EPFO द्वारा व्हाट्सएप सेवाओं और बंद खातों के ऑटोमैटिक सेटलमेंट की शुरुआत
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने EPFO के 74वें स्थापना दिवस पर दो बड़ी सुविधाएं जाहीर कीं
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
1 नवंबर 2026, रात 9:37 · अपडेट शाम 6:12 · 3 मिनट का पाठ
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एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने अपने करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए नियमों और सुविधाओं को और अधिक सरल बनाने के वास्ते महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को EPFO के 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर दो बड़ी सुविधाओं की शुरुआत की। इन नई सुविधाओं में व्हाट्सएप सेवाएं और बंद या डायसेक्टिव EPF खातों का ऑटोमैटिक सेटलमेंट यानी पैसों के अपने-आप ट्रांसफर होने की व्यवस्था शामिल है。
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, अब पीएफ खाताधारक EPFO के वेरिफाइड व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से सीधे तौर पर कई सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे। इन व्हाट्सएप सेवाओं के तहत खाताधारक अपना पीएफ बैलेंस चेक कर सकेंगे, पिछले 5 लेन-देन का विवरण प्राप्त कर सकेंगे और पासबुक की जानकारी भी देख सकेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए व्हाट्सएप पर पर्सनल गाइडेंस और मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी।
श्रम मंत्रालय के बयान के अनुसार, ये व्हाट्सएप सेवाएं शुरू करने का मुख्य उद्देश्य रोजमर्रा और नियमित सेवाओं को एक जाने-माने मोबाइल प्लेटफॉर्म के जरिए सुलभ बनाना है। इससे पीएफ खाताधारकों को छोटी-छोटी जानकारियां हासिल करने के लिए बार-बार EPFO के दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी।
स्थापना दिवस के अवसर पर मंत्री ने एलिजिबल डायसेक्टिव EPF खातों की ऑटोमैटिक सेटलमेंट सिस्टम का भी लॉन्चिंग किया है। इस सिस्टम के तहत ऐसे इनऑपरेटिव पीएफ खातों में, जिनमें ₹1,000 तक की रकम बाकी है और जिनके आधार कार्ड वेरिफाइड हैं, उन्हें अब क्लेम फॉर्म भरने की जरूरत नहीं रहेगी। जब किसी पीएफ खाते में लगातार 36 महीनों तक कोई नया योगदान नहीं आता है या कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद अपने पैसे नहीं निकाल लेते हैं, तब ऐसे खातों को 'इनऑपरेटिव' माना जाता है। नए नियमों के मुताबिक, अब ₹1,000 तक के बैलेंस वाले आधार-लिंक्ड खातों को अपने-आप सेटल किया जाएगा।
यह ऑटोमैटिक सेटलमेंट की प्रक्रिया कैसे काम करेगी, इस बारे में जानकारी देते हुए बताया गया है कि EPFO निर्धारित पहचान और बैंक-खाते के वेरिफिकेशन के बाद खुद ही इन खातों के सेटलमेंट की प्रक्रिया शुरू करेगा। इस प्रक्रिया के जरिए सही लाभार्थियों के बैंक खाते में उनकी बाकी रकम सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस नई व्यवस्था से लगभग 1 लाख पीएफ खाताधारकों को फायदा होने की उम्मीद है, जिसके जरिए कुल ₹5 करोड़ की रकम ट्रांसफर की जाएगी।
EPFO की वर्तमान वित्तीय स्थिति के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि EPFO अपने 74 साल के सफर में देश के वर्कफोर्स के लिए एक विश्वसनीय संस्था के रूप में उभरा है। फिलहाल EPFO के पास 8 करोड़ से अधिक सदस्यों के योगदान से जमा हुआ कुल ₹32 लाख करोड़ का कॉर्पस उपलब्ध है।
केंद्रीय मंत्री ने EPFO के कर्मचारियों और अधिकारियों को भी जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि EPFO जल्द ही अपने 75वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। इस संदर्भ में, अधिकारियों को कर्मचारियों की सुविधा के लिए नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन यानी नए संशोधनों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि बदलते समय के साथ लोगों को सेवाएं और अधिक सरलता से मिल सकें।
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