पति की हत्या के लिए मौत की सजा पाने वाली रविता और अमरदीप ने हाई कोर्ट में की अपील
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिला अदालत की मृत्युदंड की सजा के खिलाफ याचिका स्वीकार की, 5 नवंबर को होगी सुनवाई
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 6:25 · अपडेट सुबह 7:07 · 3 मिनट का पाठ
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उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के अकबरपुर सादात गांव में अपने पति अमित कश्यप की हत्या के जुर्म में फांसी की सजा पाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने जिला अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील दायर की है। इस मामले में जिला अदालत के फैसले के खिलाफ की गई याचिका को हाई कोर्ट द्वारा स्वीकार कर लिया गया है और इस मामले में अगली सुनवाई 5 नवंबर को तय की गई है।
इस मामले में आरोपी पक्ष के वकील आदेश कुमार ने बताया कि हाई कोर्ट में याचिका स्वीकार कर ली गई है और अब 5 नवंबर को इस मामले की सुनवाई की जाएगी। इससे पहले 16 अक्टूबर को मेरठ के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज जयवीर सिंह ने इस मामले को 'दुर्लभतम से दुर्लभ' (rarest of rare) मानते हुए रविता और अमरदीप दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी।
अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरी घटना के पीछे प्रेम संबंधों का विवाद था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अकबरपुर सादात गांव की निवासी रविता के अपने ही गांव के अमरदीप के साथ प्रेम संबंध थे। जब रविता के पति अमित कश्यप ने इन संबंधों का विरोध किया, तो रविता और अमरदीप ने मिलकर अमित की हत्या की खतरनाक योजना बनाई।
इस हत्या की योजना 12 अप्रैल 2025 की रात को बनाई गई थी। रविता और उसके प्रेमी ने मिलकर अमित कश्यप का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। इस हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए आरोपियों ने एक अत्यंत विचित्र और क्रूर युक्ति अपनाई। वे चाहते थे कि अमित की मृत्यु किसी आपराधिक साजिश के कारण नहीं बल्कि जहरीले सांप के काटने से हुई हो, ऐसा प्रतीत हो।
इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए आरोपियों ने अमित के शव पर एक सांप छोड़ दिया। हालांकि, पुलिस जांच के दौरान दोनों आरोपियों की इस साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद 16 अप्रैल 2025 को रविता और अमरदीप की गिरफ्तारी की गई थी। अदालत में चले ट्रायल के बाद न्यायाधीश ने दोनों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।
अब आरोपी पक्ष की ओर से एडवोकेट आदेश कुमार हाई कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ लड़ेंगे। जिला अदालत के इस कड़े फैसले के बाद अब सबकी नजरें 5 नवंबर को होने वाली हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। इस मामले में जांच में यह बात सामने आई थी कि आरोपियों ने हत्या को दुर्घटना बताने के लिए सांप का उपयोग करके साजिश रची थी।
मेरठ जिला अदालत ने इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए सजा सुनाई थी। आरोपियों द्वारा की गई अपील अब उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, जहां उनके मृत्युदंड के फैसले को चुनौती दी गई है।
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