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इसमें 26.3 अरब पैरामीटर्स हैं और इसे लगभग 7.5 ट्रिलियन टोकन पर प्रशिक्षित किया गया है। यह मॉडल अंग्रेजी सहित सभी 22 आधिकारिक भारतीय भाषाओं को कवर करता है। सॉकेट के सीईओ अभिषेक ऊपरवले के अनुसार, यह मॉडल भारत के बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और साइबर सुरक्षा के परिदृश्य के अनुसार तैयार किया गया है। खास बात यह है कि EKA-1 मोबाइल डेटा या वाई-फाई के बिना भी स्मार्टफोन जैसे लोकल डिवाइस पर काम कर सकता है।
दूसरी ओर, ज़ेंटेक द्वारा विकसित धीर 2B और धीर 5B ओपन-सोर्स मॉडल हैं, जो अंग्रेजी और 10 भारतीय भाषाओं का समर्थन करते हैं। ये मॉडल रक्षा, सरकार, उद्योग और शिक्षा क्षेत्र में उन संवेदनशील स्थानों पर भी काम कर सकते हैं जहाँ ऑनलाइन कनेक्टिविटी नहीं है। ज़ेंटेक के सीईओ प्रो. शशि कुमार ने बताया कि ये मॉडल GPU और TPU जैसे विभिन्न कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म पर चल सकते हैं, जिससे डेटा डिवाइस पर ही रहता है और प्राइवेसी तथा सुरक्षा बढ़ती है। आईटी सचिव एस. कृष्णन का मानना है कि ऐसे स्वदेशी मॉडल भारत की तकनीकी और रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करेंगे।
जब भारत अपनी क्षमता बढ़ा रहा है, तब वैश्विक स्तर पर OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियां सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI और एंथ्रोपिक ने अपने कर्मचारियों को कंपनी के आइडेंटिफिकेशन बैज और लोगो छिपाने का निर्देश दिया है। AI कर्मचारियों के प्रति बढ़ती शत्रुता और जासूसी के डर के कारण ये कदम उठाए गए हैं। हाल ही में कुछ कर्मचारियों से गोपनीय जानकारी मांगे जाने के मामले सामने आए हैं, साथ ही अधिकारियों पर हमलों और विरोध प्रदर्शनों के कारण सुरक्षा की चिंता बढ़ी है।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI में वर्षों से ऑपरेशनल सिक्योरिटी में खामियों के बारे में चेतावनी दी गई थी। 2022 में ChatGPT लॉन्च होने से पहले भी कुछ कर्मचारियों ने मैनेजमेंट और बोर्ड को बताया था कि सुरक्षा नियम बहुत ढीले हैं, जिससे विदेशी सरकारें आसानी से संवेदनशील जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। कर्मचारियों के अनुसार, मैनेजमेंट सुरक्षा के बजाय गूगल और एंथ्रोपिक जैसे प्रतिस्पर्धियों के सामने टिके रहने पर अधिक ध्यान दे रहा था। अप्रैल में इस्तीफा देने वाले पूर्व शोधकर्ता विल डीपू ने कहा कि AI लीडर्स सुरक्षा के लिए गति का बलिदान नहीं दे सकते।
इस संबंध में OpenAI की प्रवक्ता एलाना विडमैन ने कहा कि OpenAI दुनिया की सबसे अधिक टारगेट होने वाली संस्थाओं में से एक है, इसलिए कंपनी इनसाइडर्स और साइबर अपराधियों से बचाव के लिए सुरक्षा कार्यक्रमों में भारी निवेश करती है। वर्तमान में प्रोडक्ट डेवलपमेंट के सीनियर एग्जीक्यूटिव थिबोल्ट सोटिओक्स आंतरिक प्रणालियों को सुरक्षित करने की पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। अगस्त में उन्होंने सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लिए प्रोडक्ट इंजीनियरों की एक चौथाई टीम की पुनर्नियुक्ति की थी।
दूसरी ओर, बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, क्वेस कॉर्प की Q2 FY27 रिपोर्ट में पता चला है कि GCC टेक हायरिंग में 3.5 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद, AI, डेटा और साइबर सुरक्षा कौशल रखने वाले लोगों की मांग बढ़ी है। ऐसे स्पेशलाइज्ड कौशल 10 में से 3 टेक हायरिंग डिमांड को चला रहे हैं, जिसमें टियर-2 शहरों का योगदान बढ़ रहा है।
इस समाचार का स्रोत
- Business Standard
- The Times of India
- NDTV (world)
- The Hindu (science)
- Gulf News
- Business Standard
- South China Morning Post
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