यौन उत्पीड़न के कानून के तहत ट्रांसजेंडर महिलाओं को भी मिलेगा संरक्षण: बॉम्बे हाई कोर्ट
अदालत ने कहा कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति खुद को महिला के रूप में पहचान सकता है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, रात 9:26 · 3 मिनट का पाठ
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बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि यौन उत्पीड़न के खिलाफ कानूनी संरक्षण के लिए ट्रांसजेंडर महिलाएं भी हकदार हैं। अदालत ने एक आरोपी पुरुष की उस दलील को खारिज कर दिया कि यह कानून ट्रांसजेंडर शिकायतकर्ता पर लागू नहीं होता है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस मेहरोज़ के. पठान ने विशाल सुनील इंगले नामक 24 वर्षीय व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी। इंगले भारतीय सेना में अग्निवीर हैं और उन्होंने अपनी डिस्चार्ज अर्जी खारिज किए जाने को चुनौती दी थी। 3 नवंबर के इस आदेश के जरिए अदालत ने मामले को ट्रायल तक ले जाने की अनुमति दे दी है।
इस मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि अक्टूबर 2025 में विशाल सुनील इंगले ने शादी का झूठा वादा करके उनका यौन शोषण किया था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, इंगले के वकील ने दलील दी थी कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, जो यौन उत्पीड़न से संबंधित है, केवल 'महिला' (जिसकी परिभाषा स्त्री मानव के रूप में है) पर लागू होती है, ट्रांसजेंडर शिकायतकर्ता पर नहीं।
अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया और जेंडर आइडेंटिटी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के नालसा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के फैसले का आधार लिया। अदालत ने नोट किया कि FIR पढ़ने से पता चलता है कि पीड़ित ने अपनी पहचान एक महिला के रूप में की है और जब आरोपी डिस्चार्ज की मांग कर रहा हो, तब इस आत्म-निर्धारण पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। इसके अलावा, अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता ने अपनी जेंडर आइडेंटिटी के लिए हार्मोन ट्रीटमेंट भी लिया था।
बचाव पक्ष ने ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) एक्ट, 2019 की प्रयोज्यता पर भी सवाल उठाया था, क्योंकि शिकायतकर्ता को कथित घटनाओं के बाद पहचान प्रमाण पत्र मिला था। हालांकि, अदालत ने निर्धारित किया कि प्रमाण पत्र बाद में मिलने के बावजूद वह इस कानून के तहत संरक्षण प्राप्त कर सकते हैं।
अदालत ने पाया कि इंगले के खिलाफ BNS की धारा 75 और ट्रांसजेंडर पर्सन्स एक्ट की धारा 18(डी) के तहत कार्रवाई करने के लिए चार्जशीट में पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है। इंगले ने दावा किया था कि शारीरिक संबंध आपसी सहमति से थे, लेकिन अदालत ने कहा कि इस मामले की जांच ट्रायल के दौरान की जाएगी।
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